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ओसियां निकाय चुनाव पर गरमाई राजनीति, दिव्या मदेरणा के प्रदर्शन पर बीजेपी विधायक भेराराम सियोल का करारा तंजराजस्थान
3 सित॰ 2026, 9:52 pm (3 घंटे पहले)· 0

ओसियां निकाय चुनाव पर गरमाई राजनीति, दिव्या मदेरणा के प्रदर्शन पर बीजेपी विधायक भेराराम सियोल का करारा तंज

जोधपुर के ओसियां में आगामी निकाय चुनाव को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस नेत्री दिव्या मदेरणा के धरने पर पलटवार करते हुए बीजेपी विधायक भेराराम सियोल ने कहा कि वे अपनी शैली में काम करते हैं और दोनों नगरपालिकाओं में बीजेपी को जीत दिलाएंगे।

राजस्थान के जोधपुर जिले की ओसियां विधानसभा क्षेत्र में आगामी निकाय चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मियां लगातार तेज होती जा रही हैं। कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री दिव्या मदेरणा द्वारा स्थानीय मुद्दों को लेकर किए गए धरना प्रदर्शन के बाद अब क्षेत्रीय बीजेपी विधायक भेराराम सियोल ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कड़ा पलटवार किया है। ओसियां के विधायक ने साफ शब्दों में कहा कि विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शनों या धरने से उनकी कार्यशैली पर कोई असर नहीं पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपनी तय रणनीति के तहत ही जमीनी स्तर पर काम करते रहेंगे और आने वाले निकाय चुनावों में बीजेपी की सांगठनिक ताकत का पूरा प्रदर्शन करेंगे।

ओसियां में निकाय चुनाव से पहले बढ़ा राजनीतिक पारा

ओसियां क्षेत्र में स्थानीय निकाय चुनावों की घोषणा से पहले ही कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच वर्चस्व की लड़ाई गहराने लगी है। कांग्रेस नेता दिव्या मदेरणा के नेतृत्व में हुए हालिया धरने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज थीं। इसके जवाब में बीजेपी विधायक भेराराम सियोल ने मीडिया के सामने आकर अपना पक्ष मजबूती से रखा। विधायक ने कहा कि वे किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव में आकर निर्णय नहीं लेते हैं। उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज में खुद को माता का भेरू बताते हुए कहा कि वे बिना किसी झिझक के अपनी स्वायत्त शैली में जनता के बीच काम करते रहेंगे।

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सियोल ने चुनाव मैदान में उतरने को लेकर दावा किया कि आगामी निकाय चुनाव में पार्टी अपना मजबूत खूंटा गाड़कर चुनावी दंगल में जीत हासिल करेगी। उन्होंने अपनी रणनीति साझा करते हुए आश्वस्त किया कि क्षेत्र की दोनों नगरपालिकाओं में भारतीय जनता पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ विजय पताका फहराएगी। सियोल के इस तीखे बयान के बाद यह माना जा रहा है कि ओसियां के स्थानीय राजनीतिक माहौल में आने वाले दिनों में वार-पलटवार का दौर और ज्यादा तीखा हो सकता है।

"कबड्डी में कोई काका नहीं लगता": तंज के मायने

अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाने वाले भेराराम सियोल ने इस बार भी राजस्थानी लोकजीवन से जुड़ी कहावत का इस्तेमाल कर अपने विरोधियों पर निशाना साधा। उन्होंने चुनावी प्रतिस्पर्धा को खेल के मैदान से जोड़ते हुए कहा, "कबड्डी में कोई काका नहीं लगता।" इस मुहावरे के जरिए विधायक का सीधा संकेत था कि स्थानीय निकाय चुनावों की लड़ाई में कोई रिश्तेदारी या सहानुभूति काम नहीं आती, बल्कि हर खिलाड़ी को अपनी व्यक्तिगत क्षमता और सांगठनिक दम पर ही मुकाबला जीतना होता है।

स्थानीय निकाय चुनावों के समीकरण विधानसभा या संसदीय चुनावों की तुलना में काफी अलग और जटिल होते हैं। निकाय चुनावों में वार्ड स्तर की राजनीति, स्थानीय कार्यकर्ताओं की सक्रियता, व्यक्तिगत जनसंपर्क और उम्मीदवार की अपनी पकड़ सबसे अहम भूमिका निभाती है। ऐसे में भेराराम सियोल का यह बयान इस बात का साफ इशारा है कि बीजेपी किसी बाहरी मदद या विपक्षी लहर पर निर्भर रहने के बजाय अपने कार्यकर्ताओं के नेटवर्क और बूथ प्रबंधन के बल पर चुनाव मैदान में उतरेगी। इस बयान के बाद दोनों प्रमुख दलों के स्थानीय कार्यकर्ता अपने-अपने समर्थकों को एकजुट करने में जुट गए हैं।

किसानी पृष्ठभूमि से राजनीति तक: सियोल का राजनीतिक सफर

ओसियां से वर्तमान बीजेपी विधायक भेराराम सियोल (भैराराम चौधरी सियोल) मारवाड़ क्षेत्र के प्रमुख किसान नेताओं में गिने जाते हैं। वे मूल रूप से जोधपुर जिले के मांडियाई खुर्द गांव के रहने वाले एक कृषक परिवार से ताल्लुक रखते हैं। खेती-किसानी से जुड़े होने के साथ-साथ सियोल ने व्यापार और उद्यमशीलता के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई है। जमीनी स्तर पर जनता से जुड़ाव के कारण वे पहली बार वर्ष 2013 में ओसियां विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे।

इसके बाद वर्ष 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में ओसियां सीट पर बेहद कड़ा मुकाबला देखने को मिला था। इस प्रतिष्ठित चुनाव में भेराराम सियोल ने कांग्रेस की निवर्तमान विधायक और प्रमुख नेता दिव्या मदेरणा को पराजित कर दूसरी बार इस सीट पर जीत दर्ज की थी। अपनी स्पष्टवादिता और ठेठ देहाती अंदाज में अपनी बात रखने की शैली के कारण सियोल अक्सर चर्चा में रहते हैं। उनका हालिया बयान भी ओसियां की निकाय राजनीति में बीजेपी कार्यकर्ताओं में नए उत्साह का संचार कर रहा है।

सवाल-जवाब

ओसियां में हाल ही में राजनीतिक बयानबाजी किस वजह से शुरू हुई?
कांग्रेस नेत्री दिव्या मदेरणा द्वारा स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर किए गए धरना प्रदर्शन के बाद बीजेपी विधायक भेराराम सियोल ने तीखा पलटवार किया।
भेराराम सियोल वर्तमान में किस पद पर हैं?
भेराराम सियोल भारतीय जनता पार्टी से जोधपुर जिले की ओसियां विधानसभा सीट के वर्तमान विधायक हैं।
विधायक भेराराम सियोल ने निकाय चुनावों को लेकर क्या दावा किया है?
सियोल ने दावा किया है कि वे अपनी कार्यशैली और संगठन के दम पर ओसियां क्षेत्र की दोनों नगरपालिकाओं में बीजेपी को जीत दिलाएंगे।
भेराराम सियोल ने 2023 के विधानसभा चुनाव में किसे हराया था?
2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में भेराराम सियोल ने कांग्रेस उम्मीदवार दिव्या मदेरणा को हराकर ओसियां सीट जीती थी।
भेराराम सियोल पहली बार कब विधायक चुने गए थे?
भेराराम सियोल वर्ष 2013 में पहली बार ओसियां सीट से विधानसभा विधायक चुने गए थे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

ओसियां निकाय चुनावों में दिव्या मदेरणा के विरोध प्रदर्शन और विधायक भेराराम सियोल के आक्रामक बयानों से स्थानीय स्तर पर तनाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर असर पड़ सकता है। वार्ड स्तर के इन चुनावों में दोनों दलों के बीच वर्चस्व की यह लड़ाई राजनीतिक हिंसा या झड़पों का कारण बन सकती है, जिस पर पुलिस और प्रशासन को पैनी नजर रखनी होगी।

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

वार्ड स्तर के इन चुनावों में जहाँ व्यक्तिगत जनसंपर्क और स्थानीय कार्यकर्ताओं की सक्रियता सबसे अहम होती है, वहीं दोनों दिग्गज नेताओं के बीच चल रहा यह वाकयुद्ध ध्रुवीकरण को तेजी से बढ़ा रहा है। ग्रामीण इलाकों में इस तरह की बयानबाजी से चुनावी पारा चढ़ना तय है, जिससे प्रशासन और निर्वाचन आयोग के लिए मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना एक बड़ी चुनौती साबित होगा।

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