जयपुर जिले के रेनवाल कस्बे से एक अत्यंत दुखद घटना सामने आई है, जहां वार्ड नंबर 33 में स्थित एक आवासीय बाड़े में अचानक भीषण आग भड़क उठी। इस दुर्दांत अग्निकांड की चपेट में आने से वहां बंधे हुए आठ मवेशियों की दर्दनाक तरीके से जलकर मृत्यु हो गई। इसके अलावा बाड़े की छत पर और अंदर रखा हुआ पशुओं का सारा चारा भी पूरी तरह जलकर राख के ढेर में तब्दील हो गया। इस भारी क्षति के कारण पशुपालक परिवार को बहुत बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। हालांकि, स्थानीय निवासियों और समय पर पहुंची प्रशासनिक सहायता के कारण आग आसपास के रिहायशी मकानों तक नहीं फैल पाई, जिससे एक बहुत बड़ा संभावित हादसा टल गया और जनहानि होने से बचाव हो गया।
पार्षद के बाड़े में हुआ हादसा
उपलब्ध विवरण के अनुसार, यह पूरी दुर्घटना वार्ड नंबर 33 के निवासी और पार्षद बोदूराम कुमावत के घर के नजदीक बने पशुबाड़े में हुई। इस बाड़े को बचाने और ढकने के लिए छप्पर बनाया गया था जिसके नीचे पशुओं का भोजन यानी चारा भंडारित किया गया था। जैसे ही बाड़े में आग सुलगनी शुरू हुई, कुछ ही पलों में उसकी लपटों ने अत्यंत विकराल और भयानक रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते आग ने पूरे परिसर को अपनी गिरफ्त में ले लिया और तीव्र गति से फैल गई। इस बीच स्थिति इतनी विकट हो गई कि बाड़े के भीतर बंधे हुए बेजुबान मवेशियों को वहां से सुरक्षित बाहर निकालने का अवसर तक प्राप्त नहीं हुआ, परिणामस्वरूप आठों मवेशी आग की चपेट में आ गए और उनकी जलने से मौत हो गई।
दमकल कर्मियों की कड़ी मशक्कत
आसपास के लोगों ने जब अचानक आसमान में धुएं का घना गुबार और आग की ऊंची लपटें उठती हुई देखीं, तो पूरे इलाके में भारी हड़कंप मच गया और अफरातफरी का माहौल बन गया। तुरंत ही स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने के प्रयास शुरू किए और इसकी तत्काल सूचना नगर पालिका के प्रशासनिक अधिकारियों को दी। सूचना मिलने के तुरंत बाद रेनवाल नगर पालिका की दमकल गाड़ी मौके पर पहुंच गई। दमकल के कर्मचारियों ने आग की भयंकर स्थिति का आकलन करते हुए भारी मशक्कत शुरू की और काफी देर तक संघर्ष करने के पश्चात आग पर पूरी तरह नियंत्रण प्राप्त किया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी क्योंकि आठ मवेशी अपनी जान गंवा चुके थे और चारा पूरी तरह स्वाहा हो गया था। इस भीषण क्षति से पीड़ित परिवार को गहरा सदमा लगा है।
कारणों की जांच और मुआवजे की मांग
घटना के बाद से अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बाड़े में आग लगने की असली वजह क्या थी। यह आग बिजली के शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था, इस बारे में कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आ पाई है। इस दुखद घटना के घटित होने के बाद क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इस पूरे नुकसान का शीघ्र आकलन करवाया जाए और प्रभावित पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा राशि प्रदान की जाए। गनीमत इस बात की रही कि समय रहते दमकल की सहायता से आग पर काबू पा लिया गया अन्यथा यह विकराल आग आसपास के अन्य मकानों को भी अपनी चपेट में ले सकती थी और बड़ा नुकसान हो सकता था।

















