राजस्थान निकाय चुनाव 2026: वसुंधरा राजे के गढ़ झालावाड़ में बीजेपी को मात, कांग्रेस ने दर्ज की बड़ी जीतसूर्य गोचर 17 सितंबर से: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, करियर और कारोबार में मिलेगी भारी सफलताबगीचे की खूबसूरती बढ़ाने वाला रेड पाउडर पफ, क्या पारंपरिक चिकित्सा में है इसका महत्वनागालैंड में खराब सड़कों को लेकर एनएचआईडीसीएल को हटाने की मांग, नागा स्टूडेंट्स फेडरेशन ने जताई चिंतानीट यूजी परीक्षा पैटर्न में बड़े बदलाव की तैयारी, पेन-पेपर की जगह ऑनलाइन कंप्यूटर पर देने होंगे जवाबसंतुलित आहार से त्वचा रहेगी चमकदार, ज्यादा मीठा और ऑयली फूड बढ़ा सकते हैं पिंपल्स की समस्याभिंडी की खेती से बढ़ाएं अपनी आमदनी, जानिए बुवाई से लेकर तुड़ाई तक का पूरा तरीकागुजरात से लेकर आंध्र प्रदेश तक भारी बारिश का तांडव, कई शहरों में सड़कों पर सैलाबकोल्हापुर में बनी देश की अनूठी ट्रांसवुमेन रेस्क्यू स्क्वाड, कभी सिग्नल पर भीख मांगने वाले अब बचा रहे हैं लोगों की जानमहज 7 साल की उम्र में व्योम गोस्वामी ने ताइक्वांडो में जीता सिल्वर मेडल, सुल्तानपुर का नाम किया रोशन
नागालैंड में खराब सड़कों को लेकर एनएचआईडीसीएल को हटाने की मांग, नागा स्टूडेंट्स फेडरेशन ने जताई चिंतानागालैंड
14 सित॰ 2026, 11:36 am (57 मिनट पहले)· 1

नागालैंड में खराब सड़कों को लेकर एनएचआईडीसीएल को हटाने की मांग, नागा स्टूडेंट्स फेडरेशन ने जताई चिंता

नागा स्टूडेंट्स फेडरेशन ने डिमापुर-कोहिमा चार-लेन हाईवे के निर्माण में खराब गुणवत्ता और देरी का आरोप लगाते हुए एनएचआईडीसीएल को हटाने की मांग की है। फेडरेशन ने सड़क सुरक्षा और मानसून की तैयारियों पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।

नागा स्टूडेंट्स फेडरेशन ने नेशनल हाइवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी एनएचआईडीसीएल को डिमापुर-कोहिमा चार-लेन हाईवे परियोजना की क्रियान्वयन एजेंसी के रूप में हटाने की सख्त मांग उठाई है। फेडरेशन ने रविवार को जारी एक प्रेस बयान में कहा कि इस मार्ग पर घटिया निर्माण कार्य, लंबे समय से चल रही देरी और खराब रखरखाव के कारण यात्रियों की जान खतरे में पड़ रही है। संगठन ने सड़क की बदहाली को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय से तुरंत हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।

मेडजीफेमा-पेडुचा खंड पर बदहाल स्थिति और हादसे

फेडरेशन ने नेशनल हाईवे-29 के मेडजीफेमा से पेडुचा तक के हिस्से की खस्ता हालत पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका आरोप है कि इस पूरे स्ट्रेच पर सड़क की सतह उखड़ चुकी है, ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह चरमरा गया है, और साइड स्ट्रक्चर्स तथा स्लोप प्रोटेक्शन का काम बेहद घटिया स्तर का है। इसके अलावा, रुकी हुई मरम्मत के कारण इस मार्ग पर सफर करना जोखिम भरा हो गया है।

ये भी पढ़ें

यात्रियों की सुरक्षा और मानसून के खतरे

संगठन के अनुसार, खासतौर पर रात के समय और मानसून के दिनों में यात्रियों को जानलेवा परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। अपर्याप्त सुरक्षा उपायों और ढलानों को स्थिर करने के नाकाफी इंतजामों के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। ये दुर्घटनाएं मुख्य रूप से पत्थरों के गिरने और सड़क से जुड़ी अन्य आपदाओं की वजह से हुई हैं।

पैकेज-द्वितीय के पूर्णता प्रमाण पत्र पर सवाल

एनएसएफ ने पैकेज-द्वितीय के लिए कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी किए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया है। संगठन ने सवाल उठाया कि जब परियोजना के कई अहम घटक अभी भी अधूरे हैं और हाईवे पर समस्याएं लगातार बनी हुई हैं, तब ऐसा प्रमाण पत्र कैसे जारी किया जा सकता है। मंत्रालय को इस पूरे मामले की गहन जांच करनी चाहिए कि किन परिस्थितियों में इस खंड को पूर्ण घोषित किया गया।

डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड और अन्य परियोजनाओं की स्थिति

पाँच साल की डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड यानी डीएलपी के तहत भी एनएचआईडीसीएल अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में विफल रहा है। साइड की दीवारों का ढहना, जल निकासी का अभाव, और सड़क सुरक्षा के बुनियादी ढाँचे की कमियों को दूर नहीं किया गया है। संगठन का कहना है कि ये समस्याएँ केवल एक ही मार्ग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नागालैंड की कई अन्य एनएचआईडीसीएल परियोजनाओं में भी ऐसी ही शिकायतें मिल रही हैं, जिनमें कोहिमा बाईपास, कोहिमा-माओ रोड, डिमापुर बाईपास, एनएच-29 के ढलान सुरक्षा कार्य, आकाश ब्रिज-जेसामी रोड यानी एनएच-202, और एनएच-129ए का पेरेन-डिमापुर खंड शामिल हैं।

जिम्मेदारी तय करने और अनुबंध समाप्त करने की माँग

फेडरेशन ने माँग की है कि यदि लापरवाही या घटिया निर्माण साबित होता है, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों, सलाहकारों और ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए। मुख्य माँग यह है कि राज्य और केंद्र सरकारें डिमापुर-कोहिमा मार्ग के लिए एनएचआईडीसीएल का अनुबंध तुरंत समाप्त करें और इस परियोजना को या तो नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया यानी एनएचएआई या राज्य के लोक निर्माण विभाग के हवाले कर दें।

कोहिमा और डिमापुर के बीच का यह मार्ग नागालैंड और पड़ोसी राज्यों के लिए एक जीवन रेखा की तरह है, इसलिए संस्थागत प्राथमिकताओं से ऊपर उठकर आम जनता की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा जाना चाहिए।

सवाल-जवाब

नागा स्टूडेंट्स फेडरेशन ने किस संस्था को हटाने की मांग की है?
फेडरेशन ने नेशनल हाइवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी एनएचआईडीसीएल को हटाने की मांग की है।
यह विवाद मुख्य रूप से किस राजमार्ग से जुड़ा है?
यह विवाद डिमापुर-कोहिमा चार-लेन हाईवे और नेशनल हाईवे-29 के मेडजीफेमा-पेडुचा खंड से जुड़ा हुआ है।
फेडरेशन ने किस मंत्रालय से जांच की मांग की है?
फेडरेशन ने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय से जांच की मांग की है।
परियोजना के लिए कौन से वैकल्पिक एजेंसियों के नाम सुझाए गए हैं?
फेडरेशन ने इस परियोजना को नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया या राज्य के लोक निर्माण विभाग को सौंपने की मांग की है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR