जयपुर में आयोजित नीट पीजी परीक्षा के दौरान बिजली गुल होने की घटना और उसके बाद पैदा हुए भारी विवाद के मद्देनजर एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय सामने आया है। इस पूरी घटना के बाद परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज ने इस पूरे मामले की गहराई से तह तक जाने के लिए तीन सदस्यीय एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है, ताकि परीक्षा केंद्र पर बरती गई लापरवाही और अव्यवस्था के असली कारणों का पता लगाया जा सके।
गायत्री राठौड़ को सौंपी गई उच्चस्तरीय जांच की कमान
इस बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण जांच की पूरी जिम्मेदारी राजस्थान कैडर की 1997 बैच की सीनियर और सख्त छवि वाली आईएएस अधिकारी गायत्री राठौड़ को सौंपी गई है। फिलहाल वे चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग में प्रमुख सचिव के पद पर अपनी सेवाएं दे रही हैं और उनके नेतृत्व में गठित यह विशेष टीम पूरी घटना की तहकीकात करेगी। इसके साथ ही प्रभावित अभ्यर्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए जयपुर के दो निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आगामी 5 सितंबर 2026 यानी शनिवार के दिन दोबारा परीक्षा आयोजित कराने का अहम फैसला भी लिया गया है।
कौन हैं आईएएस गायत्री राठौड़
नीट पीजी की इस उच्चस्तरीय जांच समिति की कमान संभाल रही आईएएस अधिकारी गायत्री राठौड़ को प्रशासनिक हलकों में बेहद सख्त, पारदर्शी और त्वरित निर्णय लेने के लिए जाना जाता है। उनका मूल निवास स्थान उदयपुर है और उन्होंने ब्रिटेन की बर्मिंघम यूनिवर्सिटी से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन विषय में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है। अपने लंबे और शानदार प्रशासनिक सफर के दौरान वे महिला एवं बाल विकास, पर्यटन, सामाजिक न्याय और आयुर्वेद जैसे कई अहम विभागों की कमान संभाल चुकी हैं। वर्तमान समय में वे राजस्थान सरकार के चिकित्सा, स्वास्थ्य और मेडिकल एजुकेशन विभाग में प्रमुख शासन सचिव के रूप में तैनात हैं।
जांच समिति के अन्य सदस्य और उनकी भूमिका
नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज द्वारा बनाई गई इस तीन सदस्यीय कमेटी में आईएएस गायत्री राठौड़ को अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। उनके साथ इस टीम में केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव स्तर के एक अधिकारी और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के एक वरिष्ठ इंजीनियरिंग अधिकारी को भी शामिल किया गया है। परीक्षा के दौरान अचानक बिजली गुल होने की तकनीकी वजहों का बारीकी से अध्ययन करने के लिए इस तकनीकी विशेषज्ञ को विशेष तौर पर समिति में जगह दी गई है ताकि हर पहलू की सही जांच हो सके।
किस तरह होगी मामले की पूरी जांच और कार्रवाई
यह विशेष जांच समिति जयपुर के उन प्रभावित परीक्षा केंद्रों का दौरा करेगी जहाँ प्रबंधन स्तर पर कमियां पाई गईं, बिजली बैकअप के इंतजामों की समीक्षा करेगी और परीक्षा आयोजित कराने वाली संस्था की भूमिका की भी बिंदुवार जांच करेगी। छात्रों और अभ्यर्थियों द्वारा सौंपे गए डिजिटल साक्ष्यों और शिकायतों की आपस में तुलना करके यह तय किया जाएगा कि लापरवाही आखिरकार किस स्तर पर हुई थी। यह जांच समिति अपनी पूरी रिपोर्ट तैयार करके सीधे सरकार को सौंपेगी, जिसके आधार पर भविष्य में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।





















