घर से भागकर एक नया जीवन शुरू करने का इरादा रखने वाले एक प्रेमी जोड़े की योजना उस समय अचानक संकट में पड़ गई, जब प्लेटफॉर्म पर बातचीत के दौरान उनकी ट्रेन छूट गई। जोधपुर से रवाना हुए इस जोड़े का 10.76 लाख रुपये की भारी भरकम नकद राशि और सोने-चांदी के आभूषणों से भरा बैग ट्रेन की बोगी में ही रह गया। घबराए प्रेमी जोड़े ने तुरंत मेड़ता रोड आरपीएफ अधिकारियों से संपर्क साधकर मदद की गुहार लगाई। रेलवे सुरक्षा बल ने बिना किसी देरी के त्वरित कार्रवाई करते हुए न केवल कीमती सामान से भरा बैग सुरक्षित ढूंढ निकाला, बल्कि दोनों बच्चों को उनके परिजनों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की।
प्लेटफॉर्म पर बातचीत में बीते पल और छूट गई ट्रेन
इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि एक स्कूली प्रेम कहानी से जुड़ी हुई है। 19 वर्षीय युवक और 17 वर्षीय नाबालिग लड़की एक ही विद्यालय में साथ अध्ययन करते थे। स्कूल के दौरान हुई जान-पहचान जल्द ही गहरी दोस्ती और फिर प्रेम संबंध में बदल गई। दोनों ने अपने परिवारों से दूर जाकर एक नई जिंदगी बसाने का फैसला किया। इस योजना के तहत गुरुवार सुबह दोनों अपने-अपने घरों से चुपचाप निकल गए। घर से निकलते समय वे अपने साथ भारी मात्रा में नकदी और बहुमूल्य गहने लेकर आए थे।
दोनों जोधपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे और वहां से साबरमती से लालगढ़ जाने वाली ट्रेन में सवार हो गए। उनका इरादा दूर किसी नए शहर में जाकर बसने का था। यात्रा के दौरान जब ट्रेन मेड़ता रोड रेलवे स्टेशन पर रुकी, तो दोनों कुछ समय के लिए नीचे प्लेटफॉर्म पर उतर आए। प्लेटफॉर्म पर खड़े होकर वे आपस में बातचीत करने में इस कदर मग्न हो गए कि उन्हें ट्रेन की सीटी और उसके रवाना होने का भान ही नहीं रहा। देखते ही देखते ट्रेन उनकी आंखों के सामने से स्टेशन छोड़कर आगे निकल गई।
आरपीएफ की त्वरित कार्रवाई और बैग की सुरक्षित बरामदगी
ट्रेन के स्टेशन से निकलते ही दोनों को अचानक होश आया कि उनका मुख्य बैग, जिसमें उनकी पूरी संपत्ति रखी थी, बोगी के अंदर ही छूट गया है। बैग में 10.76 लाख रुपये नकद के अलावा सोने और चांदी के बहुमूल्य गहने भी मौजूद थे। इतनी बड़ी रकम और आभूषण खो जाने के डर से दोनों बेहद घबरा गए और तुरंत मेड़ता रोड आरपीएफ थाना पहुंचे। उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद आरपीएफ जवानों को अपनी ट्रेन छूटने और उसमें छूटे नकदी से भरे बैग के बारे में पूरी जानकारी दी।
मामले की गंभीरता और भारी धनराशि को देखते हुए आरपीएफ अधिकारियों ने तुरंत मोर्चा संभाला। मुख्य सुरक्षा आयुक्त ज्योति कुमार सतीजा के स्पष्ट निर्देशों के तहत संबंधित स्टाफ को तुरंत अलर्ट मैसेज भेजा गया। नागौर आरपीएफ स्टाफ की सहायता से ट्रेन के अगले स्टेशन पहुंचने से पहले ही लक्षित कोच में गहन तलाश शुरू की गई। आरपीएफ टीम की मुस्तैदी के कारण ट्रेन में रखा बैग पूरी तरह सुरक्षित हालत में नीचे उतार लिया गया। जब अधिकारियों की मौजूदगी में बैग को खोलकर जांच की गई, तो उसमें से 10.76 लाख रुपये नकद और सोने-चांदी के आभूषण बरामद हुए।
गुमशुदगी की रिपोर्ट और परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया
लाखों की नकदी और आभूषणों की बरामदगी के बाद जब आरपीएफ अधिकारियों ने युवक और नाबालिग लड़की से गहराई से पूछताछ की तथा उनके परिवारों से संपर्क स्थापित किया, तो एक नया मोड़ सामने आया। परिजनों से बातचीत करने पर पता चला कि दोनों बच्चे अपने घरों से बिना बताए गायब थे और उनके संबंधित पुलिस थानों में अलग-अलग गुमशुदगी की रिपोर्ट पहले से ही दर्ज कराई जा चुकी थी।
सच्चाई सामने आने के बाद आरपीएफ ने तुरंत जोधपुर पुलिस से संपर्क साधा और पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक सूचना साझा की। इसके बाद कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए आरपीएफ ने 19 वर्षीय युवक, 17 वर्षीय नाबालिग लड़की और बरामद किए गए सामान को जोधपुर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। जोधपुर पुलिस की टीम ने आगे की कार्रवाई करते हुए दोनों को सुरक्षित उनके परिजनों के हवाले कर दिया। आरपीएफ की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से न केवल भारी धनराशि सुरक्षित बच गई, बल्कि रास्ता भटके दोनों बच्चों को भी सही समय पर उनके परिवारों से मिला दिया गया।





















