जयपुर जिले के चंदवाजी थाना क्षेत्र में स्थित निम्स यूनिवर्सिटी परिसर के गार्नेक हॉस्टल में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां बी.टेक प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहे 18 वर्षीय छात्र आदित्य तिवारी ने मंगलवार देर शाम हॉस्टल की 15वीं मंजिल से छलांग लगा दी। इतनी अत्यधिक ऊंचाई से गिरने के कारण छात्र की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मूल रूप से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के रहने वाले आदित्य की इस अचानक हुई मौत के बाद पूरे विश्वविद्यालय परिसर और छात्र समुदाय में गहरा सन्नाटा और दहशत का माहौल बन गया है।
गार्नेक हॉस्टल में घटना के वक्त का घटनाक्रम
मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार आदित्य तिवारी विश्वविद्यालय के गार्नेक हॉस्टल के एक कमरे में अपने दो अन्य साथियों मयंक यादव और अंकित सिंह के साथ रह रहे थे। जिस समय यह दर्दनाक हादसा हुआ, उस दौरान उनके दोनों रूम पार्टनर कमरे में मौजूद नहीं थे। दोनों साथी कॉलेज परिसर से बाहर टहलने और घूमने गए हुए थे, जिसके कारण कमरे में आदित्य अकेले ही थे। इसी दौरान वे हॉस्टल की 15वीं मंजिल पर पहुंचे और वहां से नीचे कूद गए। तेज आवाज सुनकर हॉस्टल में मौजूद अन्य छात्र और सुरक्षाकर्मी तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े, लेकिन तब तक आदित्य दम तोड़ चुके थे।
दो दिन से कॉलेज से अनुपस्थिति और बंद स्मार्टफोन
हादसे की सूचना मिलते ही चंदवाजी थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीक मुआयना किया। जांच के दौरान पुलिस ने मृतक छात्र का मोबाइल फोन कब्जे में ले लिया है। हालांकि, स्मार्टफोन पर सुरक्षा कोड और पैटर्न लॉक लगा होने की वजह से पुलिस शुरुआती जांच में उसके संदेशों या कॉल रिकॉर्ड को खंगाल नहीं पाई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरुआती पूछताछ में यह तथ्य भी सामने आया है कि आदित्य पिछले दो दिनों से कॉलेज की कक्षाओं में भी नहीं जा रहे थे। पुलिस अब तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से फोन को अनलॉक कराने की कोशिश कर रही है ताकि उनकी गतिविधियों का सुराग मिल सके।
मोर्चरी में रखा गया शव, परिजनों का इंतजार
मामले की जांच कर रहे चंदवाजी थानाधिकारी राजबीर सिंह ने बताया कि मंगलवार देर शाम छात्र के हॉस्टल की 15वीं मंजिल से कूदने की जानकारी प्राप्त हुई थी। पुलिस ने छात्र के परिजनों को लखनऊ में सूचित कर दिया है। परिजनों के जयपुर पहुंचने के बाद ही शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और आगे की आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वर्तमान में आदित्य के शव को निम्स अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया गया है। इसके अलावा पुलिस हॉस्टल में रहने वाले अन्य छात्रों, सहपाठियों और दोस्तों से भी गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह समझा जा सके कि पिछले दो दिनों के दौरान आदित्य किस तरह के तनाव या मानसिक स्थिति से गुजर रहे थे।
मानसिक स्वास्थ्य सहायता और जीवनसाथी हेल्पलाइन
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