महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई में विद्याविहार ब्रिज के नाम को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। पुल के आधिकारिक नामकरण को लेकर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट और भारतीय जनता पार्टी आमने-सामने आ गए हैं। दोनों राजनीतिक दलों की तरफ से अलग-अलग हस्तियों के नाम सुझाए जाने से यह स्थानीय मुद्दा अब एक बड़े विवाद का रूप लेता जा रहा है।
ठाकरे गुट की मांग और होर्डिंग विवाद
विवाद ने उस समय तूल पकड़ा जब पुल के औपचारिक उद्घाटन से पहले ही वहां ‘पद्मश्री नाना पाटेकर सेतु’ के नाम से एक होर्डिंग लगा दिया गया। इस घटना के बाद उद्धव ठाकरे गुट ने इस नाम के समर्थन में अपनी आवाज और बुलंद कर दी है। पार्टी के स्थानीय नेताओं ने मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े से मुलाकात की और उन्हें इस संबंध में एक आधिकारिक प्रस्ताव पत्र भी सौंपा, जिसमें पुल का नाम प्रसिद्ध अभिनेता के नाम पर रखने की पुरजोर वकालत की गई है।
बीजेपी विधायक का प्रस्ताव
दूसरी तरफ, सत्ताधारी पार्टी से जुड़े बीजेपी विधायक पराग शाह ने इस मांग के उलट एक दूसरा प्रस्ताव आगे रखा है। उन्होंने प्रशासन को पत्र लिखकर विद्याविहार ब्रिज का नाम कैप्टन स्मित मच्छार के नाम पर रखने की मांग की है। बीजेपी की इस मांग के सामने आने के बाद दोनों पक्षों के बीच वैचारिक और राजनीतिक मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं, जिससे प्रशासनिक गलियारों में भी चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
उद्घाटन से पहले बोर्ड लगने पर चर्चा
अभी इस महत्वपूर्ण पुल का औपचारिक उद्घाटन होना बाकी है, लेकिन उससे पहले ही नाम को लेकर बोर्ड लग जाने से मामला सुर्खियों में आ गया है। हालांकि, संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की तरफ से इस बात पर अभी कोई मुहर नहीं लगी है कि पुल का अंतिम और आधिकारिक नाम क्या होगा। दोनों दलों के दावों के बीच यह तय होना बाकी है कि प्रशासन किस नाम पर अपनी सहमति जताता है।
अभिनेता नाना पाटेकर का निधन
उल्लेखनीय है कि दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन 8 अक्टूबर 2026 को 75 वर्ष की आयु में गोवा में हुआ था। उन्हें सीने में तेज दर्द उठने के बाद तुरंत अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने सुबह करीब 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया था। अस्पताल की रिपोर्ट के अनुसार, उनकी मृत्यु का कारण कार्डियक अरेस्ट था। नाना पाटेकर हिंदी और मराठी फिल्म इंडस्ट्री के सबसे सम्मानित और दिग्गज कलाकारों में गिने जाते थे।



















