राजसमंद जिले के रेलमगरा थाना क्षेत्र में स्थित पनोतिया सोलर प्लांट में हुई बड़ी डकैती की गुत्थी को पुलिस ने पूरी तरह सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई को अंजाम देते हुए वारदात में प्रत्यक्ष रूप से शामिल सात आरोपियों को दबोचने में सफलता हासिल की है। पुलिस की प्राथमिक जांच के अनुसार पूरे घटनाक्रम में कुल 16 आरोपियों को नामजद किया गया है। दबिश के दौरान पुलिस ने प्लांट से लूटा गया माल भी बरामद कर लिया है। इसके अलावा चुराए गए सामान को खरीदने वाले एक व्यापारी को भी हिरासत में लिया गया है। इस पूरे अभियान और खुलासे का ब्योरा राजसमंद एसपी हेमंत कलाल ने साझा किया।
साजिश रचकर सोलर प्लांट पर बोला था धावा
जांच अधिकारियों के मुताबिक पनोतिया सोलर प्लांट में हुई यह डकैती कोई आकस्मिक घटना नहीं थी, बल्कि इसे अंजाम देने के लिए बाकायदा पहले से विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई थी। गिरोह के सदस्यों ने योजनाबद्ध तरीके से सोलर प्लांट की रेकी की और फिर मौका पाकर एक साथ धावा बोल दिया। घटना सामने आने के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई और अलग-अलग स्तरों पर गहन पड़ताल शुरू की गई। मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने इस गिरोह के सात सदस्यों को धर दबोचा।
चोरी का सामान खरीदने वाला भी शिकंजे में
रेलमगरा थाना पुलिस की ओर से की गई इस कार्रवाई में पकड़े गए सातों आरोपियों से सघन पूछताछ की जा रही है। जांच दल यह जानने की कोशिश में जुटा है कि इस वारदात के दौरान कौन-कौन से अन्य लोग मौके पर सक्रिय थे और डकैती के माल को किन-किन स्थानों पर छिपाया या खपाया गया था। इसी छानबीन के दौरान पुलिस को उस व्यक्ति की भनक लगी, जिसने लूटा गया सामान खरीदा था। सूचना पुख्ता होते ही पुलिस ने उस खरीदार को भी गिरफ्तार कर लिया। अब उससे यह पूछताछ की जा रही है कि उसने डकैती का यह माल कब, किस माध्यम से और कितनी कीमत में खरीदा था।
पुराने आपराधिक इतिहास की पड़ताल और शेष की तलाश
पुलिस जांच में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि पकड़े गए कुछ आरोपियों के खिलाफ विभिन्न थानों में पहले से ही चोरी के कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब इन सभी आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस गिरोह ने पूर्व में किन-किन इलाकों में इस तरह की वारदातों को अंजाम दिया है। राजसमंद एसपी हेमंत कलाल के सीधे निर्देशन में रेलमगरा थाना पुलिस इस मामले की कड़ियों को जोड़ने में लगी हुई है। पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान पूछताछ में डकैती की समूची साजिश, अन्य साथियों की संलिप्तता और चोरी के सामान के नेटवर्क से जुड़े कई और राज सामने आएंगे। मामले में नामजद अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।



















