रिश्तों में जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ने वाले पार्टनर की जगह अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को खड़ा करने की कोशिशों ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है। अक्सर देखा जाता है कि कई लोग खाना पकाने, सफाई करने, योजनाएं बनाने और छोटी-छोटी बातों का ख्याल रखने जैसे कामों से यह कहकर पीछे हट जाते हैं कि वे इन्हें सही से नहीं कर सकते। ऐसे में दूसरा पार्टनर मजबूरन सारे काम खुद संभालने लगता है। इसी आदत को सुधारने का दावा करते हुए इस हफ्ते 'ऑर्किड' (Orchid) नाम के एक नए AI एजेंट का विज्ञापन जारी किया गया, जिसे एक बेपरवाह पार्टनर की जगह उसके सारे निजी काम पूरे करने वाले डिजिटल मददगार के रूप में पेश किया गया है।
सोशल मीडिया पर विज्ञापन की कड़ी आलोचना
बुधवार को जारी किए गए एक प्रचार वीडियो के बाद इस ऐप को लेकर विवाद शुरू हो गया। वीडियो में सैम नाम का एक शख्स दिखाया गया है, जो घर में रखे एक्सपायर्ड सामान को टटोलते हुए वीडियो गेम खेलने में व्यस्त है। वह अपनी सालगिरह की तारीख पूरी तरह भूल चुका होता है। तभी ऑर्किड ऐप उसे इस खास दिन की याद दिलाता है। सैम घबराकर जवाब टाइप करता है कि वह सब संभाल लेगा, लेकिन ऐप उसे तुरंत रोकते हुए कहता है कि वह ऐसा नहीं कर सकता और इसीलिए उसे बनाया गया है। इसके बाद ऑर्किड खुद ही एक रेस्टोरेंट में टेबल बुक करता है और सैम की गर्लफ्रेंड के पसंदीदा फूल, लिली, ऑर्डर कर देता है। ये ऐसी बातें थीं जो सैम को याद भी नहीं थीं।
दिलचस्प बात यह है कि उसकी गर्लफ्रेंड भी दिनभर ऑर्किड का इस्तेमाल कर रही होती है और उसे अच्छी तरह मालूम होता है कि यह सारी तैयारी AI ने की है। इसके बावजूद वह सैम को पूरे सरप्राइज का श्रेय लेने देती है। एक्स (X) प्लेटफॉर्म पर यह वीडियो आते ही लोगों ने इसे आड़े हाथों लिया। यूज़र्स ने आरोप लगाया कि यह ऐप ऐसे गैर-जिम्मेदार वयस्कों को बढ़ावा दे रहा है जिन्हें अपने साथी की कोई परवाह नहीं है। आलोचकों का कहना है कि ऐसी तकनीक सिर्फ उन खोखले रिश्तों को घसीटने का काम करती है जिनसे दोनों पार्टनर अंदर ही अंदर परेशान हो चुके हैं।
थेरेपिस्ट ने दी रिश्तों को आउटसोर्स न करने की सलाह
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि टास्क मैनेज करने वाले ऐप रिश्तों की पुरानी कड़वाहट को दूर नहीं कर सकते। लॉस एंजिल्स की लाइसेंस प्राप्त मैरिज और फैमिली थेरेपिस्ट लॉरेन माहेर के अनुसार, जरूरी बातचीत से बचने की कोशिश जोड़ों को उन चुनौतियों का सामना करने से रोकती है जो रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए बेहद जरूरी होती हैं। "एक AI ऐप कभी भी ध्यान या सच्चे लगाव की कमी को पूरा नहीं कर सकता," मैरिज थेरेपिस्ट लॉरेन माहेर का कहना है कि बनावटी परवाह कभी भी किसी इंसान को भावनात्मक सुरक्षा का एहसास नहीं करा सकती।
माहेर ने 'ट्रायंगुलेशन' (Triangulation) यानी त्रिकोणीय संचार की समस्या की ओर भी इशारा किया। यह स्थिति तब बनती है जब दो लोग सीधे बात करने के बजाय किसी तीसरे का सहारा लेते हैं। कपल्स थेरेपी में आमतौर पर तीसरे पक्ष को बीच में लाने से मना किया जाता है, लेकिन अब लोगों के पास अपने रोमांटिक रिश्तों में AI जैसी गैर-मानवीय तकनीक को शामिल करने का अजीब विकल्प आ गया है। विशेषज्ञों की चेतावनी है कि ऑर्किड जैसी तकनीक का इस्तेमाल सिर्फ अस्थायी पर्दा डाल सकता है, जो आगे चलकर बड़ी समस्याएं खड़ी करेगा क्योंकि अप्रत्यक्ष बातचीत हमेशा रिश्तों में तनाव बढ़ाती है। इस पूरे विवाद और टिप्पणियों पर जब ऑर्किड से प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उनकी तरफ से तुरंत कोई जवाब नहीं आया।
डेटिंग में AI सलाह से बढ़ी उलझन: सर्वे के नतीजे
दिल के मामलों में AI सहायकों की असल उपयोगिता पर पहले से ही सवाल उठ रहे हैं। एस्ट्रोलॉजी ऐप 'हिंट' (Hint) द्वारा कराए गए एक हालिया सर्वे में अमेरिका, लैटिन अमेरिका और यूरोप के 13,000 से अधिक वयस्कों से राय ली गई थी। इस सर्वे के नतीजों से पता चला कि AI से मिलने वाली सलाह कई बार डेटिंग फैसलों को और मुश्किल बना देती है। सर्वे में शामिल 59 प्रतिशत लोगों ने स्वीकार किया कि मशीन द्वारा दी गई सलाह ने उन्हें पहले से ज्यादा उलझन में डाल दिया। वहीं 47 प्रतिशत प्रतिभागियों ने माना कि AI से मिलने वाली अत्यधिक जानकारियों के दबाव में उन्होंने अपने रिश्तों से जुड़े अहम फैसले टाल दिए।
वर्कफ्लो ऑटोमेशन से जुड़ा है ऐप का मुख्य मकसद
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि विवादों में घिरा यह विज्ञापन शायद कंपनी की एक रणनीति का हिस्सा है, ताकि लोगों का ध्यान इसके मुख्य फीचर्स की ओर खींचा जा सके। जून में जारी एक ब्लॉग पोस्ट के अनुसार, कंपनी का असली उद्देश्य लोगों के दैनिक काम करने के तरीके को पूरी तरह बदलना है। 'अपनी जिंदगी को ऑटोमेट करें' के नारे के साथ प्रचारित यह ऐप विभिन्न कनेक्टेड ऐप्स के बीच बिना स्विच किए काम करने की सुविधा देता है। हालांकि, टेक्स्टिंग फीचर के अलावा यह स्पष्ट नहीं है कि यह अन्य AI सहायकों से कितना अलग है। भले ही इस वायरल विज्ञापन ने काफी चर्चा बटोरी हो, लेकिन किसी खराब हो चुके रिश्ते को सुधारना इस तकनीक के बस की बात नजर नहीं आती।



















