त्योहारी सीजन के दौरान कीमती धातुओं की खरीदारी करने वाले उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए राजस्थान सरकार ने सर्राफा कारोबार में वजन मापने की व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया है। नए प्रावधानों के तहत अब प्रदेश भर के सभी आभूषण विक्रेताओं और सर्राफा व्यापारियों के लिए तय सरकारी मानकों वाले अत्यधिक संवेदनशील तराजू का इस्तेमाल करना अनिवार्य रहेगा। 29 अक्टूबर से प्रभावी हुए इस व्यवस्थागत बदलाव का मकसद आभूषणों के सौदों में होने वाली रत्ती भर की तौल संबंधी विसंगतियों को पूरी तरह खत्म करना है।
सटीक वजन के लिए तय श्रेणियां और तकनीकी मानक
उपभोक्ताओं को उनके चुकाए गए एक-एक पैसे के बदले धातु की पूरी और सही मात्रा मिले, इसके लिए राज्य प्रशासन ने तराजू के मानक स्पष्ट कर दिए हैं। अब सोना, चांदी एवं अन्य बहुमूल्य धातुओं के सौदों के लिए केवल क्लास I यानी विशेष सटीकता अथवा क्लास II यानी उच्च सटीकता श्रेणी के कांटे ही उपयोग में लाए जा सकेंगे। तकनीकी प्रावधानों के अनुसार इन तौल यंत्रों का वेरिफिकेशन अंतराल 1 मिलीग्राम या उससे भी कम निर्धारित किया गया है। इतने सूक्ष्म अंतराल की वजह से धातु के नन्हे अंश का भी बिल्कुल सही वजन दर्ज हो सकेगा और सूक्ष्म तौल में होने वाले नुकसान से ग्राहक पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।
प्रमाणीकरण और अनिवार्य व्यवस्था
नियमों का यह दायरा प्रदेश के हर उस कारोबारी प्रतिष्ठान पर लागू होगा जो बहुमूल्य धातुओं का लेन-देन करता है। इसके अंतर्गत सभी स्वर्णकारों, सर्राफा शोरूम और छोटे-बड़े आभूषण निर्माताओं को अपने कांटों का नियमानुसार सत्यापन कराना होगा। जांच और सत्यापन के पश्चात जारी होने वाले आधिकारिक सर्टिफिकेट को भी दुकानदारों को अपने पास रखना अनिवार्य किया गया है। जिन सर्राफा व्यापारियों के पास अभी तक इन मानकों के अनुरूप तौल यंत्र उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें तत्काल नियमानुसार स्वीकृत तराजू लगाने और व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
पारदर्शिता पर जोर और हेल्पलाइन नंबर
इस नई व्यवस्था के संबंध में उपभोक्ता मामले मंत्री सुमित गोदारा ने स्पष्ट किया है कि इन कदमों का मुख्य ध्येय आभूषणों के कारोबार में पारदर्शिता लाना और ग्राहकों को वित्तीय नुकसान से बचाना है। तय मानकों वाले यंत्रों से तौल में होने वाली गड़बड़ी की गुंजाइश न के बराबर रह जाएगी। इसके साथ ही विभाग ने खरीदारों को भी लेनदेन के समय स्वयं जागरूक रहने और वजन प्रक्रिया पर नजर रखने की सलाह दी है। यदि किसी दुकान पर धातु के वजन में किसी प्रकार की अनियमितता या संदेह नजर आता है, तो ग्राहक सीधे राजस्थान उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 14435 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।





















