राजस्थान के सिरोही जिले के एक छोटे से गांव वीरवाड़ा से ताल्लुक रखने वाले युवा गायक म्यान कश्यप अपनी सुरीली आवाज और अनूठी गायकी के दम पर देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक अपनी खास पहचान बना चुके हैं। म्यान ने अपनी मेहनत और कला के बल पर मुंबई की मायानगरी में राजस्थान का मान बढ़ाया है। हाल ही में आयोजित हुए ऑल अबाउट म्यूजिक समिट 2026 में उनके राजस्थानी लोकगीत झीनी झीनी ने वहां मौजूद बॉलीवुड के कई नामी फिल्म निर्माताओं और निर्देशकों का विशेष रूप से ध्यान आकर्षित किया था। इस प्रतिष्ठित आयोजन के दौरान उनकी गायकी और लोक संगीत की प्रस्तुति को दर्शकों और विशेषज्ञों की ओर से भरपूर सराहना मिली थी।
बॉलीवुड दिग्गजों ने सराहा
सैयारा फिल्म के जाने-माने निर्देशक मोहित सूरी ने भी म्यान कश्यप की जादुई आवाज और उनके लोकप्रिय गीत झीनी झीनी की खुले दिल से प्रशंसा की है। उन्होंने म्यान के संगीत को बेहद पसंद किया है और भविष्य में उनके साथ किसी प्रोजेक्ट में काम करने की अपनी इच्छा भी जताई है। इसके अलावा फिल्म निर्देशक शशांक खेतान ने भी म्यान की कला की तारीफ करते हुए उन्हें अपनी आगामी फिल्म में एक बेहतरीन अवसर देने की बात कही है। इस कड़ी में अश्विनी अय्यर तिवारी और आनंद तिवारी समेत मनोरंजन जगत के कई अन्य प्रतिष्ठित निर्देशकों ने भी उनकी गायकी और संगीत संयोजन की जमकर सराहना की है।
रिकॉर्ड और धारावाहिकों में सफर
म्यान कश्यप की यह सफलता रातों-रात नहीं मिली है, बल्कि इसके पीछे उनकी लंबी मेहनत जुड़ी है। उन्होंने वर्ष 2021 में प्रसिद्ध म्यूजिक डायरेक्टर प्रीतम के साथ बतौर लीड सिंगर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि में अपना योगदान दिया था। इसके बाद उन्होंने लोकप्रिय धारावाहिक पृथ्वीराज चौहान के टाइटल ट्रैक को अपनी आवाज से सजाया था। म्यान को मिल रही इस लगातार और शानदार सफलता से उनके पैतृक जिले सिरोही और आसपास के गांवों के युवाओं में भी नया उत्साह जगा है। अब युवा कला और संगीत के क्षेत्र में आगे आकर अपनी किस्मत आजमाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
महफिले म्यान और वैश्विक मंच
म्यान कश्यप अपने विशेष म्यूजिक क्रू महफिले म्यान के माध्यम से राजस्थानी लोक संगीत और सूफी धुनों को देश की सीमाओं से पार ले जाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित करने का लगातार प्रयास कर रहे हैं। उनके इस संगीत दल ने देश के प्रमुख महानगरों जैसे मुंबई, वडोदरा और बेंगलुरु में कई सफल कार्यक्रमों का आयोजन किया है। केवल देश के भीतर ही नहीं, बल्कि उन्होंने अबू धाबी, दोहा और बहरीन जैसे देशों में भी अपनी शानदार म्यूजिक परफॉर्मेंस से श्रोताओं का दिल जीता है। अपनी गायकी के जरिए वे राजस्थान की समृद्ध लोक संगीत परंपरा को वैश्विक मंच पर एक मजबूत पहचान दिला रहे हैं।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और जुड़ाव
म्यान कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और शुरुआती शिक्षा अपने पैतृक गांव वीरवाड़ा से ही पूरी की है। उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि की बात करें तो उनके पिता दिनेश रावल सिरोही में एलआईसी एडवाइजर के रूप में कार्यरत हैं। आज मुंबई जैसे महानगर में एक सफल गायक और संगीतकार के रूप में अपनी धाक जमाने के बावजूद म्यान अपनी मिट्टी और जड़ों से मजबूती से जुड़े हुए हैं। वे आज भी अपने गांव के कई उभरते और युवा गायकों का मार्गदर्शन करते हैं और उन्हें कला की दुनिया में आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रेरित करते हैं। सिरोही के एक अदृश्य कोने से शुरू हुआ उनका यह सफर अब मुंबई की चमकती दुनिया में मील का पत्थर बन चुका है।


















