राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां कपासन उपखंड के दोवानी गांव में देर रात बिस्तर पर सो रहे एक अधेड़ को जहरीले सर्प ने डस लिया। कान के समीप डंक लगने से शरीर में तेजी से विष फैल गया, जिससे उनकी दुखद मौत हो गई। इस दुखद हादसे के बाद गांव में मातम और आक्रोश फैल गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने घेराबंदी करके उस विषधर को खोज निकाला और मार दिया।
गहरी नींद के दौरान कान के पास किया हमला
घटना दोवानी गांव की है, जहां रतन लाल गुर्जर रोज की भांति अपने मकान में विश्राम कर रहे थे। आधी रात के समय जब वे गहरी निद्रा में थे, तभी एक अत्यधिक विषैला सर्प उनके कमरे में दाखिल हो गया और उनके कान के पास डंक मार दिया। कटने का तीव्र दर्द महसूस होते ही रतन लाल की नींद खुल गई। उन्होंने असीम पीड़ा में तुरंत शोर मचाकर अपने परिवार के सदस्यों को मदद के लिए पुकारा।
अस्पताल ले जाने से पहले ही बिगड़ी स्थिति
पीड़ित की चीख सुनकर घर के लोग तेजी से उनके कमरे की तरफ दौड़े। स्वजन जब तक माजरा समझ पाते और प्राथमिक उपचार का कोई प्रयास करते, तब तक सांप के खतरनाक जहर का असर पूरे शरीर में फैलने लगा था। रतन लाल कुछ ही पलों में अचेत होकर जमीन पर गिर पड़े। उनकी ऐसी हालत देखकर परिजनों में चीख-पुकार मच गई और पूरे घर में हड़कंप मच गया।
चिकित्सकों ने कपासन अस्पताल में मृत लाया घोषित किया
परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने बिना कोई समय गंवाए बेहोश रतन लाल को तुरंत कपासन स्थित उप जिला चिकित्सालय पहुंचाया। वहां आपातकालीन ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सा अधिकारियों ने तत्काल मरीज की जांच की। हालांकि, विष का प्रभाव शरीर के महत्वपूर्ण अंगों तक तेजी से पहुंचने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की पुष्टि होते ही अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
ग्रामीणों ने सांप को ढूंढा, पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
इस हादसे की खबर फैलते ही दोवानी गांव में भारी डर और गुस्सा देखा गया। ग्रामीणों की टीम ने तुरंत मृतक के निवास स्थान और आसपास के परिसरों में सघन तलाशी अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के पश्चात ग्रामीणों ने छिपे हुए जहरीले सांप को ढूंढ निकाला और उसे वहीं खत्म कर दिया। सूचना मिलने पर कपासन थाना पुलिस उप जिला अस्पताल पहुंची, जहां अधिकारियों ने स्वजनों के बयान दर्ज कर आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूर्ण कीं। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के पश्चात उसे अंतिम संस्कार के लिए शोकाकुल परिवार को सौंप दिया।





















