भारतीय रेलवे द्वारा पटरियों के आधुनिकीकरण और नेटवर्क की क्षमता को बढ़ाने के लिए लगातार कई कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में उत्तर पश्चिम रेलवे के अंतर्गत आने वाले अजमेर-चंदेरिया रेलखंड पर दोहरीकरण का काम तेजी से चल रहा है। इस तकनीकी काम को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए रेलवे प्रशासन ने इस मार्ग पर विशेष ब्लॉक लेने का निर्णय लिया है, जिससे इस रूट से आवागमन करने वाली कई महत्वपूर्ण रेल सेवाएं प्रभावित होंगी।
रूट पर नॉन इंटरलॉकिंग ब्लॉक
अजमेर मंडल के इस महत्वपूर्ण रेलखंड पर चल रहे दोहरीकरण कार्यों के दौरान झड़वासा-बान्दनवाड़ा पोल और सिंगावल स्टेशनों के बीच नॉन इंटरलॉकिंग ब्लॉक लगाया जाएगा। रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यात्री सफर पर निकलने से पहले अपनी गाड़ियों की स्थिति की पूरी जानकारी जरूर जांच लें, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
उदयपुर और मदार के बीच की ट्रेन रहेगी रद्द
इस ब्लॉक के कारण स्थानीय यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। गाड़ी संख्या 19606 जो उदयपुर सिटी से मदार के बीच संचालित होती है, उसे आगामी 8 अक्टूबर 2026 के दिन पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है। इस निर्धारित तिथि पर सफर करने वाले यात्रियों को किसी अन्य माध्यम से अपनी यात्रा पूरी करने की तैयारी करनी होगी, क्योंकि इस रूट पर यह गाड़ी अपनी तय सारणी के अनुसार नहीं दौड़ेगी।
काचीगुड़ा और भगत की कोठी के बीच फेरे निरस्त
इस अस्थायी फेरबदल के दायरे में अन्य लंबी दूरी की गाड़ियां भी आई हैं। गाड़ी संख्या 17605 जो काचीगुड़ा से चलकर भगत की कोठी तक जाती है, वह 2 अक्टूबर और 5 अक्टूबर 2026 को नहीं चलाई जाएगी। इसी तरह, इसकी वापसी सेवा यानी गाड़ी संख्या 17606 जो भगत की कोठी से काचीगुड़ा की तरफ जाती है, वह 4 अक्टूबर और 7 अक्टूबर 2026 को अपने तय मार्ग पर उपलब्ध नहीं रहेगी।
जोधपुर और इंदौर के बीच तीन दिनों तक पहिए थमेंगे
यात्रियों की परेशानी को बढ़ाते हुए जोधपुर और इंदौर के बीच चलने वाली ट्रेनों पर भी इसका असर दिखेगा। गाड़ी संख्या 14801 जोधपुर-इंदौर रेलसेवा 9 अक्टूबर से 11 अक्टूबर 2026 तक लगातार तीन दिनों के लिए बंद रहेगी। ठीक इसी प्रकार, गाड़ी संख्या 14802 इंदौर-जोधपुर रेलसेवा भी 9 अक्टूबर से 11 अक्टूबर 2026 तक निरस्त रहेगी। रेलवे का मानना है कि इस दोहरीकरण के पूर्ण होने के बाद भविष्य में ट्रेनों की आवाजाही अधिक तेज और सुगम हो सकेगी।

















