राजस्थान के उदयपुर स्थित प्रताप नगर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत कपिल विहार कॉलोनी में बीती शाम पुरानी दुश्मनी को लेकर दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद अत्यंत हिंसक मोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कार में सवार कुछ उपद्रवियों ने एक महिला को सीधे टक्कर मारते हुए गाड़ी उसके ऊपर से निकाल दी। इस दर्दनाक हमले में गंभीर रूप से घायल हुई महिला को तुरंत नजदीकी चिकित्सा केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच के उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका की पहचान उर्मिला कुंवर के रूप में की गई है। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले घटनाक्रम के बाद से पूरे इलाके में गहरा तनाव व्याप्त है।
सीसीसीटीवी फुटेज में कैद हुई भयावह वारदात
वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय निवासियों और परिजनों के बीच हड़कंप मच गया। जिस समय यह घटना घटी, वहां मौजूद लोग तुरंत खून से लथपथ उर्मिला कुंवर को उपचार के लिए अस्पताल लेकर भागे, किंतु चिकित्सकों के प्रयास विफल रहे। घटना के कुछ ही घंटों बाद मौके का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसने इस पूरे मामले की भयावहता को उजागर कर दिया है। फुटेज में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है कि किस प्रकार कार में सवार आरोपियों ने पहले महिला को जोरदार टक्कर मारी और फिर निर्ममता से वाहन उसके शरीर के ऊपर से निकाल दिया। इस वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद स्थानीय जनता में आक्रोश और अधिक भड़क गया है। पुलिस ने भी इस फुटेज को मामले की तफ्तीश में सबसे प्राथमिक और मजबूत साक्ष्य स्वीकार किया है।
एमबी हॉस्पिटल मोर्चरी के बाहर राजपूत समाज का आक्रोश
शनिवार की सुबह जैसे ही उर्मिला कुंवर की मृत्यु का समाचार फैला, उदयपुर के एमबी हॉस्पिटल स्थित मोर्चरी के बाहर माहौल गरमा गया। करणी सेना और राजपूत समाज से जुड़े सैकड़ों लोग मोर्चरी के समक्ष एकत्र हो गए और उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों तथा समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए पुलिस प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखीं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक इस जघन्य हत्याकांड में संलिप्त सभी आरोपियों को पहचान कर उन्हें अविलंब गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे। इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि मामले के सभी दोषियों पर कड़ी से कड़ी कानूनी धाराएं लगाकर कठोरतम कार्रवाई अमल में लाई जाए।
पुलिस बल तैनात और आरोपियों की तलाश में छापेमारी
अस्पताल की मोर्चरी के बाहर जमा हुई भारी भीड़ और बिगड़ती स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। मोर्चरी परिसर के आसपास पुलिस बल को तैनात किया गया है ताकि शांति व्यवस्था भंग न हो। दूसरी ओर, प्रताप नगर थाना पुलिस ने औपचारिक रूप से मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों को पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का सूक्ष्म विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन का आश्वासन है कि जल्द ही सभी नामजद और अज्ञात हमलावरों को हिरासत में ले लिया जाएगा, जिसके पश्चात ही घटना से जुड़े अन्य छिपे हुए कारणों का आधिकारिक रूप से खुलासा किया जाएगा।



















