शादी के 12 साल बीत जाने और जीवन के ढलते पड़ाव पर मेनोपॉज की आहट के बीच कई बार इंसान की निजी जिंदगी ऐसे मोड़ पर आ खड़ी होती है जिसकी उम्मीद उसने खुद भी नहीं की होती। 49 वर्ष की आनी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। अपनी शादीशुदा जिंदगी में पिछले तीन से अधिक सालों से शारीरिक आत्मीयता से पूरी तरह दूर आनी ने 33 साल के हरदीप नाम के एक युवा वकील के साथ गुप्त रिश्ता शुरू किया। उम्र में 16 साल का अंतर होने के बावजूद दोनों हफ्ते में लगभग पांच बार एक-दूसरे से मिलते हैं और अपने इस रिश्ते को पूरी तरह से गोपनीय रखते हैं।
कैसे शुरू हुई इस अनपेक्षित रिश्ते की कहानी
आनी की मुलाकात हरदीप से बेहद अचानक एक कैश पाइंट पर हुई थी। उस वक्त दोनों के बीच पहली ही नजर में एक अजीब सा आकर्षण महसूस हुआ। आनी ने बिना किसी हिचकिचाहट के उस अनजान व्यक्ति को अपना फोन नंबर दे दिया क्योंकि उन्हें भीतर से यह अहसास हो गया था कि यह संपर्क सिर्फ आम दोस्ती तक सीमित नहीं रहने वाला है। उस समय आनी मेनोपॉज के शुरुआती दौर से गुजर रही थीं जब उनके शरीर में हार्मोनल बदलावों के कारण कामेच्छा बहुत तीव्र हो रही थी।
दूसरी तरफ आनी के पति की बात करें तो शादी के इतने सालों में उनकी शारीरिक संबंधों में कभी खास दिलचस्पी नहीं रही थी। समय के साथ उन्होंने लगभग 3 स्टोन यानी करीब 19 किलोग्राम वजन भी बढ़ा लिया था जिससे आनी का उनकी तरफ आकर्षण पूरी तरह खत्म होने लगा था। वहीं दूसरी ओर 33 वर्षीय हरदीप का सुगठित शरीर, करीने से तराशी गई दाढ़ी और निखरी त्वचा आनी को बेहद आकर्षित करती थी। शुरुआत में व्हाट्सएप पर साधारण बातचीत से शुरू हुआ यह सिलसिला धीरे-धीरे गहराता चला गया। एक डेट के बाद कार में हुए पहले चुंबन ने इस रिश्ते पर मोहर लगा दी।
सोमवार और मंगलवार: ऑनलाइन रोमांस और आर्ट गैलरी की शाम
सोमवार के दिन आनी और उनके पति के अलग-अलग कमरों में सोने की दिनचर्या सामने आती है। आनी बताती हैं कि मेनोपॉज के कारण उन्हें रात में नींद न आने और बेचैनी की समस्या रहती है इसलिए वे अकेले सोना पसंद करती हैं। उनके पति ने भी पिछले तीन सालों से उनके करीब आने की कोई कोशिश नहीं की है। उस दिन हरदीप काम के सिलसिले में शहर से बाहर थे इसलिए दोनों प्रत्यक्ष रूप से नहीं मिल सके। हालांकि घर के डेस्क पर काम करते हुए आनी और हरदीप के बीच संदेशों का दौर शुरू हुआ।
हरदीप के निर्देश पर आनी ने बाथरूम में जाकर खुद को बंद किया और वीडियो कॉल के जरिए दोनों ने एक-दूसरे से अपनी भावनाएं साझा कीं। आनी का मानना है कि उनके पति को उन पर कभी शक नहीं होता और वे कभी उनका फोन भी चेक नहीं करते। मंगलवार को हरदीप के सुझाव पर दोनों एक विशाल आर्ट गैलरी में मिले। घर पर दोस्तों से मिलने का बहाना बनाकर निकली आनी अपनी बेटी को लेकर बेहद संवेदनशील हैं और नहीं चाहतीं कि इस रिश्ते से उनकी बेटी का दिल टूटे। आर्ट गैलरी की कलाकृतियों को देखते हुए दोनों के बीच का आकर्षण चरम पर पहुंच गया और उन्होंने वहां बने एक शौचालय का इस्तेमाल कर अपनी तीव्र इच्छाओं को पूरा किया। घर लौटने पर आनी के चेहरे की खुशी को देखकर भी उनके पति ने कोई सवाल नहीं पूछा।
बुधवार और गुरुवार: चुराए हुए लम्हे और होटल का कमरा
बुधवार को हरदीप अपनी मां को आंखों के डॉक्टर के पास ले जाने में व्यस्त थे जबकि आनी घर से अपना काम निपटा रही थीं। शाम के समय दोनों ने फोन पर पुरानी मुलाकातों के वीडियो साझा किए और एक-दूसरे से बात की। हरदीप अपने रूढ़िवादी माता-पिता के साथ रहते हैं इसलिए वे कभी अपने घर पर नहीं मिल सकते थे। दोनों अक्सर हंसी-मजाक करते थे और कभी-कभी भविष्य के रिश्ते पर भी चर्चा करते थे हालांकि दोनों जानते थे कि परिवार के कारण कोई स्थाई रिश्ता मुमकिन नहीं है।
गुरुवार की दोपहर आनी और हरदीप ने कुछ घंटों के लिए एक होटल का कमरा बुक किया। उस वक्त आनी के पति दफ्तर में थे और बेटी अपनी सहेली के घर गई हुई थी। होटल के कमरे में पहुंचते ही दोनों ने घंटों एक-दूसरे के साथ समय बिताया। आनी का कहना है कि वे किसी प्रकार के गर्भनिरोधक का इस्तेमाल नहीं करते क्योंकि मेनोपॉज के इस पड़ाव पर वे गर्भधारण की उम्र पार कर चुकी हैं। साथ ही उन्हें किसी तरह के संक्रमण का डर भी नहीं है क्योंकि उन्हें पूरा यकीन है कि हरदीप किसी और के साथ संबंध में नहीं हैं। शाम को घर लौटकर आनी ने सामान्य रूप से परिवार के लिए खाना बनाया जबकि उनका मन अभी भी उसी कमरे में अटका हुआ था।
शुक्रवार और शनिवार: कार ड्राइव और जंगल का गुप्त रोमांस
शुक्रवार को काम पर जाते वक्त आनी और हरदीप एक कैफे में मिले जहां टेबल के नीचे हाथ थामकर दोनों ने अगले दिन मिलने का वादा किया। शाम को आनी अपनी शादीशुदा सहेलियों से मिलीं लेकिन उन्होंने अपने इस अफेयर का कोई जिक्र नहीं किया क्योंकि उन्हें पता था कि उनके सामाजिक दायरे में इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। शनिवार को आनी ने घर पर एक नए क्लाइंट से मिलने का झूठा बहाना बनाया और हरदीप की कार में शहर से बाहर निकल गईं।
कार की सवारी के दौरान ही दोनों के बीच की नजदीकी इतनी बढ़ गई कि गाड़ी का संतुलन बिगड़ते-बिगड़ते बचा। बाद में एक सुनसान सड़क किनारे गाड़ी खड़ी करके दोनों ने समय बिताया। इसके बाद जंगल में सैर के दौरान हरदीप ने अपनी जैकेट जमीन पर बिछाई और कुदरत के बीच दोनों ने एक-दूसरे का साथ महसूस किया। आनी का कहना है कि उन्हें अपने इस व्यवहार पर कोई पछतावा नहीं होता क्योंकि उनके पति ने उन्हें हमेशा एक पुरानी अलमारी की तरह नजरअंदाज किया है। उनका मानना है कि जिंदगी बहुत छोटी है और इसे खुलकर जीना चाहिए।
रविवार और भविष्य: घरेलू जिम्मेदारियां और आजादी का सपना
रविवार का दिन पूरी तरह से पारिवारिक जिम्मेदारियों के नाम रहता है। आनी ने घर की सफाई की, पूरे परिवार के लिए खाना पकाया और हफ्ते भर के कपड़ों की तह बनाई। शाम को पूरे परिवार ने साथ बैठकर एक फिल्म देखी। उस दौरान हरदीप के साथ केवल कुछ साधारण संदेशों का आदान-प्रदान हुआ। आनी बताती हैं कि अपनी पारिवारिक दुनिया में वे हरदीप को कोई जगह नहीं देतीं।
भविष्य के बारे में बात करते हुए आनी का कहना है कि कुछ वर्षों में जब उनकी बेटी कॉलेज चली जाएगी तब शायद वे अपने पति से अलग हो जाएंगी और अकेले रहेंगी। वे किसी अन्य पुरुष के साथ नया रिश्ता या शादी नहीं चाहतीं क्योंकि वे पत्नी, मां और देखभाल करने वाली की भूमिका निभा चुकी हैं। अब वे बस अपनी उम्र के इस पड़ाव पर अपने शरीर और जिंदगी का आनंद लेना चाहती हैं।



















