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लखनऊ निवासी 18 वर्षीय बी.टेक प्रथम वर्ष छात्र आदित्य तिवारी ने निम्स यूनिवर्सिटी गार्नेक भवन की 15वीं मंजिली इमारत से कूदकर दी जानराजस्थान
26 अग॰ 2026, 12:00 pm (2 घंटे पहले)· 2

लखनऊ निवासी 18 वर्षीय बी.टेक प्रथम वर्ष छात्र आदित्य तिवारी ने निम्स यूनिवर्सिटी गार्नेक भवन की 15वीं मंजिली इमारत से कूदकर दी जान

जयपुर के चंदवाजी स्थित निम्स यूनिवर्सिटी के गार्नेक हॉस्टल की 15वीं मंजिल से गिरकर लखनऊ के 18 वर्षीय छात्र आदित्य तिवारी की मौत हो गई। पुलिस लॉक मोबाइल फोन और हॉस्टल के छात्रों से पूछताछ के जरिए कारणों का पता लगा रही है।

जयपुर जिले के चंदवाजी थाना क्षेत्र में स्थित निम्स यूनिवर्सिटी परिसर के गार्नेक हॉस्टल में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां बी.टेक प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहे 18 वर्षीय छात्र आदित्य तिवारी ने मंगलवार देर शाम हॉस्टल की 15वीं मंजिल से छलांग लगा दी। इतनी अत्यधिक ऊंचाई से गिरने के कारण छात्र की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मूल रूप से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के रहने वाले आदित्य की इस अचानक हुई मौत के बाद पूरे विश्वविद्यालय परिसर और छात्र समुदाय में गहरा सन्नाटा और दहशत का माहौल बन गया है।

गार्नेक हॉस्टल में घटना के वक्त का घटनाक्रम

मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार आदित्य तिवारी विश्वविद्यालय के गार्नेक हॉस्टल के एक कमरे में अपने दो अन्य साथियों मयंक यादव और अंकित सिंह के साथ रह रहे थे। जिस समय यह दर्दनाक हादसा हुआ, उस दौरान उनके दोनों रूम पार्टनर कमरे में मौजूद नहीं थे। दोनों साथी कॉलेज परिसर से बाहर टहलने और घूमने गए हुए थे, जिसके कारण कमरे में आदित्य अकेले ही थे। इसी दौरान वे हॉस्टल की 15वीं मंजिल पर पहुंचे और वहां से नीचे कूद गए। तेज आवाज सुनकर हॉस्टल में मौजूद अन्य छात्र और सुरक्षाकर्मी तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े, लेकिन तब तक आदित्य दम तोड़ चुके थे।

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दो दिन से कॉलेज से अनुपस्थिति और बंद स्मार्टफोन

हादसे की सूचना मिलते ही चंदवाजी थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीक मुआयना किया। जांच के दौरान पुलिस ने मृतक छात्र का मोबाइल फोन कब्जे में ले लिया है। हालांकि, स्मार्टफोन पर सुरक्षा कोड और पैटर्न लॉक लगा होने की वजह से पुलिस शुरुआती जांच में उसके संदेशों या कॉल रिकॉर्ड को खंगाल नहीं पाई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरुआती पूछताछ में यह तथ्य भी सामने आया है कि आदित्य पिछले दो दिनों से कॉलेज की कक्षाओं में भी नहीं जा रहे थे। पुलिस अब तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से फोन को अनलॉक कराने की कोशिश कर रही है ताकि उनकी गतिविधियों का सुराग मिल सके।

मोर्चरी में रखा गया शव, परिजनों का इंतजार

मामले की जांच कर रहे चंदवाजी थानाधिकारी राजबीर सिंह ने बताया कि मंगलवार देर शाम छात्र के हॉस्टल की 15वीं मंजिल से कूदने की जानकारी प्राप्त हुई थी। पुलिस ने छात्र के परिजनों को लखनऊ में सूचित कर दिया है। परिजनों के जयपुर पहुंचने के बाद ही शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और आगे की आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वर्तमान में आदित्य के शव को निम्स अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया गया है। इसके अलावा पुलिस हॉस्टल में रहने वाले अन्य छात्रों, सहपाठियों और दोस्तों से भी गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह समझा जा सके कि पिछले दो दिनों के दौरान आदित्य किस तरह के तनाव या मानसिक स्थिति से गुजर रहे थे।

मानसिक स्वास्थ्य सहायता और जीवनसाथी हेल्पलाइन

यदि आप या आपके आसपास का कोई व्यक्ति अत्यधिक मानसिक तनाव, डिप्रेशन या खुद को नुकसान पहुंचाने जैसे विचारों से जूझ रहा है, तो इसे एक गंभीर स्थिति मानकर तुरंत मदद लेनी चाहिए। ऐसे कठिन समय में पेशेवर सलाह और समय पर मिली सहायता से जीवन बचाया जा सकता है। भारत सरकार द्वारा संचालित जीवनसाथी हेल्पलाइन नंबर 18002333330 पर संपर्क करके तुरंत आवश्यक सहायता और परामर्श प्राप्त किया जा सकता है।

सवाल-जवाब

निम्स यूनिवर्सिटी में मृतक छात्र का क्या नाम था और वह कहां का रहने वाला था?
मृतक छात्र का नाम 18 वर्षीय आदित्य तिवारी था, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ का रहने वाला था।
आदित्य तिवारी किस कोर्स की पढ़ाई कर रहे थे और किस हॉस्टल में रहते थे?
आदित्य निम्स यूनिवर्सिटी में बी.टेक प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहे थे और परिसर के गार्नेक हॉस्टल में रहते थे।
घटना के समय आदित्य के रूम पार्टनर कहां थे?
घटना के समय आदित्य के रूम पार्टनर मयंक यादव और अंकित सिंह कमरे में मौजूद नहीं थे, वे कॉलेज परिसर से बाहर घूमने गए हुए थे।
मामले की जांच कर रही चंदवाजी पुलिस को शुरुआती जांच में क्या मिला?
पुलिस को मौके से छात्र का मोबाइल फोन मिला है जो पैटर्न लॉक है, और जांच में पता चला कि आदित्य पिछले दो दिनों से कक्षाओं में नहीं जा रहे थे।
आपातकालीन स्थिति या मानसिक तनाव में सहायता के लिए कौन सा हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध है?
मानसिक तनाव या खुद को नुकसान पहुंचाने के विचारों की स्थिति में भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन नंबर 18002333330 पर संपर्क किया जा सकता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

उत्तर प्रदेश के लखनऊ से ताल्लुक रखने वाले छात्र की जयपुर में हुई यह दुखद घटना परिसरों में बढ़ते मानसिक दबाव और निगरानी तंत्र की कमियों को उजागर करती है। मृतक के पिछले दो दिनों से कक्षाओं से अनुपस्थित रहने और फोन लॉक होने जैसे पहलू पुलिस जांच को तकनीकी और मनोवैज्ञानिक दोनों दिशाओं में मोड़ने के लिए मजबूर करते हैं। परिजनों के पहुंचने के बाद होने वाले बयानों और फोन के अनलॉक होने से ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि छात्र किन परिस्थितियों से जूझ रहा था।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

इस मामले में तकनीकी फॉरेंसिक और मनोवैज्ञानिक प्रोफाइलिंग सबसे अहम साबित होगी। चूंकि छात्र पिछले दो दिनों से कक्षाओं से गायब था और उसका फोन लॉक है, इसलिए डिजिटल डंप के साथ-साथ उसके रूममेट्स और सहपाठियों से डीप-लेवल काउंसलिंग बेस्ड पूछताछ जरूरी है। यह देखना होगा कि शैक्षणिक दबाव या किसी अन्य कारण से वह किस हद तक आइसोलेशन में जा चुका था, जो आगे की कानूनी और तथ्यात्मक जांच की दिशा तय करेगा।

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