वर्ष 2026 में 8 नवंबर का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है क्योंकि इस तारीख को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी और अमावस्या तिथि दोनों का प्रभाव रहेगा। सनातन पंचांग के मुताबिक इस दिन रविवार होने के कारण इसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है। सुबह के वक्त अभ्यंग स्नान की परंपरा निभाई जाएगी और प्रदोष काल के साथ ही रात के समय घरों में माता लक्ष्मी की आराधना होगी। इस विशेष अवसर पर विभिन्न मुहूर्तों का खास ध्यान रखा जाता है ताकि पूजा का पूर्ण फल प्राप्त हो सके।
पंचांग की मुख्य तिथियां और योग
पंचांग गणना के अनुसार 8 नवंबर को सुबह 11 बजकर 29 मिनट तक चतुर्दशी तिथि रहेगी। इसके उपरांत अमावस्या तिथि का आरंभ हो जाएगा जो पर्व के अगले चरणों को निर्धारित करती है। इस पूरे दिन और अगली सुबह तक स्वाती नक्षत्र प्रभावी रहेगा जो कल सुबह 7 बजकर 24 मिनट तक अपनी स्थिति बनाए रखेगा। इसके साथ ही खगोलीय और ज्योतिषीय गणना के अनुसार आयुष्मान योग रात 3 बजकर 3 मिनट तक रहेगा। इन सभी योगों और तिथियों का मेल इस दिन को त्योहार के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाता है।
दिवाली और लक्ष्मी पूजन के लिए शुभ मुहूर्त
पर्व के दिन मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए पूजन का समय बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। वर्ष 2026 में लक्ष्मी पूजन के लिए सबसे उत्तम समय शाम 5 बजकर 54 मिनट से लेकर रात 7 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। इस समयावधि में श्रद्धालु अपने घरों और प्रतिष्ठानों में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सकेंगे। इसके अलावा दिनभर के अन्य शुभ मुहूर्तों में ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:54 ए एम से 05:46 ए एम तक, प्रातः सन्ध्या सुबह 05:20 ए एम से 06:38 ए एम तक, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:46 ए एम से दोपहर 12:30 पी एम तक, गोधुलि मुहूर्त शाम 05:39 पी एम से 06:05 पी एम तक और सायाह्न सन्ध्या शाम 05:39 पी एम से 06:57 पी एम तक निर्धारित की गई है।
अभ्यंग स्नान का समय और महत्व
कार्तिक चतुर्दशी के सूर्योदय के तुरंत बाद अभ्यंग स्नान करने का विधान है। उदयातिथि की मान्यता के अनुसार इस वर्ष चतुर्दशी 8 नवंबर को पड़ रही है इसलिए स्नान भी इसी तारीख को किया जाएगा। इसके लिए सुबह 5 बजकर 41 मिनट से 6 बजकर 38 मिनट तक का समय सबसे उपयुक्त बताया गया है। इस दौरान शरीर पर उबटन लगाकर स्नान करने से आरोग्यता और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है।
प्रमुख शहरों में राहुकाल की स्थिति
किसी भी मांगलिक या धार्मिक कार्य से पहले राहुकाल के समय का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है। 8 नवंबर को देश के अलग-अलग शहरों में राहुकाल की समय सारणी इस प्रकार रहेगी। दिल्ली में शाम 04:10 से शाम 05:31 तक राहुकाल रहेगा। मुंबई में यह समय शाम 04:37 से शाम 06:02 तक रहेगा। चंडीगढ़ में शाम 04:09 से शाम 05:30 तक राहुकाल का प्रभाव रहेगा। लखनऊ में दोपहर बाद 03:57 से शाम 05:19 तक का समय राहुकाल के लिए तय किया गया है। भोपाल में शाम 04:14 से शाम 05:38 तक और कोलकाता में दोपहर बाद 03:32 से शाम 04:56 तक राहुकाल रहेगा। अहमदाबाद में शाम 04:34 से शाम 05:58 तक तथा चेन्नई में शाम 04:13 से शाम 05:40 तक राहुकाल का समय रहेगा।
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
प्रकाश के इस पावन पर्व पर खगोलीय स्थिति के अनुसार सूर्योदय सुबह 06:37 बजे होगा और दिन ढलने पर सूर्यास्त शाम 05:31 बजे दर्ज किया जाएगा। इन दोनों समय के आधार पर ही दिनभर के तमाम धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा की तैयारियों की रूपरेखा तय की जाती है।


















