राजस्थान के शिक्षा विभाग में सब इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती 2021 प्रकरण की वजह से सेवामुक्त किए गए 38 कर्मचारियों की वापसी का मार्ग प्रशस्त हो गया है। उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेश के अनुपालन में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने प्रभावित कर्मचारियों की सेवाएं फिर से बहाल करने की औपचारिक कवायद शुरू कर दी है। बीकानेर स्थित माध्यमिक शिक्षा निदेशालय से इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किए गए हैं, जिसके तहत संबंधित जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक कानूनी व विभागीय कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने फील्ड अधिकारियों को दिए निर्देश
माध्यमिक शिक्षा निदेशक ललित कुमार ने इस प्रशासनिक निर्णय को प्रभावी बनाने के लिए आदेश जारी किया है। इस निर्देश के तहत राज्य के सभी संभागीय संयुक्त निदेशकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को उच्च न्यायालय के आदेश का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है। विभाग के निर्देशानुसार, जिन जिलों में ये 38 कर्मचारी पूर्व में पदस्थापित थे, वहां के सक्षम अधिकारी उनकी बहाली से संबंधित कानूनी और सेवा रिकॉर्ड से जुड़ी औपचारिकताओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करेंगे। प्रशासनिक स्तर पर निर्देश जारी होने के बाद अब इन कर्मियों को शिक्षा विभाग में दोबारा कार्यभार ग्रहण कराया जाएगा।
भर्ती रद्द होने और बर्खास्तगी से उपजा था विवाद
राजस्थान में एसआई भर्ती 2021 का मामला पिछले कई वर्षों से लगातार चर्चा का केंद्र बना हुआ है। चयन प्रक्रिया के दौरान सामने आई कथित अनियमितताओं और विवादों के कारण सरकार ने इस भर्ती को निरस्त करने का कदम उठाया था। भर्ती प्रक्रिया रद्द होने के बाद इस चयन सूची से जुड़े कर्मचारियों पर प्रशासनिक कार्रवाई की गाज गिरी थी, जिसके तहत शिक्षा विभाग में कार्यरत 38 कार्मिकों को भी अपनी नौकरियों से हाथ धोना पड़ा था। इस बर्खास्तगी के बाद चयनित कर्मियों और अभ्यर्थियों ने प्रशासनिक फैसलों के खिलाफ अलग-अलग न्यायिक मंचों पर याचिकाएं दायर की थीं।
न्यायिक हस्तक्षेप के बाद मिला सेवा बहाली का लाभ
नौकरी से निकाले जाने के बाद इन 38 कर्मचारियों ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। अदालत में विभिन्न कानूनी पहलुओं पर सुनवाई पूरी होने के बाद उच्च न्यायालय ने कर्मचारियों के पक्ष में निर्देश जारी किए। अब शिक्षा विभाग ने अदालत के उसी फैसले की अनुपालना करते हुए इन सभी 38 कार्मिकों को पुनः सेवा में लेने का निर्णय लिया है। लंबे समय से कानूनी संघर्ष कर रहे और अपनी सेवा बहाली का इंतजार कर रहे इन कार्मिकों के लिए शिक्षा विभाग का यह कदम बेहद महत्वपूर्ण और राहत देने वाला माना जा रहा है।

















