राजस्थान के सभी संभागों में बादलों की आवाजाही थमने के साथ ही अब राज्य भर में शुष्क मौसम का दौर शुरू हो गया है। आगामी 7 अक्टूबर 2026 को पूरे प्रदेश में वर्षा की गतिविधि पूरी तरह शून्य रहने का आकलन पेश किया गया है। राज्य के दोनों प्रमुख प्राकृतिक हिस्सों, पूर्वी अंचल और पश्चिमी रेतीले क्षेत्र, में धूप खिली रहेगी। आगामी एक सप्ताह की अवधि में भी पूरे राज्य के वातावरण में नमी की कमी बनी रहने का रुख देखा जा रहा है। शुष्क मौसमी परिस्थितियों की वजह से दिन के पारे में उछाल दर्ज होने की मजबूत उम्मीद है, जिससे अधिकतम तापमान सामान्य औसत स्तर से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है।
राज्य के सभी 41 जिलों में ग्रीन सिग्नल, कोई चेतावनी नहीं
मौसम से जुड़ी किसी भी प्रकार की प्रतिकूल स्थिति से निपटने के लिए राज्य में कोई अलर्ट प्रभावी नहीं किया गया है। प्रदेश के सभी 41 जनपदों को खतरे से मुक्त रखते हुए हरे रंग यानी 'नो वार्निंग' वाले दायरे में रखा गया है। यह व्यवस्था 7 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे तक के समय चक्र के लिए निर्धारित की गई है। इस दौरान आंधी, भारी बारिश या बिजली गिरने जैसे किसी भी मौसमी व्यवधान की आशंका को खारिज किया गया है।
पूर्वी संभाग के 28 जिलों की स्थिति
प्रदेश के पूर्वी अंचल में 7 अक्टूबर को पूरी तरह से आसमान साफ और वातावरण सूखा बना रहेगा। इस अंचल के किसी भी जिले में बादलों के बरसने को लेकर कोई प्रतिकूल संकेत नहीं हैं। राजधानी जयपुर के साथ-साथ कोटा, उदयपुर, अलवर, भरतपुर और अजमेर जैसे प्रमुख शहरों में दिन के वक्त तेज धूप खिलने के आसार हैं।
प्रशासनिक और मौसमी रिकॉर्ड के तहत पूर्वी क्षेत्र के कुल 28 जनपदों में किसी तरह का कोई अलर्ट लागू नहीं है। इस सूची में शामिल जिले हैं
- अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा और बारां
- ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा और बूंदी
- चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग और धौलपुर
- डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़ और झुंझुनूं
- करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा और कोटपुतली-बहरोड़
- प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूम्बर और सवाई माधोपुर
- सीकर, सिरोही, टोंक और उदयपुर
इन सभी जनपदों में दिनचर्या सामान्य रूप से चलेगी और खुले आसमान के बीच वातावरण सूखा रहेगा।
पश्चिमी राजस्थान के 13 जनपदों का पूर्वानुमान
थार के रेगिस्तानी इलाके और सीमावर्ती जिलों को समेटे पश्चिमी राजस्थान में भी 7 अक्टूबर को मौसम का मिजाज बिना किसी बदलाव के शुष्क रहेगा। मरुस्थलीय इलाकों में किसी भी प्राकृतिक हलचल या वर्षा का कोई पूर्वानुमान नहीं है। मौसम मानचित्र पर इस पूरे अंचल को ग्रीन जोन का हिस्सा बनाया गया है।
पश्चिमी अंचल के सभी 13 जनपदों में शामिल हैं
- बालोतरा, बाड़मेर और बीकानेर
- चूरू, डीडवाना-कुचामन और हनुमानगढ़
- जैसलमेर, जालौर और जोधपुर
- नागौर, पाली, फलौदी और श्रीगंगानगर
इन क्षेत्रों में वातावरण में शुष्कता रहने से दोपहर के समय गर्माहट महसूस की जाएगी।
प्रमुख संभागीय शहरों में कैसा रहेगा दिन
प्रदेश के चुनिंदा बड़े शहरों में 7 अक्टूबर को दिन का हाल कुछ इस प्रकार दर्ज किया जाएगा
- जयपुर: राजधानी में बिना किसी मौसमी रुकावट के आसमान खुला रहेगा और मौसम सूखा बना रहेगा। जनपद के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
- अजमेर: जिले में सामान्य शुष्क हालात रहेंगे और किसी अलर्ट की आवश्यकता नहीं है।
- कोटा: हाड़ौती के इस केंद्र में भी दिन सूखा और साफ रहने का अनुमान है।
- उदयपुर: मेवाड़ अंचल के इस पर्यटन शहर में भी मौसम पूरी तरह सूखा रहेगा और कोई चेतावनी नहीं है।
- जोधपुर: सूर्य नगरी में दिनभर शुष्क मौसम बना रहेगा और किसी भी तरह की चेतावनी से शहर मुक्त रहेगा।
पूरे राजस्थान में अगले 7 दिनों तक बारिश की वापसी के कोई संकेत नहीं हैं, जिससे किसानों और आम नागरिकों को शुष्क मौसम के साथ बढ़ते तापमान का सामना करना पड़ेगा।




















