हिंदू धर्म के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक दिवाली का पावन पर्व इस साल 8 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा। इस खास दिन पर प्रदोष काल के दौरान माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार, दिवाली की रात माता लक्ष्मी पृथ्वी लोक का भ्रमण करती हैं। ऐसे में जो भक्त सच्चे मन से माता लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा-अर्चना करते हैं, उन्हें जीवन में विशेष रूप से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। पूजा की तैयारियों के साथ-साथ आपको माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पसंदीदा भोग सामग्रियों के बारे में भी पूरी जानकारी होनी चाहिए, ताकि आप उन्हें उनकी प्रिय चीजें अर्पित कर सकें।
माता लक्ष्मी को अर्पित करें ये प्रिय चीजें
दिवाली की रात माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए दूध, चावल और केसर मिश्रित खीर का भोग लगाना बेहद शुभ माना जाता है। इस तरह का भोग अर्पित करने से जीवन में सकारात्मकता और शुभता आती है, साथ ही माता लक्ष्मी की असीम कृपा से आर्थिक उन्नति के द्वार भी खुलते हैं। खीर के अलावा आप पूजा के समय माता को स्वादिष्ट हलवा भी अर्पित कर सकते हैं। धार्मिक दृष्टिकोण से माता लक्ष्मी को कमलगट्टा, सिंघाड़े और मखाने का भोग लगाना भी बहुत फलदायी होता है। चूंकि ये सभी चीजें जल में उत्पन्न होती हैं और पौराणिक कथाओं के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान जल से ही माता लक्ष्मी का अवतरण हुआ था, इसलिए जल से पैदा होने वाले खाद्य पदार्थ उन्हें अत्यंत प्रिय हैं।
इसके अलावा, दिवाली के पावन पर्व पर पूजन के दौरान माता लक्ष्मी को मीठा पान चढ़ाना भी बहुत अच्छा माना जाता है। मीठा पान अर्पित करने से भी पूजा का पूर्ण और शुभ फल प्राप्त होता है। इसके साथ ही, दिवाली की मुख्य पूजा में खील और बताशे चढ़ाना भी अनिवार्य परंपरा का हिस्सा माना जाता है, जिसे हर घर में श्रद्धा के साथ किया जाता है। इन सभी चीजों को पूरी विधि और पवित्रता के साथ मां को अर्पित करने से घर में बरकत बनी रहती है।
भगवान गणेश को इन चीजों का लगाएं भोग
माता लक्ष्मी के साथ-साथ विघ्नहर्ता भगवान गणेश को भी उनकी पसंदीदा चीजें अर्पित करना उतना ही जरूरी है। गणेश जी को मोदक सबसे अधिक प्रिय हैं, इसलिए दिवाली की पूजा के दौरान मोदक का भोग जरूर शामिल करना चाहिए। मोदक के अतिरिक्त आप बेसन या मोतीचूर के लड्डू भी भगवान गणेश को अर्पित कर सकते हैं। इन प्रिय चीजों का भोग लगाने से गणेश जी प्रसन्न होते हैं और भक्तों के जीवन में आने वाली सभी प्रकार की विघ्न-बाधाओं को दूर करते हैं। पूजा के वक्त गणेश जी को गुड़ और नारियल अर्पित करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके अलावा, कई जगहों पर पूरन पोली का भोग लगाना भी गणेश पूजा के लिए बहुत उत्तम माना गया है।
भगवान गणेश को भोग लगाते समय इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि उन्हें हमेशा ताजे मौसमी फल अर्पित किए जाएं। आप पूजा में केले के साथ-साथ लाल या पीले रंग के अन्य फल भी भगवान गणेश को श्रद्धापूर्वक चढ़ा सकते हैं। इन सभी भोग सामग्रियों को पूरी श्रद्धा और पवित्रता के साथ अर्पित करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। त्योहार के इन पावन दिनों में नियमों का पालन करते हुए पूजा करने से भगवान गणेश और माता लक्ष्मी दोनों की कृपा एक साथ प्राप्त होती है, जिससे भक्तों के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और जीवन खुशियों से भर जाता है।



















