राजस्थान की राजधानी में प्रशासनिक अधिकारियों की ग्राउंड पर सक्रियता का अनूठा नजारा देखने को मिला, जब जिला कलेक्टर संदेश नायक आधी रात को खुद व्यवस्थाओं की धरातली हकीकत जानने सड़कों पर उतर आए। वीआईपी संस्कृति और भारी-भरकम लवाजमे को दूर रखते हुए उन्होंने अपनी आधिकारिक चौपहिया सवारी छोड़ दी और दोपहिया वाहन की सवारी चुनी। शहर के ऐतिहासिक परकोटा क्षेत्र की संकरी वीथियों, अंदरूनी गलियों तथा प्रमुख व्यापारिक परिसरों में रात्रिकालीन स्वच्छता अभियानों का वास्तविक स्तर आंकने के लिए उन्होंने खुद मौके पर जाकर निरीक्षण कार्य को अंजाम दिया। इस औचक दौरे से प्रशासनिक महकमे और स्वच्छता कार्यकर्ताओं के बीच मुस्तैदी देखने को मिली।
अजमेरी गेट से शुरू हुआ रात्रिकालीन निरीक्षण का सफर
इस विशेष अभियान की शुरुआत अजमेरी गेट से हुई, जहां से प्रशासनिक दल स्कूटी पर सवार होकर परकोटे के भीतर दाखिल हुआ। वाहन संचालन की जिम्मेदारी एडीएम पूर्व नरेंद्र कुमार वर्मा ने संभाली हुई थी, जबकि पीछे की सीट पर सवार जिला कलेक्टर संदेश नायक पूरे रास्ते दोनों तरफ की सड़कों, फुटपाथों और रिहाइशी परिसरों के मोर्चों पर नजर गड़ाए रहे। परकोटे के पारंपरिक बाजारों और घनी आबादी वाले इलाकों में चौपहिया वाहनों की आवाजाही दुष्कर होती है, इसी व्यावहारिक चुनौती को समझते हुए अधिकारियों ने स्कूटी का विकल्प चुना ताकि तंग से तंग गलियों में भी बिना किसी बाधा के पहुंचा जा सके और कोने-कोने में सफाई व्यवस्था की असल स्थिति देखी जा सके।
सफाई की बीट व्यवस्था और अपशिष्ट निस्तारण पर सख्त निर्देश
भ्रमण के दौरान कलेक्टर ने सड़कों, चौराहों और जल निकासी की नालियों को स्वच्छ रखने के उद्देश्य से तय की गई बीट व्यवस्था का सूक्ष्मता से मूल्यांकन किया। उन्होंने मौके पर तैनात अधिकारियों से इस बात की विस्तृत रिपोर्ट ली कि रात के समय कचरा संकलन और सड़कों की बुहारी का काम किस रूप में संचालित हो रहा है। संदेश नायक ने स्पष्ट निर्देश जारी किए कि रात्रिकालीन पाली में सफाई का काम पूरी क्षमता, पारदर्शिता और वैज्ञानिक दक्षता के साथ पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक मुस्तैदी का मुख्य ध्येय यही है कि जब शहरवासी सुबह अपने घरों से बाहर निकलें, तो उन्हें एकदम स्वच्छ, सुंदर और स्वास्थ्यप्रद वातावरण उपलब्ध मिले।
खान-पान के बाजारों और व्यावसायिक स्थलों पर विशेष ध्यान
परकोटे के खान-पान के लिए प्रसिद्ध बाजारों तथा देर रात तक खुलने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के आसपास जमा होने वाले कचरे पर विशेष ध्यानाकर्षण किया गया। जिला कलेक्टर ने भोजनालयों, चाट-पकौड़ी के ठेलों और मिष्ठान भंडारों के बाहर फैले कचरे की स्थिति का अद्यतन जायजा लिया। अधिकारियों को ताकीद की गई कि देर रात तक दुकानें चलाने वाले व्यापारियों द्वारा सड़क पर कचरा फेंकने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाया जाए। सभी व्यावसायिक इकाइयों के बाहर अनिवार्य रूप से डस्टबिन की उपलब्धता सुनिश्चित कराने तथा दुकानों के बंद होते ही तुरंत कचरा उठाने की सुदृढ़ व्यवस्था कायम करने के सख्त निर्देश दिए गए।
आचार संहिता की समीक्षा और अधिकारियों की मौजूदगी
स्वच्छता निरीक्षण के साथ-साथ जिला कलेक्टर ने आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के मद्देनजर लागू होने वाली प्रशासनिक आचार संहिता से जुड़ी तैयारियों का भी जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अमले से चुनावी गाइडलाइंस के अनुपालन संबंधी कई अहम अपडेट्स प्राप्त किए। इस औचक रात्रिकालीन दौरे में जिला प्रशासन और नगर निगम के उच्चाधिकारियों का पूरा अमला सक्रिय दिखाई दिया। निरीक्षण दल में उपायुक्त स्वास्थ्य ओम थानवी तथा उपायुक्त राजस्व नवीन भारद्वाज सहित निगम और जिला प्रशासन के अनेक जिम्मेदार अफसर मौजूद रहे। देर रात किया गया यह धरातलीय निरीक्षण प्रशासनिक प्रतिबद्धता और जनसुविधाओं के प्रति जवाबदेही को रेखांकित करता है।




















