सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जिले में शिव भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी है और छोटी काशी के नाम से मशहूर गोला गोकर्णनाथ शिव मंदिर में प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं। हरिद्वार, फर्रुखाबाद और कानपुर से लाखों कांवड़िए यहां भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने और अपनी मनोकामना मांगने पहुंचते हैं, इसलिए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को खास तौर पर चाक-चौबंद रखा गया है ताकि किसी भक्त को परेशानी न हो।
रावण के अंगूठे का निशान और शिवलिंग की कहानी
गोला गोकर्णनाथ का यह पौराणिक शिव मंदिर सदियों से आस्था का केंद्र रहा है और इसकी कथा सीधे रामायण काल से जुड़ी है। लोक मान्यता के मुताबिक त्रेतायुग में रावण की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव उसके साथ चलने को तैयार हो गए, लेकिन शर्त रखी कि रास्ते में जहां भी उन्हें भूमि पर रखा जाएगा, वह वहीं स्थापित हो जाएंगे। इसी शर्त के साथ रावण भगवान शिव को लेकर लंका की ओर चल पड़ा। जब वह गोला गोकर्णनाथ के पास पहुंचा तो उसे लघुशंका महसूस हुई। रावण ने शिवलिंग एक चरवाहे को थमा दिया और सख्त हिदायत दी कि उसे जमीन पर न रखे। लेकिन रावण के देर तक वापस न लौटने पर चरवाहे ने थककर शिवलिंग को भूमि पर रख दिया। वापस आकर रावण ने शिवलिंग उठाने की बहुत कोशिश की, मगर वह टस से मस नहीं हुआ। गुस्से में रावण ने अपने अंगूठे से शिवलिंग को जमीन में दबा दिया। मान्यता है कि आज भी इस शिवलिंग पर रावण के उसी अंगूठे का निशान मौजूद है, और यही वजह है कि श्रद्धालुओं की आस्था इस मंदिर से इतनी गहरी जुड़ी है।
चार पार्किंग स्थल, हर जगह टॉयलेट और सीसीटीवी
सावन मेले में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने चार अलग-अलग पार्किंग स्थल तैयार किए हैं। लखीमपुर की तरफ से आने वाले वाहनों को बस बाजार स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप के पास और हाईवे बाईपास किनारे कोठी भट्ट के पास खड़ा किया जाएगा। अलीगंज की ओर से आने वाले वाहन मंडी समिति परिसर में रुकेंगे, जबकि खुटार रोड से आने वाले वाहनों के लिए चीनी मिल के ट्रक यार्ड में जगह तय की गई है। भीड़ ज्यादा बढ़ने की स्थिति में कन्या देवस्थान से पहले धिरावा भट्ट परिसर में भी अतिरिक्त पार्किंग की व्यवस्था की गई है। हर पार्किंग स्थल पर दो-दो मोबाइल टॉयलेट, पेयजल के टैंकर, रोशनी की व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न झेलनी पड़े। सुरक्षा के लिहाज से पूरे शहर को दो जोन और चार सेक्टर में विभाजित कर दिया गया है।
सोमवार को अतिरिक्त फोर्स, ड्रोन और कंट्रोल रूम से निगरानी
सावन के हर सोमवार पर भीड़ का दबाव और बढ़ जाता है, इसलिए उस दिन के लिए चार अतिरिक्त सीओ सहित अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। कुल मिलाकर सावन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में चार सीओ, 15 प्रभारी निरीक्षक, 56 उपनिरीक्षक, 300 कांस्टेबल और 40 मुख्य आरक्षी लगाए गए हैं। इनके अलावा एक कंपनी पीएसी, फायर ब्रिगेड की यूनिट और एपी गारद भी मौजूद रहेगी। निगरानी के लिए 32 सीसी कैमरों से लैस एक कंट्रोल रूम बनाया गया है और ड्रोन कैमरे से भी हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, विद्युत विभाग और नगर पालिका के कर्मचारी भी ड्यूटी पर तैनात रहेंगे, साथ ही दो मोबाइल पार्टी और दो ड्यूटी चेकिंग पार्टी लगातार क्षेत्र में गश्त करेंगी।
जिले भर में पांच जोन और 20 सेक्टर: एएसपी का बयान
अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) अमित कुमार राय ने बताया कि सिर्फ गोला गोकर्णनाथ ही नहीं, बल्कि जिले के अलग-अलग शिव मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पूरे जनपद को 5 जोन, 20 सेक्टर और 63 सब-सेक्टर में बांटा गया है। इस पूरे इंतजाम की निगरानी के लिए 8 सीओ की ड्यूटी लगाई गई है, वहीं दो एडिशनल एसपी भी व्यवस्था पर नजर रखेंगे। प्रशासन का दावा है कि इन तैयारियों से सावन के महीने में शिव भक्तों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी।



















