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राजस्थान में सावन के आखिरी सोमवार पर गूंजे हर-हर महादेव, शिवालयों में उमड़ी भारी भीड़राजस्थान
24 अग॰ 2026, 7:09 am (2 घंटे पहले)· 3

राजस्थान में सावन के आखिरी सोमवार पर गूंजे हर-हर महादेव, शिवालयों में उमड़ी भारी भीड़

सावन मास के अंतिम सोमवार पर राजस्थानभर के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इस दौरान कई जिलों से कांवड़ यात्राएं निकाली गईं और जगह-जगह धार्मिक अनुष्ठान हुए।

सावन मास के अंतिम सोमवार पर राजस्थान के कोने-कोने में शिवभक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। राजधानी जयपुर जिसे छोटी काशी भी कहा जाता है, वहां सुबह से ही प्रमुख शिवालयों में भक्तों का तांता लगा रहा। ताड़केश्वर महादेव और झारखंड महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठा। शहर की चारदीवारी से लेकर बाहरी कॉलोनियों तक कांवड़ यात्राओं का दौर जारी रहा और गलता तीर्थ से गंगाजल भरकर कांवड़िए विभिन्न मंदिरों की ओर रवाना हुए।

विभिन्न जिलों में शिव मंदिरों पर उमड़ी भक्तों की भीड़

राज्य के अन्य जिलों में भी सावन के इस पावन दिन को लेकर गजब का उत्साह देखा गया। दौसा की प्रसिद्ध देवगिरी पहाड़ी पर स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें सुबह तीन बजे से ही शुरू हो गईं। भक्त बाबा के दर्शन पाने के लिए 365 सीढ़ियां चढ़कर ऊपर पहुंचे, जबकि कई आस्थावानों ने कनक दंडवत करते हुए अपनी यात्रा पूरी की। अलवर के त्रिपोलिया महादेव मंदिर समेत अन्य शिव मंदिरों में भी बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने माथा टेका। इस बीच करौली में सावन के अंतिम सोमवार के अवसर पर रिमझिम बारिश ने मौसम को सुहाना बना दिया।

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सड़क हादसे और करंट की दुर्घटना

एक तरफ जहां प्रदेशभर में उत्सव का माहौल रहा, वहीं कुछ स्थानों पर अप्रिय घटनाएं भी सामने आईं। जयपुर-अजमेर हाईवे पर कमला नेहरू नगर फ्लाईओवर के पास दो ट्रकों की आपस में जबरदस्त भिड़ंत हो गई, जिसके कारण सड़क पर लंबा जाम लग गया और यातायात प्रभावित हुआ। इसके अलावा डीग के सीकरी इलाके में एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां 22 वर्षीय इलेक्ट्रिशियन सेम्पी सैनी ग्यारह हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। इस युवक को फौरन इलाज के लिए अलवर रेफर कर दिया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है।

सवाल-जवाब

सावन का आखिरी सोमवार राजस्थान में कैसे मनाया गया?
राजस्थानभर के प्रमुख शिवालयों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं और लोगों ने जलाभिषेक कर विशेष पूजा-अर्चना की।
जयपुर में कौन से प्रमुख मंदिरों में भक्तों की भीड़ रही?
जयपुर के ताड़केश्वर महादेव और झारखंड महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में पहुंचकर पूजा की।
दौसा के नीलकंठ महादेव मंदिर की क्या विशेषता रही?
दौसा की देवगिरी पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर में पहुंचने के लिए भक्तों को तड़के से ही 365 सीढ़ियां चढ़नी पड़ीं और कई ने कनक दंडवत भी किया।
जयपुर-अजमेर हाईवे पर यातायात क्यों प्रभावित हुआ?
कमला नेहरू नगर फ्लाईओवर के पास दो ट्रकों की भिड़ंत हो जाने के कारण हाईवे पर लंबा जाम लग गया।
डीग में हुई दुर्घटना में कौन घायल हुआ?
डीग के सीकरी में 22 वर्षीय इलेक्ट्रिशियन सेम्पी सैनी 11 हजार वोल्ट की लाइन की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 1

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

सावन के अंतिम सोमवार पर राजस्थानभर में उमड़ी भारी भीड़ और कांवड़ यात्राओं के दौरान प्रशासन के लिए कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन एक बड़ी चुनौती साबित हुआ। जयपुर-अजमेर हाईवे पर ट्रकों की टक्कर से लगा लंबा जाम और डीग में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से युवक का गंभीर रूप से झुलसना यह दर्शाता है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान जिला प्रशासन और यातायात पुलिस को आकस्मिक सुरक्षा और ट्रैफिक डायवर्जन को लेकर और अधिक सतर्क रहना चाहिए था।

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