राजस्थान के बीकानेर जिले में रेल पुलिस को चोरी की एक बड़ी वारदात का खुलासा करने में सफलता मिली है। नोखा रेलवे स्टेशन पर जम्मूतवी एक्सप्रेस में सवार एक यात्री का लैपटॉप बैग चोरी हो गया था। घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने लगातार कई दिनों की कड़ी निगरानी और 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद आरोपी राजू को चलती ट्रेन से गिरफ्तार कर लिया है।
सीसीटीवी फुटेज से आरोपी राजू की हुई पहचान
पीड़ित यात्री की शिकायत दर्ज होने के तुरंत बाद रेल पुलिस हरकत में आ गई थी। आरोपी तक पहुंचने के लिए जांच अधिकारियों ने नोखा स्टेशन परिसर, आसपास के प्रमुख रास्तों और रेलवे ट्रैक के किनारे स्थापित करीब 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का गहन विश्लेषण किया। घंटों की बारीकी से की गई निगरानी के बाद पुलिस ने आरोपी की पहचान राजू के रूप में की। हालांकि, पहचान उजागर होने के बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर बना हुआ था क्योंकि वह लगातार अपने छिपने के स्थान बदल रहा था और पुलिस को चकमा देने की कोशिश कर रहा था।
चलती ट्रेन में घेराबंदी कर पुलिस ने दबोचा
पुलिस की विशेष निगरानी टीम और मुखबिर तंत्र की सहायता से एक अहम सुराग मिला। पुलिस को सटीक सूचना प्राप्त हुई कि आरोपी राजू एक बार फिर उसी जम्मूतवी एक्सप्रेस ट्रेन में यात्रा कर रहा है। खबर मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम तुरंत सक्रिय हो गई। पुलिस अधिकारियों ने चलती ट्रेन में ही आरोपी का पीछा करना प्रारंभ कर दिया। इसके बाद लूणकरनसर और बीकानेर के बीच चलती ट्रेन के भीतर योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी की गई और आरोपी राजू को रंगे हाथों धर दबोचा गया।
पूरा सामान बरामद और आरोपी कोर्ट में पेश
कस्टडी में लिए जाने के बाद जब पुलिस ने आरोपी राजू से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने नोखा स्टेशन पर जम्मूतवी एक्सप्रेस से लैपटॉप बैग चुराने का अपना अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी की निशानदेही के आधार पर पुलिस ने चोरी किया गया पूरा सामान सुरक्षित बरामद कर लिया है। आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को अदालत में प्रस्तुत किया गया। इस पूरे ऑपरेशन को सफलता पूर्वक अंजाम देने में सीआईडी/जीआरपी जोधपुर, आरपीएफ और जीआरपी नागौर की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।





















