राजस्थान के अजमेर जिले स्थित नसीराबाद सदर थाना क्षेत्र में फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी बनकर अंजाम दी गई एक सनसनीखेज डकैती मामले में कानून प्रवर्तन टीम को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। इस वारदात में शामिल आठवें अभियुक्त को भी दबोच लिया गया है, जिसकी पहचान श्रीनगर क्षेत्र के उत्तर कुमार बोलना निवासी मिट्ठू मलिक के रूप में की गई है। पुलिस ने इस पूरे मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपियों के पास से लगभग 3 करोड़ रुपये मूल्य के आभूषण, एक मोटरसाइकिल तथा वारदात के समय बातचीत के लिए इस्तेमाल किए गए वॉकी-टॉकी सेट बरामद किए हैं। पकड़ा गया नया आरोपी अब जेल भेज दिया गया है, जबकि घटना से जुड़ी अन्य कड़ियों और पूरी साजिश की गहराई से जांच जारी है।
आठवां अभियुक्त गिरफ्तार और बड़ी बरामदगी
जिले के पुलिस अधीक्षकवर्धन अग्रवाल ने इस पूरी कार्रवाई की जानकारी साझा करते हुए बताया कि श्रीनगर इलाके के रहने वाले मिट्ठू मलिक को पुलिस टीम ने ठोस जानकारी के आधार पर पकड़ा है। शनिवार के दिन आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत के सामने पेश किया गया, जहाँ से विद्वान न्यायाधीश के निर्देशानुसार उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी की निशानदेही पर घटना से जुड़े अन्य सुराग तलाशे जा रहे हैं।
इस सनसनीखेज डकैती में पुलिस को अब तक कुल 3 करोड़ रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवर बरामद करने में सफलता मिली है। इसके अलावा अपराधियों द्वारा वारदात स्थल पर एक-दूसरे से संपर्क साधने के लिए लाए गए वॉकी-टॉकी और आवाजाही में इस्तेमाल की गई बाइक को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। जांच अधिकारियों का मानना है कि इन सामानों की बरामदगी से मामले में आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य बेहद मजबूत हुए हैं।
9 अक्टूबर की वारदात और फर्जी छापा
यह पूरा मामला 9 अक्टूबर का है, जब नसीराबाद सदर थाना इलाके के रहने वाले ट्रांसपोर्ट कारोबारी अनिल माहेश्वरी के आवास पर अपराधियों ने धावा बोला था। बदमाशों ने खुद को इनकम टैक्स विभाग के बड़े अधिकारियों के रूप में पेश किया। फर्जी अधिकारी बनकर वे व्यापारी के घर में घुसे और पूरे परिवार को झांसे में लेकर करोड़ों रुपये के गहने और संपत्ति लूटकर चंपत हो गए थे।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया था। मामले की गंभीरता और लूट की विशाल रकम को देखते हुए अजमेर पुलिस ने तुरंत विशेष टीमों का गठन किया और त्वरित नाकेबंदी शुरू की। पुलिस की इस तत्परता का नतीजा यह रहा कि वारदात के महज 5 घंटे के भीतर ही शुरुआती 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था।
रिमांड पर पूछताछ से खुला नए आरोपी का नाम
प्रारंभिक कार्रवाई के दौरान पकड़े गए मुख्य आरोपियों में अमित कुमार, रविकांत उर्फ रवि, नकुल और तरूराम शामिल थे। पुलिस ने अदालत से इन आरोपियों की रिमांड हासिल की और सघन पूछताछ शुरू की। कड़ाई से की गई पूछताछ के दौरान ही गिरोह के अन्य सदस्यों और मिट्ठू मलिक के इस साजिश में शामिल होने का राज खुला।
इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने मिट्ठू मलिक तक पहुंच बनाई और उसे गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की। एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल के अनुसार, पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरी डकैती की पटकथा कब और कहाँ रची गई थी, कारोबारी के घर की रेकी किसने की थी और इस गिरोह को बैकएंड से कौन निर्देश दे रहा था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में निष्पक्ष और पूर्ण जांच की जा रही है तथा किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।



















