भीलवाड़ा जिले के करेड़ा इलाके में पैंथर की लगातार मौजूदगी से स्थानीय लोगों में भारी खौफ का माहौल बना हुआ है। ताजा मामला चिताम्बा स्थित प्रसिद्ध आवरा माता मंदिर के नजदीक का है, जहां एक बाइक सवार को पैंथर ने अपना निशाना बनाया। इस खतरनाक घटना के सामने आने के बाद से पूरे क्षेत्र में डर पसरा हुआ है और सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने तुरंत हरकत में आते हुए घटनास्थल का जायजा लिया।
वन विभाग की प्रारंभिक जांच के दौरान मौके से पैंथर के बड़े पगमार्क बरामद हुए हैं। इसके साथ ही वहां आसपास छोटे शावकों के पैरों के निशान भी देखे गए हैं, जिससे यह साफ होता है कि कोई मादा पैंथर अपने बच्चों के साथ इस इलाके में डेरा डाले हुए है। किसी भी अनहोनी या खतरे को टालने के मकसद से वन विभाग ने आसपास के पूरे क्षेत्र में गश्त और निगरानी तेज कर दी है।
चलती बाइक पर घात लगाकर हमला
भीलवाड़ा के रहने वाले नारायण लाल गुर्जर अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर चितांबा से करेड़ा की तरफ जा रहे थे। जब वे आवरा माता मंदिर के पास पहुंचे, तो सड़क किनारे घात लगाकर बैठे पैंथर ने अचानक उनकी चलती बाइक पर छलांग लगा दी। इस आकस्मिक हमले के दौरान नारायण लाल अपना संतुलन खो बैठे और बाल-बाल बचे। इस संघर्ष में उनके हाथों और पैरों पर पैंथर के तीखे नाखूनों के गहरे जख्म बन गए हैं। दिनदहाड़े मुख्य सड़क मार्ग पर हुई इस वारदात के बाद से आसपास के ग्रामीण बेहद सहम गए हैं।
जेसीबी के शोर से आक्रामक हुई मादा पैंथर
घटना की खबर मिलते ही चिताम्बा के वनपाल राधेश्याम पालीवाल अपनी विभागीय टीम के साथ फौरन मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की और मिले हुए पगमार्क का अध्ययन किया। शुरुआती आकलन के अनुसार, पास ही चल रहे किसी निर्माण कार्य के दौरान जेसीबी मशीन के भारी शोर और हरकतों की वजह से मादा पैंथर अपने शावकों की हिफाजत को लेकर काफी आक्रामक हो गई होगी। हालात की गंभीरता को भांपते हुए वन विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वहां चल रहे जेसीबी के निर्माण कार्य को रुकवा दिया है।
वन विभाग की चेतावनी और ग्रामीणों की मांग
मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों पर आवाजाही करने वाले श्रद्धालुओं और आम राहगीरों को आगाह करने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं। वन विभाग की एक विशेष टीम पैंथर और उसके शावकों की हर गतिविधि पर लगातार नजर रखे हुए है। अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों और मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस इलाके में विशेष सावधानी बरतें, सूने रास्तों पर अकेले निकलने से बचें और यदि पैंथर या उसके शावक नजर आएं तो उन्हें घेरने या छेड़ने की भूल न करें। इसके बजाय तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दें। दूसरी तरफ, डरे हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से इलाके में जल्द से जल्द पिंजरा लगवाने की पुरजोर मांग की है।
























