राजस्थान के उदयपुर जिले में स्थानीय पंचायत चुनाव की वोटिंग को लेकर हुए एक घरेलू विवाद ने बेहद खौफनाक रूप ले लिया। कल्याणपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले महुवाड़ा गांव में एक युवक ने अपने दोस्त के पक्ष में मतदान न करने से नाराज होकर अपने ही परिवार पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक हमले में मां की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि बीच-बचाव करने आए पिता और बड़े भाई को भी गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद से आरोपी युवक मौके से फरार है और पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है।
आधी रात को वोटिंग के विवाद में अचानक भड़की हिंसा
प्राप्त विवरण के अनुसार, महुवाड़ा गांव निवासी पुष्पा अपने पति लालचंद, बड़े बेटे गणेश परमार और अपनी बहू के साथ अपने घर में सो रही थीं। शुक्रवार की तड़के लगभग 3 बजे छोटा बेटा राहुल परमार देर रात घर वापस लौटा। घर आते ही उसने पंचायत चुनाव में अपने दोस्त के समर्थन में वोट न डालने को लेकर परिजनों से सवाल-जवाब शुरू कर दिया। राहुल बेहद गुस्से में था और वह अपने परिवार से इस बात को लेकर बहस करने लगा कि उन्होंने चुनाव में उसके मित्र की मदद क्यों नहीं की। देखते ही देखते बातचीत में तल्खी बढ़ गई और बहस ने हिंसक रूप धारण कर लिया। राहुल ने आपा खो दिया और घर में रखी लोहे की भारी रॉड उठाकर अपनी मां पुष्पा के सिर पर सीधा वार कर दिया। इस गंभीर हमले के कारण पुष्पा लहूलुहान होकर वहीं जमीन पर गिर पड़ीं।
बीच-बचाव में पिता और भाई पर भी लोहे की रॉड से जानलेवा वार
मां पर अचानक हुए इस जानलेवा हमले को देखकर घर में सो रहे अन्य सदस्य घबरा गए। पिता लालचंद अपनी पत्नी को बचाने के लिए तुरंत आगे बढ़े, लेकिन आरोपी राहुल ने अपनी क्रूरता जारी रखते हुए उन पर भी लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इसके बाद बड़े भाई गणेश परमार और उनकी पत्नी ने साहस दिखाते हुए राहुल को रोकने और रॉड छीनने का प्रयास किया, लेकिन गुस्से से अंधे हो चुके आरोपी ने गणेश पर भी हमला कर दिया। परिजनों को लहूलुहान हालत में छोड़कर आरोपी राहुल परमार अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। इस अचानक हुए हमले से पूरे घर में चीख-पुकार मच गई और आसपास के क्षेत्र में दहशत फैल गई।
अस्पताल ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम, पुलिस जुटी आरोपी की तलाश में
घटना के तुरंत बाद बड़े बेटे गणेश ने हिम्मत जुटाई और गंभीर रूप से घायल माता-पिता को इलाज के लिए ले जाने की व्यवस्था की। वे एक निजी वाहन का सहारा लेकर लहूलुहान पुष्पा और लालचंद को डूंगरपुर जिला अस्पताल ले जाने लगे। हालांकि, मां पुष्पा के सिर में गंभीर चोट आने के कारण अत्यधिक खून बह चुका था और अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचने पर वहां मौजूद डॉक्टरों ने पुष्पा को मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल पिता लालचंद को डूंगरपुर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।
पंचायत चुनाव की रंजिश में बेटे द्वारा अपनी ही मां की हत्या करने और पिता को घायल करने की इस नृशंस वारदात से पूरे महुवाड़ा गांव में मातम और सनसनी का माहौल है। कल्याणपुर पुलिस थाना की टीम ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार आरोपी राहुल परमार की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर कानून के कटघरे में लाया जाएगा।



















