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राजस्थान में आभूषणों की खरीद पर नहीं होगी वजन में हेराफेरी, सर्राफा दुकानों के लिए सख्त पैमाना तयराजस्थान
31 अक्तू॰ 2026, 10:22 am (1 घंटे पहले)· 0

राजस्थान में आभूषणों की खरीद पर नहीं होगी वजन में हेराफेरी, सर्राफा दुकानों के लिए सख्त पैमाना तय

राजस्थान सरकार ने सोना और चांदी की सटीक तौल सुनिश्चित करने के लिए सर्राफा दुकानों पर क्लास I और क्लास II श्रेणी के कांटों का उपयोग अनिवार्य कर दिया है। 29 अक्टूबर से लागू हुए इन नियमों के तहत तौल में गड़बड़ी पाए जाने पर ग्राहक 14435 हेल्पलाइन पर शिकायत कर सकते हैं।

त्योहारी सीजन के दौरान कीमती धातुओं की खरीदारी करने वाले उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए राजस्थान सरकार ने सर्राफा कारोबार में वजन मापने की व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया है। नए प्रावधानों के तहत अब प्रदेश भर के सभी आभूषण विक्रेताओं और सर्राफा व्यापारियों के लिए तय सरकारी मानकों वाले अत्यधिक संवेदनशील तराजू का इस्तेमाल करना अनिवार्य रहेगा। 29 अक्टूबर से प्रभावी हुए इस व्यवस्थागत बदलाव का मकसद आभूषणों के सौदों में होने वाली रत्ती भर की तौल संबंधी विसंगतियों को पूरी तरह खत्म करना है।

सटीक वजन के लिए तय श्रेणियां और तकनीकी मानक

उपभोक्ताओं को उनके चुकाए गए एक-एक पैसे के बदले धातु की पूरी और सही मात्रा मिले, इसके लिए राज्य प्रशासन ने तराजू के मानक स्पष्ट कर दिए हैं। अब सोना, चांदी एवं अन्य बहुमूल्य धातुओं के सौदों के लिए केवल क्लास I यानी विशेष सटीकता अथवा क्लास II यानी उच्च सटीकता श्रेणी के कांटे ही उपयोग में लाए जा सकेंगे। तकनीकी प्रावधानों के अनुसार इन तौल यंत्रों का वेरिफिकेशन अंतराल 1 मिलीग्राम या उससे भी कम निर्धारित किया गया है। इतने सूक्ष्म अंतराल की वजह से धातु के नन्हे अंश का भी बिल्कुल सही वजन दर्ज हो सकेगा और सूक्ष्म तौल में होने वाले नुकसान से ग्राहक पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।

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प्रमाणीकरण और अनिवार्य व्यवस्था

नियमों का यह दायरा प्रदेश के हर उस कारोबारी प्रतिष्ठान पर लागू होगा जो बहुमूल्य धातुओं का लेन-देन करता है। इसके अंतर्गत सभी स्वर्णकारों, सर्राफा शोरूम और छोटे-बड़े आभूषण निर्माताओं को अपने कांटों का नियमानुसार सत्यापन कराना होगा। जांच और सत्यापन के पश्चात जारी होने वाले आधिकारिक सर्टिफिकेट को भी दुकानदारों को अपने पास रखना अनिवार्य किया गया है। जिन सर्राफा व्यापारियों के पास अभी तक इन मानकों के अनुरूप तौल यंत्र उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें तत्काल नियमानुसार स्वीकृत तराजू लगाने और व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

पारदर्शिता पर जोर और हेल्पलाइन नंबर

इस नई व्यवस्था के संबंध में उपभोक्ता मामले मंत्री सुमित गोदारा ने स्पष्ट किया है कि इन कदमों का मुख्य ध्येय आभूषणों के कारोबार में पारदर्शिता लाना और ग्राहकों को वित्तीय नुकसान से बचाना है। तय मानकों वाले यंत्रों से तौल में होने वाली गड़बड़ी की गुंजाइश न के बराबर रह जाएगी। इसके साथ ही विभाग ने खरीदारों को भी लेनदेन के समय स्वयं जागरूक रहने और वजन प्रक्रिया पर नजर रखने की सलाह दी है। यदि किसी दुकान पर धातु के वजन में किसी प्रकार की अनियमितता या संदेह नजर आता है, तो ग्राहक सीधे राजस्थान उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 14435 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

सवाल-जवाब

राजस्थान में सर्राफा व्यापारियों के लिए कौन से कांटे अनिवार्य किए गए हैं?
सर्राफा दुकानों पर केवल क्लास I यानी विशेष सटीकता और क्लास II यानी उच्च सटीकता वाले कांटों का इस्तेमाल अनिवार्य किया गया है।
नए नियमों के तहत तौल कांटों का वेरिफिकेशन अंतराल कितना होना चाहिए?
इन कांटों का वेरिफिकेशन अंतराल 1 मिलीग्राम या उससे कम होना आवश्यक है ताकि बेहद सूक्ष्म वजन भी सही तरीके से दर्ज हो सके।
यह नया नियम राजस्थान में कब से लागू हुआ है?
यह नया नियम राजस्थान में 29 अक्टूबर से प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है।
यदि किसी सर्राफा दुकान पर तौल में गड़बड़ी मिले तो कहां शिकायत करें?
ग्राहक तौल में अनियमितता मिलने पर राजस्थान उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 14435 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
दुकानदारों के लिए जांच और प्रमाणन से जुड़ा क्या नियम है?
व्यापारियों को अपने कांटों का नियमानुसार सत्यापन कराना होगा और दुकान पर उसका आधिकारिक सर्टिफिकेट रखना अनिवार्य होगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·30 मिनट पहले

त्योहारों पर सोने-चांदी की खरीद में होने वाली गड़बड़ी रोकने के लिए बढ़िया कदम है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·30 मिनट पहले

रविकेश जी, कदम तो अच्छा है पर क्या छोटे दुकानदार 1 मिलीग्राम वाले तराजू संभाल पाएंगे? चेकिंग के नाम पर अफसरों की वसूली और बढ़ जाएगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·58 मिनट पहले

सर्राफा बाजार में तौल को लेकर अक्सर ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी की शिकायतें मिलती थीं। अब क्लास I और II कांटे अनिवार्य होने से काफी हद तक राहत मिलेगी। 14435 नंबर भी जारी किया है, उम्मीद है दुकानदार नियमों का पालन करेंगे।

Rohan Verma@rohan-verma·57 मिनट पहले

करण भाई, बिल्कुल सही कहा आपने। पिछली बार धनतेरस पर मैंने भी सोने का सिक्का लिया था, तो तौल को लेकर मन में थोड़ा संकोच था ही।

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