राजस्थान के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व वाले रानी मारवाड़ रेलवे स्टेशन की कायाकल्प प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरणों में पहुंच गई है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत करोड़ों रुपये की स्वीकृत लागत से स्टेशन का व्यापक पुनर्विकास किया जा रहा है। उत्तर पश्चिम रेलवे प्रशासन के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट का 80 प्रतिशत से अधिक निर्माण कार्य सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया गया है। इस पुनर्विकास परियोजना के पूरा होने के पश्चात यहां आने वाले रेल यात्रियों को न केवल विश्वस्तरीय और आधुनिक स्टेशन भवन का अनुभव मिलेगा, बल्कि विभिन्न प्रकार की नई नागरिक व तकनीकी सुविधाओं का लाभ भी प्राप्त होगा।
डीआरएम ने किया जमीनी निरीक्षण और अधिकारियों को दिए निर्देश
स्टेशन पर चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की भौतिक प्रगति की समीक्षा करने के लिए अजमेर मंडल रेल प्रबंधक (DRM) राजू भूतड़ा ने हाल ही में रानी रेलवे स्टेशन का दौरा किया। अपने इस विस्तृत निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माणाधीन मुख्य भवन, प्लेटफॉर्म परिसर और यात्री सुविधा केंद्रों की बारीकी से जांच की। मौके पर मौजूद वरिष्ठ रेल अधिकारियों, इंजीनियरों और कार्यदायी एजेंसियों के ठेकेदारों से बातचीत करते हुए उन्होंने प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट ली। डीआरएम ने अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि बचे हुए सभी निर्माण और फिनिशिंग कार्यों को तय की गई समय सीमा के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता में किसी भी तरह के समझौते न करने और यात्रियों की सुविधा तथा सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने का कड़ा निर्देश दिया।
महाराणा प्रताप की प्रतिमा और कलाकृतियों से झलकेगी राजस्थानी संस्कृति
परियोजना के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक मिहिर देव ने बताया कि स्टेशन के मुख्य भवन और सामने स्थित विशाल पोर्च का निर्माण कार्य पूरी तरह से समाप्त कर लिया गया है। इस नई इमारत को आधुनिक स्थापत्य कला के अनुसार डिजाइन किया गया है, जबकि इसके आंतरिक परिसरों और वेटिंग हॉल की दीवारों पर स्थानीय कला तथा मारवाड़ व मेवाड़ की ऐतिहासिक संस्कृति पर आधारित मनमोहक पेंटिंग्स बनाई जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, यात्रियों में देशप्रेम और क्षेत्रीय गौरव का संचार करने के उद्देश्य से स्टेशन के प्रथम प्रवेश द्वार पर मेवाड़ के स्वाभिमानी वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की एक विशाल और भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है। यह प्रतिमा स्टेशन पर आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों और स्थानीय यात्रियों को राजस्थान के शौर्यपूर्ण इतिहास से परिचित कराएगी।
कोटा स्टोन प्लेटफॉर्म और 15 हजार वर्ग मीटर से अधिक सर्कुलेटिंग एरिया तैयार
यात्रियों की सहूलियत और स्टेशन के सौंदर्यीकरण को ध्यान में रखते हुए परिसर में बड़े पैमाने पर ढांचागत बदलाव किए गए हैं। स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 1 और प्लेटफॉर्म संख्या 2 पर लगभग 15,000 वर्ग मीटर के विशाल क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाला कोटा स्टोन बिछाने का काम पूरा हो चुका है, जिससे प्लेटफॉर्म की सफाई और आवाजाही सुगम होगी। इसके साथ ही, स्टेशन के पहले और दूसरे प्रवेश द्वारों को जोड़ते हुए 15,492 वर्ग मीटर का एक अत्यंत विस्तृत सर्कुलेटिंग एरिया तैयार किया गया है। वाहनों के सुचारू आवागमन और व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था के लिए 2,000 वर्ग मीटर में फैला एक नया पार्किंग जोन निर्मित किया गया है। भीषण गर्मी और बारिश के दौरान यात्रियों को मौसम की मार से बचाने के लिए 687 वर्ग मीटर क्षेत्र में आधुनिक शेल्टर का निर्माण भी संपन्न हो चुका है।
तकनीकी सुविधाओं और यात्री सुरक्षा कार्यों की वर्तमान स्थिति
तकनीकी उन्नयन और यात्री सुरक्षा के मामले में रानी रेलवे स्टेशन पर अनेक कार्य अंतिम चरण में हैं। स्टेशन भवन की संपूर्ण वायरिंग, प्लेटफॉर्म तथा सर्कुलेटिंग एरिया में उच्च क्षमता वाली लाइटिंग, अत्याधुनिक पब्लिक अनाउंसमेंट (PA) सिस्टम और कोच पोजीशन डिस्प्ले सिस्टम का काम 100 प्रतिशत पूरा हो चुका है। दूर से ही स्टेशन की पहचान कराने वाले LED ग्लो साइन बोर्ड का 90 प्रतिशत काम पूरा हो गया है, जबकि दिव्यांगजनों की सुगम आवाजाही के लिए बनाई जा रही हैंडरेल का 80 प्रतिशत कार्य संपन्न हो चुका है। स्टेशन की बाहरी सुंदरता बढ़ाने वाली फसाड लाइटिंग का कार्य 70 प्रतिशत पूरा किया जा चुका है। बुजुर्गों, असहायों और दिव्यांग यात्रियों के लिए निर्माणाधीन दो लिफ्टों का 50 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। इसके अलावा वेटिंग हॉल के नवीनीकरण, फुटओवर ब्रिज (FOB) और आधुनिक शौचालय ब्लॉक के शेष कार्यों को भी तेजी से निपटाया जा रहा है।



















