अरुणाचल प्रदेश के उप मुख्यमंत्री चौना मेन ने आगामी 2569वें वैशाख बुद्ध पूर्णिमा उत्सव के सिलसिले में भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी की तैयारियों का जायजा लिया है। यह विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन 1 नवंबर से 15 नवंबर 2026 तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में आयोजित किया जाएगा। इस सिलसिले में नामसाई में एक उच्च स्तरीय समन्वय बैठक बुलाई गई थी, जिसमें प्रशासन के तमाम पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
नामसाई में हुई अहम समन्वय बैठक
शनिवार को आयोजित इस बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री चौना मेन ने अवशेषों के स्वागत, सुरक्षा प्रबंधों, जनसुविधाओं और विभिन्न सरकारी विभागों के बीच आपसी तालमेल पर विशेष जोर दिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे यह सुनिश्चित करें कि आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इस उच्च स्तरीय मंथन का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को एक व्यवस्थित और दिव्य अनुभव प्रदान करना है।
तवांग, बोमडिला और नामसाई में होंगे दर्शन
तय कार्यक्रम के अनुसार, भगवान बुद्ध के इन पवित्र अवशेषों को राज्य के तीन प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किया जाएगा। श्रद्धालुओं को 11 नवंबर से 15 नवंबर 2026 के बीच तवांग, बोमडिला और अंत में नामसाई के प्रसिद्ध गोल्डन पगोडा में इन पवित्र अवशेषों के दर्शन करने और आशीर्वाद प्राप्त करने का सुअवसर मिलेगा। इस ऐतिहासिक आयोजन से पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र और पड़ोसी इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
बौद्ध सांस्कृतिक धरोहर और शांति का संदेश
बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह अवसर राज्य की जनता के लिए एक गहरा आध्यात्मिक क्षण होगा। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि यह प्रदर्शनी अरुणाचल प्रदेश की समृद्ध बौद्ध विरासत और शांति, करुणा तथा आपसी सद्भाव की साझा परंपराओं को मजबूती प्रदान करेगी।
सामुदायिक भागीदारी और धन्यवाद
आयोजन की सफलता को सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय प्रशासन, बौद्ध गुरुओं और जनप्रतिनिधियों की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। उप मुख्यमंत्री ने इस पवित्र कार्य में सहयोग देने वाले सभी धार्मिक नेताओं, जनप्रतनिधियों, जिला प्रशासनों और सामुदायिक संगठनों के योगदान की सराहना की और सभी से इस ऐतिहासिक आयोजन को गरिमामयी बनाने की अपील की।



















