उत्तर प्रदेश के आगरा शहर के मीना बाजार इलाके में स्थित मां चामुंडा देवी का यह प्राचीन मंदिर अपनी अनूठी परंपराओं और गहरी आस्था के लिए जाना जाता है। इस पावन स्थल को स्थानीय स्तर पर घंटेवाला मंदिर के रूप में भी खासी पहचान हासिल है। मंदिर के भीतर रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, जो दूर-दराज के इलाकों से आकर मां के चरणों में अपनी अर्जियां और मनोकामनाएं रखते हैं। मंदिर की सेवा से जुड़ी सेविका ने बताया कि इस पवित्र धाम का यह नाम इसलिए पड़ा है क्योंकि यहां आने वाले भक्त अपनी हर मुराद पूरी होने पर देवी को विशेष रूप से घंटे अर्पित करते हैं।
मनोकामना पूरी होने पर चढ़ते हैं अलग-अलग आकार के घंटे
भक्त जब अपनी किसी खास इच्छा या मन्नत को लेकर मां चामुंडा देवी के दरबार में हाजिरी लगाते हैं, तो उनकी प्रार्थना पर अटूट विश्वास होता है। मान्यता के अनुसार, जब भक्तों की वे मुरादें और इच्छाएं पूरी हो जाती हैं, तो वे दोबारा इसी पावन मंदिर में लौटकर आते हैं। इसके बाद वे अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार छोटे या बड़े आकार के घंटे माता को भेंट करते हैं। यही मुख्य कारण है कि मंदिर परिसर में नजर डालने पर विभिन्न आकारों और ध्वनियों वाले अनगिनत घंटे लटके हुए दिखाई देते हैं। श्रद्धालुओं की मां चामुंडा देवी के प्रति यह अगाध निष्ठा उन्हें बार-बार यहां खींच लाती है। यहां आने वाले लोग विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और जीवन में खुशहाली की कामना करते हैं।
अस्पताल के तीमारदारों की मन्नतें और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु
स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्राचीन मां चामुंडा देवी मंदिर क्षेत्र के आस्थावान लोगों का एक मुख्य केंद्र है। इस मंदिर की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां सिर्फ स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि लखनऊ और जयपुर समेत देश के कई अन्य शहरों से भी श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर के बेहद करीब ही एक प्रमुख अस्पताल मौजूद है, जहां इलाज के लिए भर्ती मरीजों के तीमारदार और परिजन अक्सर मानसिक शांति और अपने अपनों के जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद लेकर इस दरबार में आते हैं। मंदिर में पुजारी की जिम्मेदारी निभाने वाली कमलेश गोस्वामी ने जानकारी दी कि लोग पूरी शिद्दत के साथ यहां मन्नत मांगते हैं और स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं। परंपरा के मुताबिक, जब मरीजों की स्थिति में सुधार होता है और उनकी मनोकामना पूरी हो जाती है, तो भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार मां को घंटा चढ़ाने आते हैं, जो इस स्थल को बेहद खास बनाता है।
नवरात्रि के दौरान उमड़ती है भारी भीड़ और उमंग
मंदिर की पुजारी कमलेश गोस्वामी ने आगे बताया कि मां चामुंडा देवी के दरबार में हाजिरी लगाने वाले सभी श्रद्धालु पूरी विधि-विधान और नियम के साथ पूजा-पाठ करते हैं। उनका कहना है कि जो भी भक्त सच्चे मन, निर्मल अंतःकरण और अटूट श्रद्धा के साथ मां से अपनी मनोकामना मांगता है, उसकी पुकार जरूर सुनी जाती है। यह अटूट मान्यता है कि मां अपने हर सच्चे भक्त की हर मुराद और इच्छा को अवश्य पूरा करती हैं। कमलेश गोस्वामी ने यह भी बताया कि साल में आने वाले पावन नवरात्रि के दिनों में इस मंदिर का नजारा पूरी तरह बदल जाता है और यहां भारी संख्या में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ता है। उस दौरान हालात ऐसे हो जाते हैं कि पूरे मंदिर परिसर में पैर रखने तक की जगह नहीं बचती है। दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी तादाद में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए लाइनों में लगते हैं और उपहार के तौर पर घंटे, नारियल के साथ चुनरी भी अर्पित करते हैं। नवरात्रि के इन पवित्र दिनों में पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आता है।



















