घर में रोज इस्तेमाल होने वाली झाड़ू देखने में एक मामूली चीज लगती है, लेकिन वास्तु शास्त्र में इसे लेकर कई गहरी मान्यताएं जुड़ी हैं। कहा जाता है कि झाड़ू सिर्फ गंदगी हटाने का जरिया नहीं है, बल्कि यह घर से नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकालकर सकारात्मकता लाने का एक प्रतीक भी मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं में इसका सीधा नाता देवी लक्ष्मी से जोड़ा जाता है, इसलिए इसे बदलने और रखने के भी कुछ खास नियम बताए गए हैं।
झाड़ू को इतना महत्व क्यों दिया जाता है
सनातन परंपरा और वास्तु शास्त्र में झाड़ू का सीधा संबंध घर की समृद्धि और वहां बहने वाली ऊर्जा से माना जाता है। इसे शुक्र ग्रह का प्रतिनिधि भी बताया जाता है। यही वजह है कि इसके इस्तेमाल, रखरखाव और बदलाव को लेकर जो नियम बताए गए हैं, उनका सीधा जुड़ाव घर-परिवार की शुभता से माना जाता है।
पुरानी झाड़ू कब बदलें
वास्तु के अनुसार जैसे ही झाड़ू की तीलियां टूटने लगें और उससे सफाई ठीक से न हो पाए, उसी वक्त उसे बदल देना चाहिए। मान्यता है कि टूटी हुई झाड़ू को लंबे समय तक इस्तेमाल करते रहने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने लगती है। नई झाड़ू खरीदने और पुरानी को हटाने के लिए शुक्रवार का दिन सबसे शुभ माना गया है, क्योंकि झाड़ू का नाता शुक्र ग्रह से बताया जाता है।
नई झाड़ू खरीदने के अन्य शुभ मौके
शुक्रवार के अलावा धनतेरस, अक्षय तृतीया और वसंत पंचमी जैसे मौकों पर भी नई झाड़ू खरीदना शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इन खास दिनों पर घर में नई झाड़ू लाने से सुख-समृद्धि बढ़ती है और घर में सकारात्मकता का प्रवेश होता है।
पुरानी झाड़ू को हटाने का सही तरीका
वास्तु के मुताबिक पुरानी झाड़ू को किसी दूसरे व्यक्ति को दान में नहीं देना चाहिए। इसके साथ ही इसे सीधे कूड़ेदान में फेंक देने से भी बचने की सलाह दी जाती है। सही तरीका यह बताया गया है कि इसे किसी पुराने कपड़े में लपेटकर ऐसी जगह रखा जाए, जहां किसी का पैर उस पर न पड़े। इस तरह सम्मान के साथ पुरानी झाड़ू को हटाना शुभ माना जाता है।
नई झाड़ू रखने से जुड़े नियम
कई परिवारों में नई झाड़ू को घर लाने के बाद सबसे पहले उसकी पूजा की जाती है और उसके बाद ही उसका इस्तेमाल शुरू किया जाता है। झाड़ू को हमेशा लिटाकर रखने की सलाह दी जाती है, उसे खड़ा करके नहीं रखना चाहिए। रात के समय झाड़ू का इस्तेमाल करने या उसे बेवजह छूने से बचना चाहिए। इसके अलावा घर के अंदर इस्तेमाल होने वाली झाड़ू का प्रयोग बाहर की सफाई के लिए नहीं करना चाहिए, दोनों के लिए अलग-अलग झाड़ू रखने की सलाह दी जाती है।













