नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और देश की अखंडता का संदेश देने के उद्देश्य से निकाली गई एक बड़ी राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली बुधवार शाम को जयपुर के आमेर क्षेत्र में पहुँची। कोटपूतली-बहरोड़ मार्ग से होते हुए राजस्थान की सीमा में प्रवेश करने वाली इस बाइक रैली का आमेर महल परिसर में स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरान राजस्थान पुलिस बैंड की मधुर धुनों के बीच कार्यक्रम आयोजित हुआ, जहाँ रैली में भाग ले रहे सभी जवानों का पारंपरिक तरीके से तिलक किया गया और पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर डीआईजी श्वेता धनकड़ ने आमेर महल पहुँचकर दल में शामिल सभी सुरक्षाकर्मियों का स्वागत किया और उनका उत्साहवर्धन किया।
यह विशेष यात्रा नशीली दवाओं के सेवन के खिलाफ एक मजबूत अभियान के रूप में चलाई जा रही है। इस मोटरसाइकिल अभियान में देश के विभिन्न केंद्रीय सशस्त्र सुरक्षा बलों के साथ-साथ राज्य पुलिस बल के लगभग 250 कुशल राइडर्स पूरी ऊर्जा के साथ हिस्सा ले रहे हैं। इस राष्ट्रव्यापी आयोजन की रूपरेखा सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर आगामी 31 अक्टूबर को गुजरात के एकता नगर में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय एकता दिवस परेड के हिस्से के रूप में तैयार की गई है। इस पूरी यात्रा का मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं और आम नागरिकों को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा आपसी सौहार्द और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूती देना है।
जयपुर से अजमेर की ओर होगा अगला प्रस्थान
राजस्थान की राजधानी जयपुर में इस यात्रा के अगले चरण के लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक और सुरक्षा तैयारियां पूरी कर ली जा चुकी हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, गुरुवार, 22 अक्टूबर को सुबह ठीक 10 बजे अल्बर्ट हॉल और रामनिवास बाग परिसर से राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार शर्मा इस मोटरसाइकिल काफिले को हरी झंडी दिखाकर अगले पड़ाव के लिए रवाना करेंगे। यहाँ से यह दल अजमेर जिले की तरफ आगे बढ़ेगा। शहर से गुजरने के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए जयपुर यातायात पुलिस ने एक विस्तृत रूट चार्ट तैयार किया है, जिसके तहत सुरक्षा वाहनों यानी पायलट वाहनों के साथ राइडर्स तय समय पर अल्बर्ट हॉल पहुँचेंगे और शहर से होते हुए आगे बढ़ेंगे।
देशभर के प्रमुख सुरक्षा बलों की भागीदारी
इस राष्ट्रीय महत्व की बाइक रैली में देश की सुरक्षा से जुड़ी कई प्रतिष्ठित एजेंसियों के जवान शामिल हैं। इसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), सीमा सुरक्षा बल (BSF), राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA), रेलवे सुरक्षा बल (RPF), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के राइडर्स अपनी बाइक पर सवार होकर चल रहे हैं। इनके साथ विभिन्न राज्यों के पुलिसकर्मी भी इस महाअभियान का हिस्सा बने हुए हैं। कुल मिलाकर करीब 250 राइडर्स का यह समूह देश भर में नशे के खिलाफ जनचेतना जगाने के साथ राष्ट्र को एकजुट रखने का संदेश प्रसारित कर रहा है। यह यात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक वाहनों की आवाजाही मात्र नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से विभिन्न पड़ाव वाले शहरों में विशेष जन-जागरूकता सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं। इन आयोजनों के दौरान स्कूल और कॉलेज के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित किया जाता है, ताकि युवाओं को व्यसन मुक्त रहने की प्रेरणा दी जा सके।
राजस्थान के इन प्रमुख शहरों से गुजरेगा काफिला
राजस्थान के भीतर इस मोटरसाइकिल यात्रा का मार्ग कोटपूतली-बहरोड़ जिले से शुरू हुआ था, जहाँ से राइडर्स ने जयपुर की ओर रुख किया। तयशुदा समय सारणी के मुताबिक, 22 अक्टूबर को यह काफिला जयपुर से चलकर अजमेर पहुँचेगा। इसके पश्चात, आगामी 23 अक्टूबर को यह दल चित्तौड़गढ़ के रास्ते होते हुए ऐतिहासिक नगरी उदयपुर पहुँचेगा। इसके अगले दिन यानी 24 अक्टूबर को उदयपुर से आगे की यात्रा शुरू करते हुए यह दल गांधीनगर की दिशा में प्रस्थान करेगा। इस निर्धारित रूट के जरिए राजस्थान के कई प्रमुख महानगरों और कस्बों के लोगों तक नशा मुक्ति का संदेश पहुँचाया जा रहा है। यात्रा के सभी स्वागत स्थलों और विदाई कार्यक्रमों के दौरान नुक्कड़ सभाओं और संवाद सत्रों का भी आयोजन किया जा रहा है।
विद्यार्थियों और आमजन के साथ होगी व्यापक चर्चा
यात्रा के दौरान जहाँ भी यह दल विश्राम या रात्रि ठहराव करेगा, उन स्थानों पर विशेष बैठकों का आयोजन किया जाएगा जिनमें मादक पदार्थों से होने वाली हानियों पर विस्तार से चर्चा होगी। इन कार्यक्रमों में शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। इसके अलावा गैर सरकारी संगठनों (NGO), नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के वरिष्ठ अधिकारियों, एनसीसी (NCC) तथा एनएसएस (NSS) के स्वयंसेवकों और छात्र-छात्राओं को भी इन आयोजनों के साथ जोड़ा जा रहा है। इन संवाद कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य युवाओं को यह समझाना है कि किस प्रकार का नशा उनके व्यक्तिगत जीवन, उनके परिवार और उनके उज्ज्वल भविष्य को पूरी तरह तबाह कर सकता है। इस संपूर्ण अभियान का मूल संदेश यही है कि नशीली दवाओं और मादक पदार्थों से पूरी तरह दूरी बनाकर ही एक स्वस्थ समाज और एक शक्तिशाली राष्ट्र के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।


















