राजस्थान के बाड़मेर जिले से एक बेहद संवेदनशील और शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां नशे में धुत एक व्यक्ति ने एक मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा, लेकिन पुलिस ने बिना देर किए सख्त कदम उठाते हुए आरोपी को कानून के शिकंजे में जकड़ लिया।
पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी शराब के नशे में पूरी तरह डूबा हुआ था। उसने बच्ची को अकेला देखकर मौके का फायदा उठाया और उसके साथ दरिंदगी की। जैसे ही परिजनों और आसपास रहने वाले लोगों को इस वारदात का पता चला, पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पीड़ित परिवार देर किए बिना सीधे स्थानीय थाने पहुंचा और पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी। शिकायत मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई और अधिकारियों ने तुरंत मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी।
आरोपी गिरफ्तार, पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज
शिकायत दर्ज होते ही पुलिस की कई टीमें सक्रिय हो गईं और आरोपी की तलाश में जुट गईं। बहुत ज्यादा वक्त गंवाए बिना पुलिस ने घेराबंदी करके आरोपी को दस्तयाब कर लिया और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इस मामले में किसी तरह की नरमी न बरतते हुए आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के साथ साथ अन्य गंभीर धाराओं में भी मुकदमा दर्ज किया है। गौरतलब है कि पॉक्सो एक्ट खासतौर पर बच्चों को यौन उत्पीड़न और शोषण से बचाने के लिए बनाया गया कानून है, जिसमें दोषी पाए जाने पर सख्त सजा का प्रावधान है। पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि मासूम बच्चों के खिलाफ होने वाले ऐसे जघन्य अपराधों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसकी हैसियत या रसूख कुछ भी हो।
ASP नितेश आर्य कर रहे मामले की निगरानी, पीड़िता का मेडिकल परीक्षण
मामले की नजाकत को देखते हुए पुलिस महकमे के बड़े अधिकारी खुद इस केस पर नजर रखे हुए हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश आर्य को इस पूरे मामले की जिम्मेदारी सौंपी गई है और उन्हीं की निगरानी में गहन जांच चल रही है। घटना सामने आने के तुरंत बाद पुलिस ने पीड़ित बच्ची का मेडिकल परीक्षण भी करवाया, ताकि अदालत में मामले को मजबूती से पेश किया जा सके और कानूनी प्रक्रिया में कोई कमी न रह जाए।
फोरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत, लोगों ने की फास्ट ट्रैक ट्रायल की मांग
पुलिस के साथ साथ फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने भी घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और वहां से जरूरी सबूत इकट्ठा किए। आरोपी की मौजूदगी में घटनास्थल की मौका तस्दीक भी पूरी करवाई गई है, ताकि अदालत में उसे कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके। इस पूरी घटना से गुस्साए स्थानीय निवासियों ने पुलिस प्रशासन से मांग रखी है कि इस मामले का ट्रायल फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए, ताकि आरोपी को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा मिल सके और भविष्य में कोई और ऐसी घटना को अंजाम देने से पहले सौ बार सोचे।



















