देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान आईआईटी दिल्ली के परिसर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब शनिवार सुबह एक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक छात्र की उम्र 31 साल थी और वह एमएससी फिजिक्स का छात्र था। घटना की जानकारी मिलने के बाद तुरंत पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी गई। शुरुआती पड़ताल में यह बात सामने आई है कि छात्र ने कथित तौर पर इमारत की छठी मंजिल से छलांग लगाई थी, जिससे उसकी गंभीर रूप से हालत बिगड़ गई।
सुबह सवेरे मिली पुलिस को सूचना
दिल्ली पुलिस को इस पूरे घटनाक्रम की सूचना शनिवार सुबह करीब 8 बजकर 33 मिनट पर मिली थी। पुलिस नियंत्रण कक्ष को फोन के जरिए यह जानकारी दी गई कि आईआईटी दिल्ली कैंपस के भीतर एक छात्र गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही किशनगढ़ थाने की पुलिस टीम तत्काल हरकत में आई और बिना किसी देरी के मौके पर रवाना हो गई। पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची तो उन्होंने घायल छात्र को तुरंत उठाकर दिल्ली स्थित आईआईटी कैंपस के अपने अस्पताल में पहुंचाया। हालांकि, वहां मौजूद डॉक्टरों ने जांच के बाद छात्र को मृत घोषित कर दिया।
परिसर में दाखिल होने के बाद की घटना
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि यह 31 वर्षीय छात्र फिजिक्स विभाग में अपनी पढ़ाई कर रहा था। घटना वाले दिन यानी शनिवार को सुबह करीब 8 बजे उसने आईआईटी दिल्ली के मुख्य प्रवेश द्वार से कैंपस के अंदर कदम रखा था। मुख्य गेट से अंदर आने के बाद वह सीधे लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स की तरफ गया था। कुछ ही देर बाद इस दुखद घटना के बारे में जानकारी सामने आई, जिसने पूरे शैक्षणिक माहौल को झकझोर कर रख दिया।
क्राइम और एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच की टीम और फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी यानी FSL की टीम को भी तुरंत मौके पर बुलाया गया। दोनों विशेष टीमों ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और वहां से तमाम जरूरी वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। अब तक की शुरुआती जांच और शरीर के निरीक्षण के बाद यह बात सामने आई है कि छात्र के शरीर पर ऊंचाई से गिरने की वजह से आई चोटों के अलावा किसी भी अन्य बाहरी या संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं।
मोबाइल फोन बरामद, सुसाइड नोट नहीं मिला
जांच अधिकारियों को तलाशी के दौरान घटनास्थल से या मृतक के पास से कोई भी सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। हालांकि, छात्र की जेब से उसका मोबाइल फोन जरूर मिला है। पुलिस इस मोबाइल फोन को अपने कब्जे में लेकर नियमानुसार तकनीकी जांच के लिए भेज रही है, ताकि कॉल रिकॉर्ड, चैट और अन्य गतिविधियों से कुछ सुराग मिल सके। इसके अलावा घटना से जुड़े जितने भी अन्य पहलू हैं, उन सभी को बेहद बारीकी से खंगाला जा रहा है ताकि इस कदम के पीछे की असली वजह का पता लगाया जा सके।
काउंसलिंग रिकॉर्ड और संस्थान की प्रतिक्रिया
मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस अब आईआईटी प्रशासन से संपर्क साध रही है। छात्र के काउंसलिंग रिकॉर्ड और अन्य शैक्षणिक दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है ताकि यह समझा जा सके कि वह किसी मानसिक दबाव या तनाव से तो नहीं गुजर रहा था। इस पूरे हादसे पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए आईआईटी दिल्ली ने कहा कि संस्थान 22 अगस्त 2026 को एमएससी के एक छात्र की इस दुखद और असामयिक मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त करता है। संस्थान ने स्पष्ट किया कि दिल्ली पुलिस इस पूरे मामले की अपने स्तर पर जांच कर रही है और उनकी गहरी संवेदनाएं तथा प्रार्थनाएं इस मुश्किल वक्त में शोक-संतप्त परिवार के साथ हैं। साथ ही, संस्थान की ओर से पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता भी प्रदान की जा रही है।





















