वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली गई पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज 2-2 की बराबरी पर समाप्त हो गई, जबकि बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में होने वाला अंतिम मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया। इस पूरी घरेलू श्रृंखला के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर रही, जिन्हें स्क्वॉड का हिस्सा होने के बावजूद एक भी मुकाबले में अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया गया। सीरीज खत्म होने के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने इस फैसले पर खुलकर बात की और बताया कि इस प्रतिभावान बल्लेबाज को अभी अपनी बारी का इंतजार क्यों करना होगा।
ओपनिंग स्लॉट में कड़ा मुकाबला और कप्तान की सलाह
कप्तान श्रेयस अय्यर ने स्पष्ट किया कि भारतीय टीम के पास शीर्ष क्रम में पहले से ही ऐसे सलामी बल्लेबाज मौजूद हैं जिन्होंने विश्व कप जिताया है और लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे मजबूत संयोजन में तुरंत बदलाव करना आसान नहीं होता। अय्यर ने बताया कि वह नियमित रूप से वैभव के साथ संवाद बनाए रखते हैं और उन्हें सकारात्मक सोच रखने की सलाह देते हैं। कप्तान के अनुसार, उन्होंने इस युवा खिलाड़ी से कहा है कि वह टीम से बाहर रहने के बारे में ज्यादा सोचने के बजाय अपनी तैयारी और खेल प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित रखें, क्योंकि सही समय आने पर उन्हें मौके जरूर मिलेंगे।
टीम प्रबंधन का दीर्घकालिक दृष्टिकोण
भारतीय टीम प्रबंधन और मुख्य कोच गौतम गंभीर की सोच भी इस मामले में स्पष्ट रही है। टीम में जगह बना चुके स्थापित खिलाड़ियों को अचानक बाहर नहीं किया जा सकता, इसलिए बेंच पर मौजूद युवा प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय पदार्पण के लिए धैर्य दिखाना होगा। भले ही वैभव ने अभ्यास सत्रों और घरेलू क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी का मुजाहिरा पेश किया हो, लेकिन शीर्ष क्रम में जगह सीमित होने के चलते प्रबंधन धीरे-धीरे और सही परिस्थितियों में नए खिलाड़ियों को जिम्मेदारी सौंपने की रणनीति पर काम कर रहा है।



















