जयपुर में राजपूत करणी सेना ने मिर्जापुर फिल्म के भीतर फिल्माए गए शूरवीर गाने को लेकर तीखा विरोध दर्ज कराया है और इसके निर्माताओं को कड़ी चेतावनी दी है। करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल मकराना ने मांग की है कि इस गाने को अगले चौबीस घंटे के भीतर फिल्म से पूरी तरह से हटा दिया जाए। संगठन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर इस गाने को नहीं हटाया गया, तो देश भर के सिनेमाघरों में इस फिल्म को किसी भी कीमत पर प्रदर्शित नहीं होने दिया जाएगा।
महाराणा प्रताप की तुलना को लेकर गहरा रोष
संगठन के प्रमुख ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि मेवाड़ के प्रतापी योद्धा और महान इतिहास पुरुष महाराणा प्रताप की तुलना किसी भी परिस्थिति में गुंडे और मवाली तत्वों से किया जाना बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनके अनुसार, फिल्म में इस प्रकार के दृश्यों और गीतों के माध्यम से एक ऐतिहासिक और आदरणीय व्यक्तित्व की छवि को जानबूझकर धूमिल करने का प्रयास किया गया है, जिससे देश भर के राजपूत समाज के साथ-साथ आम जनता की भावनाएं भी आहत हुई हैं।
सरकार से प्रतिबंध की मांग और राजनीतिक निशाना
करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने केंद्र और राज्य दोनों सरकारों से पुरजोर मांग की है कि इस फिल्म पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जानी चाहिए ताकि आने वाले समय में इस तरह की आपत्तिजनक हरकतें फिर से न दोहराई जाएं। इसके अलावा, उन्होंने राजस्थान के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ की उस प्रतिक्रिया पर भी तीखा हमला बोला जिसमें उन्होंने सेंसर बोर्ड को पत्र लिखा था। महिपाल मकराना का कहना था कि पत्र लिखने के बजाय उन्हें अपनी पार्टी की सरकार पर दबाव बनाकर इस फिल्म पर सीधा प्रतिबंध सुनिश्चित करना चाहिए था। संगठन ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र विरोध प्रदर्शन करेंगे।



















