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गणेश चतुर्थी पर भूलवश दिख जाए चंद्रमा, तो तुरंत करें इस खास मंत्र का जपधर्म
14 सित॰ 2026, 10:24 am (17 दिन पहले)· 0

गणेश चतुर्थी पर भूलवश दिख जाए चंद्रमा, तो तुरंत करें इस खास मंत्र का जप

गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा को देखना अशुभ माना जाता है। यदि गलती से चांद दिख जाए, तो झूठे कलंक से बचने के लिए कुछ विशेष उपायों और मंत्रों का विधान है।

गणेश चतुर्थी का पावन पर्व महाराष्ट्र सहित पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस विशेष अवसर पर जहां एक तरफ श्रद्धालु विघ्नहर्ता भगवान गणेश की विधिवत आराधना में लीन हैं, वहीं दूसरी तरफ चंद्र दर्शन से जुड़ी एक खास धार्मिक मान्यता भी बेहद चर्चा में रहती है। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी कहा जाता है, और इस दिन चंद्रमा का दर्शन करना शुभ नहीं माना जाता है। ऐसी प्राचीन मान्यता है कि इस तिथि पर चांद देखने वाले मनुष्य पर किसी प्रकार का झूठा कलंक लग सकता है, जिस वजह से इस दिन को कलंक चतुर्थी के नाम से भी पुकारा जाता है। आज के दिन चतुर्थी का चंद्रमा लोगों को आसानी से दिखाई दे जाता है, जिसके कारण लोगों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि यदि अनजाने में चांद नजर आ जाए तो ऐसी स्थिति में क्या कदम उठाया जाना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस तरह की परिस्थिति उत्पन्न होने पर घबराने की आवश्यकता बिल्कुल नहीं है, बल्कि भगवान गणेश पर पूर्ण आस्था रखनी चाहिए। इसके साथ ही कुछ खास उपायों को अपनाने से चंद्र दर्शन के दोष से छुटकारा मिलने की बात कही गई है।

चतुर्थी तिथि पर क्यों नहीं देखा जाता चंद्रमा

इस धार्मिक निषेध के पीछे एक पुरानी पौराणिक कथा जुड़ी हुई है। कथा के अनुसार, एक समय भगवान गणेश को देखकर चंद्रदेव उनके रूप-स्वरूप को देखकर हंस पड़े थे। उस काल में चंद्रमा को अपने रूप और सौंदर्य पर बहुत अधिक अहंकार था। चंद्रमा के इस प्रकार के व्यवहार से भगवान गणेश क्रोधित हो गए और उन्होंने चंद्रमा को यह श्राप दे डाला कि भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के दिन जो भी व्यक्ति चंद्रमा के दर्शन करेगा, उस पर समाज में झूठा आरोप मढ़ दिया जाएगा। जब चंद्रदेव ने अपनी भूल का अहसास होने पर क्षमा की गुहार लगाई, तब भगवान गणेश ने उनके श्राप के प्रभाव को सीमित कर दिया था। तभी से सनातन परंपरा में इस विशेष तिथि पर चंद्र दर्शन से बचने का विधान चला आ रहा है।

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अनजाने में चांद के दर्शन हो जाने पर क्या करें

प्रचलित धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, यदि किसी वजह से नजरें चंद्रमा पर पड़ जाएं और गलती से दर्शन हो जाएं, तो तुरंत भगवान गणेश का स्मरण करना चाहिए और उनसे अपनी इस गलती के लिए क्षमा मांगनी चाहिए। इसके पश्चात चंद्र दर्शन दोष निवारण मंत्र का सच्चे मन से जप करना चाहिए। वह मंत्र इस प्रकार है: सिंहः प्रसेनमवधीत् सिंहो जाम्बवता हतः, सुकुमारक मा रोदीस्तव ह्येष स्यमंतकः। इन धार्मिक परंपराओं में स्यामंतक मणि की पावन कथा को सुनने अथवा पढ़ने का भी बड़ा महत्व बतलाया गया है। ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण पर लगे हुए झूठे कलंक की इस कथा का श्रवण करने से चतुर्थी के चंद्र दर्शन के कारण लगने वाले कथित दोष से पूरी तरह मुक्ति मिल जाती है।

जानबूझकर दर्शन और पूजा का महत्व

कुछ विशेष धार्मिक परंपराओं में चंद्र दर्शन के निषेध के निवारण हेतु इन खास मंत्रों और कथाओं का उल्लेख मिलता है। इसलिए यदि किसी कारणवश चंद्रमा के दर्शन हो ही जाएं, तो भगवान गणेश की सच्ची आराधना, उनके मंत्रों का जाप और कथा का श्रवण करना चाहिए। गणेश चतुर्थी के इस पावन पर्व पर सभी भक्तों को अपनी पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करनी चाहिए ताकि जीवन के सभी कष्ट दूर हो सकें।

सवाल-जवाब

गणेश चतुर्थी पर चंद्रमा देखना क्यों वर्जित है?
पौराणिक कथा के अनुसार भगवान गणेश के श्राप के कारण इस दिन चंद्र दर्शन से झूठा कलंक लगने की मान्यता है।
यदि गलती से चंद्रमा दिख जाए तो क्या करना चाहिए?
ऐसी स्थिति में भगवान गणेश का स्मरण कर उनसे क्षमा मांगनी चाहिए और दोष निवारण मंत्र का जप करना चाहिए।
चंद्र दर्शन दोष निवारण मंत्र क्या है?
सिंहः प्रसेनमवधीत् सिंहो जाम्बवता हतः सुकुमारक मा रोदीस्तव ह्येष स्यमंतकः।
किस पौराणिक कथा का श्रवण करना लाभकारी माना गया है?
भगवान श्रीकृष्ण और स्यामंतक मणि से जुड़ी कथा का श्रवण करना इस दोष से मुक्ति दिलाता है।
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