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झारखंड की स्पोर्ट्स सिटी में 30 एकड़ में फैला जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बना युवा खिलाड़ियों की नई उम्मीदझारखंड
28 अग॰ 2026, 10:10 am (1 घंटे पहले)· 3

झारखंड की स्पोर्ट्स सिटी में 30 एकड़ में फैला जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बना युवा खिलाड़ियों की नई उम्मीद

वर्ष 1991 में स्थापित जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जमशेदपुर में खेल प्रतिभाओं को निखारने का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। 30 एकड़ में फैले इस अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में आधुनिक ट्रेनिंग अकादमियों और हाई परफॉर्मेंस सेंटर के जरिए एथलीटों को विश्वस्तरीय सुविधाएं दी जा रही हैं।

झारखंड के औद्योगिक परिदृश्य में जमशेदपुर को केवल इस्पात उत्पादन के लिए ही नहीं जाना जाता, बल्कि इस शहर ने देश के खेल मानचित्र पर भी अपनी एक विशेष पहचान बनाई है। जमशेदपुर को राज्य की स्पोर्ट्स सिटी का दर्जा दिलाने में 30 एकड़ के विशाल भूभाग में बने जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वर्ष 1991 में जब इस भव्य खेल परिसर का उद्घाटन हुआ, तब प्रसिद्ध उद्योगपति जेआरडी टाटा ने इसे स्थानीय नागरिकों और युवा खिलाड़ियों को समर्पित किया था। बीते तीन दशकों से अधिक समय से यह केंद्र न केवल राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं का आयोजन कर रहा है, बल्कि उदीयमान खिलाड़ियों के सपनों को साकार करने के लिए एक मजबूत आधार स्तंभ बना हुआ है।

झारखंड की खेल राजधानी का मुख्य केंद्र

पूर्वी भारत के प्रमुख खेल केंद्रों में शुमार यह कॉम्प्लेक्स प्रतिदिन सैकड़ों एथलीटों, प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों की चहल-पहल से गुलजार रहता है। यहाँ बुनियादी ढांचे को इस तरह डिजाइन किया गया है कि नए खिलाड़ियों से लेकर पेशेवर एथलीटों तक सभी को अपनी क्षमताओं को निखारने का अवसर मिले। जेआरडी टाटा द्वारा रोपे गए इस पौधे ने अब एक वटवृक्ष का रूप ले लिया है, जहाँ विभिन्न खेलों के प्रशिक्षण के लिए आधुनिक उपकरण और समर्पित मैदान उपलब्ध कराए गए हैं।

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विश्वस्तरीय फुटबॉल मैदान और सिंथेटिक ट्रैक

इस बहुउद्देश्यीय खेल परिसर का सबसे मुख्य आकर्षण यहाँ का अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया गया फुटबॉल मैदान है। इसके चारों ओर 8 लेन का सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक बनाया गया है, जो दौड़ने वाले धावकों को उच्च स्तरीय अभ्यास की सुविधा प्रदान करता है। वर्ष 2017 से यह विशाल स्टेडियम इंडियन सुपर लीग की टीम जमशेदपुर एफसी के घरेलू मैदान के रूप में कार्य कर रहा है। जब भी यहाँ बड़े फुटबॉल मैच आयोजित होते हैं, तो हजारों की संख्या में दर्शक दीर्घा में मौजूद प्रशंसक अपने शोर और उत्साह से पूरे परिसर को गुंजायमान कर देते हैं। इस मैदान पर केवल पेशेवर मैच ही नहीं होते, बल्कि स्कूली छात्र और स्थानीय क्लबों के खिलाड़ी भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं।

विविध खेलों का एक अनूठा स्पोर्ट्स हब

फुटबॉल के अतिरिक्त इस परिसर में खेलों की एक विस्तृत श्रृंखला के लिए अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है। एथलेटिक्स और फुटबॉल के अलावा यहाँ तीरंदाजी, बास्केटबॉल, फील्ड हॉकी, हैंडबॉल, तैराकी, टेबल टेनिस, लॉन टेनिस तथा वॉलीबॉल जैसे खेलों का नियमित अभ्यास होता है। तैराकों के लिए परिसर के भीतर ओलंपिक मानकों वाला स्विमिंग पूल मौजूद है। इसके अलावा मुक्केबाजों के लिए विशेष बॉक्सिंग सेंटर, स्केटिंग प्रेमियों के लिए स्केटिंग एरिया, समर्पित आर्चरी ग्राउंड, टेबल टेनिस हॉल, चेस सेंटर और एक आधुनिक जिम भी स्थापित किया गया है। एक ही छत के नीचे इतने सारे खेलों का विकल्प मिलने से खिलाड़ियों को बहुआयामी प्रशिक्षण का वातावरण मिलता है।

वैज्ञानिक प्रशिक्षण और हाई परफॉर्मेंस सेंटर

खेल सुविधाओं के साथ-साथ इस कॉम्प्लेक्स में खिलाड़ियों के कौशल को निखारने के लिए विशेष अकादमियाँ भी स्थापित की गई हैं। टाटा आर्चरी अकादमी और टाटा एथलेटिक्स अकादमी जैसे विश्व प्रसिद्ध संस्थानों ने यहाँ से कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के पदक विजेता तैयार किए हैं। इन अकादमियों में एथलीटों को वैज्ञानिक और योजनाबद्ध तरीके से कोचिंग दी जाती है। खेल विकास की इसी कड़ी में वर्ष 2019 में परिसर के भीतर एक हाई परफॉर्मेंस सेंटर की शुरुआत की गई। यह सेंटर आधुनिक स्पोर्ट्स साइंस की मदद से खिलाड़ियों की शारीरिक फिटनेस, चोटों से उबरने की प्रक्रिया और खेल प्रदर्शन के विश्लेषण पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है।

टाटा स्टील का विजन और युवा प्रतिभाओं की तराश

यह स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स सिर्फ पदक जीतने या मैच आयोजित करने का स्थान नहीं है, बल्कि यह जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की खोज और उनके सर्वांगीण विकास की एक बड़ी प्रयोगशाला है। वर्षों से यहाँ स्कूली खेल दिवस, राज्यस्तरीय प्रतियोगिताएँ और निरंतर प्रशिक्षण शिविर आयोजित होते रहे हैं। टाटा स्टील की खेल नीति का मुख्य उद्देश्य युवाओं को खेलकूद से जोड़ना और उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए एक पारदर्शी मंच प्रदान करना है। 1991 में शुरू हुई यह यात्रा आज भी पूरी ऊर्जा के साथ जारी है, जहाँ फुटबॉल का रोमांच, ट्रैक पर धावकों की गति, तीरंदाजों की एकाग्रता और इंडोर खेलों की चुनौती मिलकर एक जीवंत वातावरण का निर्माण करती है।

सवाल-जवाब

जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स कहाँ स्थित है और इसका उद्घाटन कब हुआ था?
यह खेल परिसर झारखंड के जमशेदपुर शहर में स्थित है और इसे वर्ष 1991 में उद्योगपति जेआरडी टाटा द्वारा नागरिकों को समर्पित किया गया था।
जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स कितने क्षेत्र में फैला हुआ है?
यह विशाल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जमशेदपुर में लगभग 30 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है।
कौन सी पेशेवर फुटबॉल टीम इस स्टेडियम को अपने होम ग्राउंड के रूप में उपयोग करती है?
इंडियन सुपर लीग की फुटबॉल टीम जमशेदपुर एफसी वर्ष 2017 से इस स्टेडियम को अपने होम ग्राउंड के रूप में इस्तेमाल कर रही है।
इस परिसर में एथलीटों के लिए कौन सा मुख्य ट्रैक उपलब्ध है?
यहाँ अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल मैदान के चारों ओर 8 लेन का सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक बनाया गया है।
यहाँ कौन-कौन सी प्रमुख खेल अकादमियाँ संचालित होती हैं?
यहाँ टाटा आर्चरी अकादमी और टाटा एथलेटिक्स अकादमी जैसी प्रतिष्ठित अकादमियाँ संचालित की जाती हैं।
स्पोर्ट्स साइंस आधारित हाई परफॉर्मेंस सेंटर की शुरुआत कब हुई थी?
खिलाड़ियों के प्रदर्शन और फिटनेस को बेहतर बनाने के लिए वर्ष 2019 में हाई परफॉर्मेंस सेंटर शुरू किया गया था।
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टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·51 मिनट पहले

एक अपराध और न्याय व्यवस्था के संवाददाता के रूप में, मेरा मानना है कि युवाओं के लिए ऐसे विश्वस्तरीय खेल परिसर सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर भी अत्यंत सकारात्मक भूमिका निभाते हैं। जब 30 एकड़ में फैले इस स्टेडियम जैसी सुविधाएं उदीयमान खिलाड़ियों को सही दिशा और व्यस्तता देती हैं, तो युवा ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग होता है, जिससे अपराध की प्रवृत्तियों में स्वतः कमी आती है और समाज में अनुशासन मजबूत होता है।

Rohan Verma@rohan-verma·50 मिनट पहले

करन मल्होत्रा के इस विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, उत्तर प्रदेश की ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान मैंने अक्सर यह अनुभव किया है कि जमीनी स्तर पर ऐसे बहुउद्देशीय खेल परिसर युवाओं को अपराध और असामाजिक गतिविधियों से भटकाने का सबसे प्रभावी माध्यम बनते हैं। जब 30 एकड़ में फैले इस जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसे केंद्र तीरंदाजी, मुक्केबाजी और तैराकी जैसी अकादमियों के जरिए प्रतिभाओं को मंच देते हैं, तो वह ऊर्जा सीधे सकारात्मक दिशा में मुड़ जाती है। पूर्वी भारत के इस प्रमुख खेल केंद्र की तर्ज पर अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी खेल बुनियादी ढांचे का विकास किया जाना चाहिए, ताकि युवा ऊर्जा को सही दिशा मिल सके और सामाजिक अनुशासन मजबूत हो सके।

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