कार्तिक मास के इस विशेष पर्व पर दीपदान की परंपरा का बहुत अधिक महत्व माना जाता है। इस दिन लोग अपनी श्रद्धा के अनुसार दीये प्रज्वलित करते हैं, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तेरह दीपकों को जलाना सबसे ज्यादा शुभ फलदायी माना गया है।
धनतेरस 2026 पर दीप प्रज्वलन का शुभ मुहूर्त
इस वर्ष धनतेरस पर दीये जलाने का उपयुक्त समय शाम 06:02 से शाम 07:57 बजे तक निर्धारित किया गया है। इसी तय समय सीमा के भीतर विधि-विधान से पूजा संपन्न करने के बाद घर के विभिन्न हिस्सों में दीपक रखने की परंपरा है।
दीपक रखने के प्रमुख स्थान
- पहला दीपक घर के मंदिर में रखा जाता है।
- दूसरा दीपक यमराज के निमित्त घर के बाहर दक्षिण दिशा की तरफ प्रज्वलित होता है।
- तीसरा दीपक मुख्य द्वार पर रखा जाता है।
- चौथा दीपक तुलसी जी के पास रखा जाता है।
- पांचवां दीपक घर की छत पर लगाया जाता है।
- छठा दीपक पीपल के पेड़ के नीचे रखा जाता है।
- सातवां दीपक किसी मंदिर में प्रज्वलित किया जाता है।
- आठवां दीपक कूड़े के पास रखा जाता है।
- नौवां दीपक वॉशरूम के बाहर रखा जाता है।
- दसवां दीपक खिड़कियों के पास रखा जाता है।
- ग्यारहवां दीपक रसोई घर के भीतर रखा जाता है।
- बारहवां दीपक बेल वृक्ष के नीचे रखा जाता है।
- तेरहवां दीपक घर के बीचों बीच रखा जाता है।
पूजा और यमराज के दीपक से जुड़े नियम
इस अवसर पर कुबेर देव से जुड़ी समृद्धि की कामना के लिए विशेष मंत्र का उच्चारण किया जाता है। इसके अलावा यमराज के लिए आटे या मिट्टी का चौमुखा दीपक तैयार किया जाता है जिसमें सरसों या तिल का तेल भरकर चार बातियां लगाई जाती हैं और इसे घर के बाहर रखा जाता है।



















