राजस्थान के नागौर जिले के अंतर्गत आने वाले परबतसर नगरपालिका चुनाव के नतीजे इन दिनों सियासी गलियारों में खासी चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। खास तौर पर वार्ड नंबर 13 का चुनावी परिणाम अपने अनोखे और चौंकाने वाले समीकरणों के कारण हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। इस वार्ड में राजनीतिक दलों के बीच हुआ मुकाबला बेहद दिलचस्प आंकड़ों के साथ सामने आया है, जहां एक तरफ बड़ी जीत दर्ज की गई तो दूसरी तरफ मुख्य राजनीतिक दल के उम्मीदवार को बेहद कम मतों से संतोष करना पड़ा।
कांग्रेस प्रत्याशी की बड़ी जीत और वोटों का पूरा गणित
इस वार्ड में कुल 573 वैध मत डाले गए थे, जिनमें से कांग्रेस पार्टी की उम्मीदवार हिना खानम पत्नी दानिश मोहम्मद ने कुल 376 वोट हासिल करते हुए अपने प्रतिद्वंद्वियों पर भारी बढ़त बनाई। उनके मुकाबले मैदान में उतरे निर्दलीय उम्मीदवार रसीद खां ने 195 वोट हासिल किए और अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। हालांकि मुकाबला त्रिकोणीय माना जा रहा था, लेकिन जीत का अंतर काफी बड़ा रहा क्योंकि हिना खानम ने रसीद खां को 181 वोटों के अंतर से शिकस्त दी। निर्वाचन अधिकारियों द्वारा जारी किए गए आधिकारिक परिणामों के मुताबिक हिना खानम को इस वार्ड से स्पष्ट विजेता घोषित कर दिया गया है।
भाजपा उम्मीदवार को मिला सिर्फ एक वोट
इस चुनाव परिणाम का सबसे चर्चित पहलू भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार कैलाशचंद का प्रदर्शन रहा, जिन्हें केवल एक ही वोट मिल सका। दिलचस्प बात यह है कि इसी वार्ड में जनता की पसंद के रूप में NOTA के खाते में भी ठीक एक ही वोट दर्ज किया गया, जिससे भाजपा प्रत्याशी और नोटा का आंकड़ा बिल्कुल बराबर हो गया। इस तरह हिना खानम को भाजपा उम्मीदवार के मुकाबले 375 वोट ज्यादा प्राप्त हुए, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी रसीद खां भी कैलाशचंद से 194 वोटों से काफी आगे रहे।
वार्ड बदलने के कारण खुद को नहीं वोट दे सके कैलाशचंद
कैलाशचंद को सिर्फ एक वोट मिलने के पीछे एक तकनीकी और भौगोलिक वजह भी जुड़ी हुई है, जिसने चुनाव के बाद लोगों का ध्यान खींचा। असल में कैलाशचंद खुद वार्ड नंबर 12 के निवासी और पंजीकृत मतदाता हैं, जबकि उनकी पार्टी ने उन्हें पास के ही वार्ड नंबर 13 से चुनावी मैदान में उतारा था। यही कारण रहा कि वह मतदाता सूची की सीमा के चलते अपने ही पक्ष में अपना मत का प्रयोग नहीं कर सके। चुनाव संपन्न होने के बाद कैलाशचंद ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि उन्हें यह तो मालूम है कि उनके खाते में एक वोट आया है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि वह एक अकेला वोट आखिर किस मतदाता ने डाला क्योंकि उनका खुद का मत तो दूसरे वार्ड में दर्ज है।
मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र और राजनीतिक समीकरण
स्थानीय जानकारों के मुताबिक वार्ड नंबर 13 मुख्य रूप से मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र माना जाता है, जहां के चुनावी रुझान शुरू से ही अलग रहे हैं। यहां कांग्रेस उम्मीदवार ने स्थानीय मुद्दों और समर्थन के दम पर अपनी स्थिति मजबूत रखी और 376 मतों का बड़ा आंकड़ा छुआ। उनके सामने ताल ठोक रहे निर्दलीय उम्मीदवार ने भी लगभग दो सौ के करीब वोट हासिल करके मुकाबले को त्रिकोणीय बनाए रखा, लेकिन अंततः कांग्रेस समर्थकों की संख्या भारी पड़ी और भाजपा उम्मीदवार का आंकड़ा एक अंक पर ही थम कर रह गया।
परबतसर नगरपालिका में कांग्रेस को मिला स्पष्ट बहुमत
परबतसर नगरपालिका क्षेत्र में कुल 25 वार्ड हैं, जिनके लिए हुए चुनावों के समग्र परिणाम आ चुके हैं। इन परिणामों में कांग्रेस पार्टी ने कुल 13 वार्डों पर जीत दर्ज करते हुए स्थानीय निकाय में अपना स्पष्ट बहुमत साबित कर दिया है। इसके मुकाबले भारतीय जनता पार्टी के खाते में कुल 12 वार्ड आए हैं। यही कारण है कि वार्ड 13 का यह अजीबोगरीब परिणाम सिर्फ एक उम्मीदवार को एक वोट मिलने की वजह से ही सुर्खियों में नहीं है, बल्कि यह पूरे बोर्ड के गठन और चुनावी सरगर्मी के बीच एक अहम राजनीतिक घटना के रूप में देखा जा रहा है।

















