राजधानी जयपुर के ऐतिहासिक क्षेत्र आमेर में निकाय चुनाव के दौरान उस समय स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण हो गई, जब चाकूबाजी के शिकार हुए टूरिस्ट गाइड मनीष सोनी ने मंगलवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सोमवार को मावठा सरोवर के पास पर्यटकों को लेकर हुए विवाद में गंभीर रूप से घायल मनीष सोनी की मौत की खबर फैलते ही आमेर के मुख्य बाजारों में सन्नाटा पसर गया और व्यापारियों ने विरोध में दुकानें बंद कर दीं। जनाक्रोश को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह हाई अलर्ट पर आ गया है तथा क्षेत्र में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। स्थानीय लोगों ने सड़क पर धरना शुरू कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप प्रसिद्ध आमेर महल में हाथी सवारी बंद कर दी गई है और पर्यटकों की आवाजाही पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। प्रदर्शनकारी भीड़ ने आमेर महल की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग को पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया है।
मावठा सरोवर पर विवाद और एसएमएस अस्पताल में मौत
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार को आमेर स्थित मावठा सरोवर के पास पर्यटकों को अपने साथ ले जाने की बात पर गाइड मनीष सोनी और जीप चालक आजम खान के बीच अचानक कहासुनी हो गई थी। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि आरोपी जीप चालक आजम खान ने चाकू निकालकर मनीष सोनी पर जानलेवा हमला कर दिया। पेट और शरीर के अन्य हिस्सों में चाकू लगने से मनीष वहीं लहूलुहान होकर गिर पड़ा। घटना स्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाकर घायल मनीष को निकटतम आमेर अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल (एसएमएस अस्पताल) के लिए रेफर कर दिया। एसएमएस अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी था, लेकिन चोटें गंभीर होने के कारण मंगलवार की सुबह मनीष सोनी ने जिंदगी की जंग हार दी।
प्रदर्शन, बाजार बंद और आमेर महल में गतिविधियां ठप
सोमवार को हुई इस हिंसक वारदात के बाद से ही आमेर में तनाव की नींव पड़ चुकी थी। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा था और विरोध स्वरूप मुख्य बाजार की दुकानें बंद करवा दी गई थीं। सूचना मिलते ही आमेर थाना प्रभारी राजेंद्र गोदारा पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे थे और लोगों को समझा-बुझाकर स्थिति पर काबू पाने का प्रयास किया था। हालांकि, मंगलवार सुबह जैसे ही मनीष की मौत की आधिकारिक खबर आमेर पहुंची, जनआक्रोश दोबारा भड़क उठा। आक्रोशित लोगों ने सड़कों पर उतरकर धरना शुरू कर दिया। सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए आमेर महल प्रशासन को पर्यटकों के लिए हाथी सवारी तत्काल प्रभाव से स्थगित करनी पड़ी। इसके अलावा, आमेर महल परिसर में पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई और महल की ओर जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बैरिकेडिंग व अन्य माध्यमों से आवाजाही बंद कर दी।
पुलिस हिरासत में आरोपी और पूर्व शिकायतों की जांच का मामला
वारदात के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी जीप चालक आजम खान को सोमवार को ही अपनी हिरासत में ले लिया था। थाना प्रभारी राजेंद्र गोदारा ने बताया कि आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है और पूरे घटनाक्रम से जुड़े तमाम पहलुओं व कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। इस दौरान हिंदू संगठन से जुड़े सुनील सिंह शेखावत भी स्थानीय नागरिकों के साथ आमेर थाने पहुंचे और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से वार्ता की। थानाधिकारी ने नागरिकों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी जायज मांगों को उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा और कानून के दायरे में रहकर आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस की कथित अनदेखी पर उपजा जनआक्रोश
स्थानीय निवासियों और पीड़ित परिवार के करीबियों ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि आरोपी आजम खान ने इस घटना से लगभग तीन-चार दिन पहले भी मनीष सोनी को जान से मारने की धमकी दी थी। इस संबंध में पीड़ित पक्ष द्वारा आमेर पुलिस थाने में एक लिखित शिकायत पत्र भी सौंपा गया था। स्थानीय लोगों का गंभीर आरोप है कि यदि आमेर थाना पुलिस ने उस समय दी गई लिखित शिकायत पर गंभीरता दिखाते हुए समय रहते निरोधात्मक कार्रवाई की होती, तो सोमवार को हुई यह दर्दनाक घटना कभी नहीं घटती। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि पूर्व में दी गई शिकायत पर लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच बिठाई जाए और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रशासन के समक्ष रखी गई प्रमुख मांगें
आमेर में कानून-व्यवस्था की स्थिति को बेहतर बनाने और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए स्थानीय लोगों ने पुलिस व प्रशासन के समक्ष कई मांगें रखी हैं। इन प्रमुख मांगों में शामिल हैं
- शराब या अन्य नशीले पदार्थों के प्रभाव में जीप चलाने वाले चालकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
- बाहर से आने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के साथ दुर्व्यवहार या मारपीट करने वाले असामाजिक तत्वों पर सख्त धाराएं लगाई जाएं।
- आमेर क्षेत्र में आपराधिक पृष्ठभूमि या दबंगई करने वाले लोगों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कानून के तहत तुरंत पाबंद किया जाए।
- क्षेत्र में नशीली वस्तुओं की अवैध बिक्री और तस्करी के नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त किया जाए।
- पर्यटकों की गाड़ियों को जबरन रोकने, उन्हें परेशान करने या अवैध वसूली करने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जाए।
- संपूर्ण आमेर इलाके में पुलिस की नियमित गश्त और पैदल पैट्रोलिंग की संख्या में इजाफा किया जाए।
- आरोपी आजम खान की सार्वजनिक रूप से 'पुलिस परेड' कराई जाए ताकि असामाजिक तत्वों में कानून का खौफ पैदा हो सके।
फिलहाल मनीष सोनी की मौत के बाद आमेर में तनाव चरम पर है। पुलिस प्रशासन स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए लगातार फ्लैग मार्च कर रहा है और वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत रूप से क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थिति पर नजर रख रहे हैं।


















