पश्चिम एशिया में जारी भारी संघर्ष के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुज्तबा खामेनेई ने तमाम मुस्लिम देशों से आपसी मतभेद भुलाकर एक मंच पर आने का आग्रह किया है। उन्होंने इस्लामिक राष्ट्रों के शीर्ष नेतृत्व से कहा कि वे अपने मुख्य विरोधी की रणनीतियों को समझें और उसका डटकर सामना करें।
तेहरान में आयोजित एक धार्मिक सम्मेलन में भेजे गए अपने संदेश में, ईरानी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, अयातुल्ला मुज्तबा खामेनेई ने वाशिंगटन और तेल अवीव को सभी इस्लामिक देशों का साझा खतरा करार दिया। उल्लेखनीय है कि लगभग छह महीने पहले हुए एक सैन्य हमले में उनके पिता समेत देश के कई शीर्ष नेता मारे गए थे, जिसके बाद से उनका सार्वजनिक जीवन काफी सीमित हो गया है और वे कम ही नजर आते हैं।
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव
अयातुल्ला मुज्तबा खामेनेई का यह ताजा बयान ऐसे नाज़ुक दौर में आया है जब ईरान और अमेरिका-इजरायल गठबंधन के बीच तनातनी पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले रही है। खाड़ी के पड़ोसी देशों में बने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को ईरानी बलों द्वारा निशाना बनाए जाने और सामरिक रूप से बेहद अहम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जलपोतों की आवाजाही को सीमित किए जाने के बाद से पूरे इलाके में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सैन्य कार्रवाई और मिसाइल हमले
अमेरिकी सेना ने रविवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में ईरान के रॉकेट लॉन्चरों को अपना निशाना बनाया। पिछले करीब एक महीने के अंतराल में ईरान के खिलाफ अमेरिकी सेना की ओर से की गई यह पहली खुली और घोषित सैन्य कार्रवाई है। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने इस स्ट्राइक को सीमित और सटीक कदम बताते हुए दावा किया कि उनका मुख्य उद्देश्य ईरानी माइन बिछाने वाली नौसैन्य इकाइयों को रोकना था। इसके विपरीत, ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल दागने का दावा किया।
जॉर्डन के सैन्य प्रशासन के मुताबिक, सोमवार तड़के देश के हवाई क्षेत्र में घुसी कुल आठ मिसाइलों को वायु रक्षा प्रणाली द्वारा हवा में ही नष्ट कर दिया गया। ईरानी सरकारी प्रसारकों ने लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों के दागे जाने के वीडियो फुटेज प्रसारित किए और इसे अमेरिकी आक्रामकता का माकूल जवाब बताया। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास स्थित लारक द्वीप के आसपास भीषण धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जबकि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इस दौरान कई सैनिकों और स्थानीय नागरिकों के हताहत होने की पुष्टि की है।



















