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चित्तौड़गढ़ के प्रसिद्ध सांवलिया सेठ मंदिर में श्रावण मास की दानपेटी से निकले 35.66 करोड़ रुपये, 133 किलो चांदी भी चढ़ीधर्म
20 अग॰ 2026, 2:06 pm (41 दिन पहले)· 2

चित्तौड़गढ़ के प्रसिद्ध सांवलिया सेठ मंदिर में श्रावण मास की दानपेटी से निकले 35.66 करोड़ रुपये, 133 किलो चांदी भी चढ़ी

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित श्री सांवलिया सेठ मंदिर में श्रावण मास की भंडार गिनती पूरी हो चुकी है। छह चरणों में संपन्न हुई इस गिनती में मंदिर को कुल 35.66 करोड़ रुपये से अधिक का चढ़ावा, 1.38 किलो सोना और 133 किलो से ज्यादा चांदी प्राप्त हुई है।

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित प्रसिद्ध श्री सांवलिया सेठ मंदिर में पवित्र श्रावण मास के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए गए चढ़ावे की भंडार गिनती का कार्य संपन्न हो गया है। इस बार भगवान सांवलिया सेठ के दरबार में भक्तों ने अपार श्रद्धा के साथ दिल खोलकर दान दिया है। मंदिर मंडल को भंडार दानपेटी और भेंटकक्ष के माध्यम से न केवल भारी नकदी प्राप्त हुई है, बल्कि बड़ी मात्रा में सोने और चांदी के आभूषण तथा धातुएं भी मिली हैं। कुल मिलाकर मंदिर ट्रस्ट को 35 करोड़ 66 लाख रुपये से अधिक का चढ़ावा प्राप्त हुआ है, जिसमें 133 किलो से ज्यादा चांदी और 1.38 किलो से अधिक सोना शामिल है।

छह चरणों में पूरी की गई दान पात्रों की गिनती

श्री सांवलिया सेठ मंदिर मंडल के अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव ने दान पेटियों की गिनती के विवरण के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भंडार दानपेटी की गणना की प्रक्रिया 11 अगस्त 2026 को शुरू की गई थी। लगातार कई दिनों तक चली इस विस्तृत प्रक्रिया के बाद छठे चरण में गिनती का काम अंतिम रूप से संपन्न हुआ। श्रावण के पवित्र महीने में देश के कोने-कोने से पहुंचे श्रद्धालुओं की अटूट आस्था के कारण मंदिर के खजाने में धन और बहुमूल्य धातुओं की भारी आवक देखी गई। स्थानीय लोग और श्रद्धालु इसे भगवान सांवलिया सेठ के दरबार में सोने और चांदी की बरसी कृपा के रूप में देख रहे हैं।

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नकदी, सोने और चांदी का पूरा वित्तीय हिसाब

मंदिर मंडल द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस बार भंडार गणना और विभिन्न अन्य माध्यमों से प्राप्त कुल दान राशि 35 करोड़ 66 लाख 64 हजार 428 रुपये रही है। इसमें से केवल मंदिर परिसर में स्थापित मुख्य भंडार दानपेटी से 27 करोड़ 89 लाख 54 हजार 347 रुपये नकदी के रूप में निकाले गए हैं। इसके अतिरिक्त मनीऑर्डर, प्रत्यक्ष भेंट और आधिकारिक ऑनलाइन माध्यमों के जरिए मंदिर को 7 करोड़ 77 लाख 10 हजार 81 रुपये की राशि प्राप्त हुई है। बहुमूल्य धातुओं की बात करें तो दानपात्रों से 1 किलो 38 ग्राम 300 मिलीग्राम सोना और 133 किलो 653 ग्राम चांदी का शुद्ध हिसाब दर्ज किया गया है।

जुलाई महीने में बना था सर्वाधिक दान का रिकॉर्ड

सांवलिया सेठ मंदिर में श्रावण मास के दौरान आया यह चढ़ावा मंदिर की निरंतर बढ़ती ख्याति और श्रद्धालुओं की आस्था को रेखांकित करता है। इससे पहले जुलाई 2026 में भी मंदिर के दान पात्र खोले गए थे, जब भक्तों ने रिकॉर्ड तोड़ दान दिया था। आषाढ़ मास के उस दौर में केवल एक ही महीने के भीतर मंदिर को 38 करोड़ 23 लाख 13 हजार 862 रुपये की ऐतिहासिक राशि प्राप्त हुई थी। जुलाई की वह प्राप्ति आषाढ़ माह में अब तक दर्ज की गई सर्वाधिक दान राशि मानी गई थी। इस बार श्रावण मास में भी दान का आंकड़ा 35 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया, जो मंदिर के प्रति विशाल जनआस्था को दर्शाता है।

गिनती के दौरान मंदिर मंडल के अधिकारी रहे तैनात

दानपेटी की गिनती की पूरी प्रक्रिया बेहद पारदर्शी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की गई। इस दौरान श्री सांवलिया जी मंदिर मंडल के अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव के साथ मंडल सदस्य पवन तिवारी, मीठू लाल जाट, किशन लाल अहीर, राम लाल गुर्जर और हरिराम गाडरी मौजूद रहे। प्रशासनिक व्यवस्थाओं की देखरेख के लिए प्रशासनिक अधिकारी द्वितीय राजेंद्र सिंह, मंदिर एवं संपदा अधिकारी भेरू गिरि गोस्वामी, स्टोर प्रभारी मनोहर लाल शर्मा तथा सहायक सुरक्षा प्रभारी बिहारी लाल गुर्जर उपस्थित थे। इनके अतिरिक्त यशोदा विहार एवं ब्रह्मभोज प्रभारी उदय नाथ, भोजनशाला प्रभारी भेरू लाल गुर्जर, सहायक केशियर जितेन्द्र त्रिपाठी, मंदिर के अन्य कर्मचारी और विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि गिनती कार्य में पूरी निष्ठा के साथ शामिल रहे।

सवाल-जवाब

श्री सांवलिया सेठ मंदिर में श्रावण मास के दौरान कुल कितना दान प्राप्त हुआ?
मंदिर को कुल 35 करोड़ 66 लाख 64 हजार 428 रुपये का दान प्राप्त हुआ, जिसमें दानपेटी, मनीऑर्डर, सीधी भेंट और ऑनलाइन माध्यम शामिल हैं।
दानपेटी की गिनती कितने चरणों में पूरी की गई?
भंडार दानपेटी की गिनती का काम कुल छह चरणों में पूरा हुआ, जिसकी शुरुआत 11 अगस्त 2026 को हुई थी।
मंदिर के खजाने से कितना सोना और चांदी निकला?
दानपेटी की गिनती में 1 किलो 38 ग्राम 300 मिलीग्राम सोना और 133 किलो 653 ग्राम चांदी प्राप्त हुई है।
जुलाई 2026 में मंदिर को कितना चढ़ावा मिला था?
जुलाई 2026 में मंदिर को 38 करोड़ 23 लाख 13 हजार 862 रुपये की रिकॉर्ड दान राशि प्राप्त हुई थी, जो आषाढ़ मास का अब तक का सर्वाधिक दान था।
ऑनलाइन और मनीऑर्डर के माध्यम से कितनी राशि मिली?
मंदिर को मनीऑर्डर, ऑनलाइन माध्यमों और सीधी भेंट के जरिए कुल 7 करोड़ 77 लाख 10 हजार 81 रुपये प्राप्त हुए।
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