श्रीगंगानगर जिले के श्रीकरणपुर क्षेत्र में रविवार को एक बड़ा हादसा सामने आया, जहां पानी की डिग्गी में डूबने से दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। यह दुर्घटना भारतमाला हाईवे बाईपास पर पदमपुर रोड के पास स्थित एक ईंट भट्ठे के नजदीक बने खेत में हुई। दोनों युवक रोजगार की तलाश में इस ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने आए हुए थे और इस अप्रत्याशित घटना ने पूरे इलाके में मातम पसर दिया है।
घटना के समय दोनों मजदूर काम खत्म करने के बाद खेत में बनी पानी की डिग्गी के पास अपने हाथ और पैर साफ कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनमें से एक का संतुलन बिगड़ गया और पैर फिसलने से वह सीधे गहरे पानी में जा गिरा। अपने साथी को डिग्गी के पानी में डूबता देख दूसरा युवक उसे बचाने के लिए तुरंत आगे आया, लेकिन बचाने की इस कोशिश में वह खुद भी गहरे पानी की चपेट में आ गया और देखते ही देखते दोनों युवक पानी के तेज बहाव या गहराई में ओझल हो गए।
इस हृदयविदारक हादसे की खबर फैलते ही आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत दौड़कर दोनों युवकों को बाहर निकालने के लिए अपने स्तर पर प्रयास शुरू किए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लेते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
अलग-अलग इलाकों के रहने वाले थे दोनों मृतक
प्रारंभिक जानकारियों के अनुसार, इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले दोनों युवक अलग-अलग क्षेत्रों के रहने वाले थे। इनमें से एक युवक पदमपुर इलाके का निवासी था, जबकि दूसरा युवक जैतसर क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है। दोनों अपने परिवार की आजीविका चलाने के लिए इस ईंट भट्ठे पर मजदूरी का काम करने आए थे। इस दुखद हादसे के बाद पुलिस ने दोनों मृतकों के परिजनों से संपर्क साधकर उन्हें इस अनहोनी की सूचना देने की प्रक्रिया पूरी की। डिग्गी काफी ज्यादा गहरी होने के कारण दोनों युवकों को समय पर बचाया नहीं जा सका, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर श्रीकरणपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया जाएगा। अधिकारी इस बात की भी पूरी जानकारी जुटा रहे हैं कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ।
खुले जलस्रोतों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस दुखद घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने खेतों में बनी इन जल संरचनाओं की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में सिंचाई के लिए बनाई जाने वाली ऐसी पानी की डिग्गियां अक्सर बेहद गहरी होती हैं और इनके आसपास सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम या चारदीवारी नहीं होती है, जिसके चलते हमेशा दुर्घटनाओं का गंभीर खतरा बना रहता है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर से खुले और गहरे जलस्रोतों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता को सबके सामने ला खड़ा किया है।





















