सावन मास के अंतिम सोमवार पर राजस्थान के कोने-कोने में शिवभक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। राजधानी जयपुर जिसे छोटी काशी भी कहा जाता है, वहां सुबह से ही प्रमुख शिवालयों में भक्तों का तांता लगा रहा। ताड़केश्वर महादेव और झारखंड महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठा। शहर की चारदीवारी से लेकर बाहरी कॉलोनियों तक कांवड़ यात्राओं का दौर जारी रहा और गलता तीर्थ से गंगाजल भरकर कांवड़िए विभिन्न मंदिरों की ओर रवाना हुए।
विभिन्न जिलों में शिव मंदिरों पर उमड़ी भक्तों की भीड़
राज्य के अन्य जिलों में भी सावन के इस पावन दिन को लेकर गजब का उत्साह देखा गया। दौसा की प्रसिद्ध देवगिरी पहाड़ी पर स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें सुबह तीन बजे से ही शुरू हो गईं। भक्त बाबा के दर्शन पाने के लिए 365 सीढ़ियां चढ़कर ऊपर पहुंचे, जबकि कई आस्थावानों ने कनक दंडवत करते हुए अपनी यात्रा पूरी की। अलवर के त्रिपोलिया महादेव मंदिर समेत अन्य शिव मंदिरों में भी बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने माथा टेका। इस बीच करौली में सावन के अंतिम सोमवार के अवसर पर रिमझिम बारिश ने मौसम को सुहाना बना दिया।
सड़क हादसे और करंट की दुर्घटना
एक तरफ जहां प्रदेशभर में उत्सव का माहौल रहा, वहीं कुछ स्थानों पर अप्रिय घटनाएं भी सामने आईं। जयपुर-अजमेर हाईवे पर कमला नेहरू नगर फ्लाईओवर के पास दो ट्रकों की आपस में जबरदस्त भिड़ंत हो गई, जिसके कारण सड़क पर लंबा जाम लग गया और यातायात प्रभावित हुआ। इसके अलावा डीग के सीकरी इलाके में एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां 22 वर्षीय इलेक्ट्रिशियन सेम्पी सैनी ग्यारह हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। इस युवक को फौरन इलाज के लिए अलवर रेफर कर दिया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है।




















