कैलाश मानसरोवर यात्रा: भगवान शिव के इस पवित्र धाम तक पहुंचने का कठिन रास्ता और जरूरी बातेंगोविंदा ने सुनाया मां निर्मला देवी का दर्द भरा किस्सा, परिवार के लिए मुंडवा लिया था सिर और भौहेंनवंबर में इन 5 मूलांकों की चमकेगी किस्मत, अंकशास्त्र के अनुसार होगा चौतरफा लाभदिवाली बॉक्स ऑफिस के असली बादशाह अमिताभ बच्चन, सालों तक कोई नहीं तोड़ पाया था उनका यह रिकॉर्डबिना वैध वजह वैवाहिक संबंधों से लंबे समय तक दूरी बनाना मानसिक प्रताड़ना, राजस्थान हाईकोर्ट ने तलाक की डिक्री बरकरार रखीठंड के मौसम में ऊर्जा बनाए रखने के लिए घर पर तैयार करें सूजी और ड्राई फ्रूट्स के पौष्टिक लड्डूबिग बॉस 20 में लव गिल ने काशवी को दिया करारा जवाब, माही विज और आम्रपाली दुबे के बीच किचन में हुई तीखी जंगदीये की लौ पर टकटकी लगाकर देखने से क्या बदलता है? जानिए तनाव और अनिद्रा के लिए त्राटक क्रिया के फायदेसफर के दौरान सेहत का ऐसे रखें ख्याल, बैग में जरूर रखें ये 5 जरूरी चीजें31 अक्टूबर को गुरु और केतु के मिलन से बनेगा गणेश योग, इन पांच भाग्यशाली राशियों को मिलेगा राजयोग जैसा सुख
कार्तिक माह में करें ये छह विशेष उपाय, भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का मिलेगा आशीर्वादधर्म
28 अक्तू॰ 2026, 3:28 pm (2 घंटे पहले)· 0

कार्तिक माह में करें ये छह विशेष उपाय, भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का मिलेगा आशीर्वाद

हिंदू धर्म में कार्तिक मास का महीना बहुत पवित्र माना गया है। इस दौरान तुलसी पूजन, दीपदान और ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक महीने को सभी महीनों में अत्यंत शुभ, पवित्र और फलदायी माना गया है। यह पूरा महीना जगत के पालनहार भगवान विष्णु और धन की देवी माता लक्ष्मी की आराधना को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो भी श्रद्धालु इस पावन काल में ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करके नारायण की साधना करता है, उसे अपनी सभी इच्छाओं की पूर्ति का फल मिलता है। इसके साथ ही घर-परिवार में सुख-समृद्धि और संपन्नता का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है। इस विशेष माह में ही चातुर्मास का समापन भी होता है और देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु चार महीने की योग निद्रा से जागते हैं। इस पवित्र महीने में कुछ खास कर्म करने से भगवान विष्णु की असीम कृपा मिलती है।

तुलसी पूजन का महत्व

तुलसी का पौधा भगवान विष्णु को बेहद प्रिय है और उनकी कोई भी पूजा या भोग तुलसी दल के बिना कभी पूरी नहीं मानी जाती है। कार्तिक का पूरा महीना तुलसी की सेवा और आराधना के लिए सर्वोत्तम माना गया है। इस पूरे मास के दौरान नियमित रूप से यानी कुछ खास दिनों को छोड़कर सुबह के समय तुलसी के पौधे में जल अर्पित करना चाहिए। इसके पश्चात संध्या के समय तुलसी जी के समीप घी का दीपक प्रज्वलित करना अत्यंत शुभ होता है। इस सरल उपाय को करने से घर के धन-धान्य में बरकत होती है और परिसर से सारी नकारात्मक ऊर्जा हमेशा के लिए दूर हो जाती है।

ये भी पढ़ें

दान-पुण्य और परोपकार

इस पवित्र महीने में पूजा-पाठ, जप, तप और दान-पुण्य करने का विशेष धार्मिक महत्व बताया गया है। कार्तिक माह में हर व्यक्ति को अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार गरीब और जरूरतमंद लोगों को अन्न, धन, वस्त्र और अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान करना चाहिए। ऐसा करने से लक्ष्मी-नारायण की विशेष कृपा बरसती है और जीवन में कभी भी आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ता है।

ब्रह्म मुहूर्त में स्नान की परंपरा

इस पावन अवधि में ब्रह्म मुहूर्त के दौरान स्नान करने की परंपरा को बहुत खास माना गया है, जिसे मुख्य रूप से कार्तिक स्नान के नाम से भी जाना जाता है। इस पूरे महीने में सूर्योदय होने से पहले किसी भी पवित्र नदी में या फिर अपने घर पर ही पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान करना बेहद पुण्यदायी फल प्रदान करता है।

दीपदान से जीवन में उजाला

कार्तिक मास में दीपदान करने का विधान सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। इस पूरे महीने में पवित्र जलाशयों के आसपास, मंदिरों के परिसरों में, पीपल के पेड़ के नीचे और अपने घर के मुख्य द्वार पर नियमित रूप से दीपदान अवश्य करना चाहिए। इसके अलावा पीपल के पेड़ के नीचे और तुलसी के पौधे के पास भी दीया जलाना लाभकारी होता है। धार्मिक मान्यता कहती है कि ऐसा करने से जीवन में प्रकाश और समृद्धि का आगमन होता है तथा पूर्वजों का यानी पितरों का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है। आप अपनी सुविधा और श्रद्धा के अनुसार प्रतिदिन एक या उससे अधिक दीपक जला सकते हैं।

भगवान विष्णु की आराधना

कार्तिक माह में सच्चे मन, पूरी श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ भगवान विष्णु की उपासना करनी चाहिए। सुबह और शाम दोनों समय भगवान विष्णु के सामने दीपक जलाकर नारायण की पूजा संपन्न करें। इस दौरान विष्णु सहस्रनाम का पाठ, विष्णु चालीसा का पाठ और भगवान विष्णु के विभिन्न मंत्रों का जाप करना चाहिए। भगवान विष्णु को उनके प्रिय फल, फूल और अन्य पूजन सामग्री पूरी श्रद्धा के साथ अर्पित करें।

सात्विक आहार का पालन

पूरे कार्तिक महीने के दौरान केवल सात्विक भोजन का ही सेवन करना चाहिए। इस पूरे काल में किसी भी प्रकार की तामसिक चीजों से पूरी तरह दूर रहना बेहद आवश्यक है। कार्तिक मास में भूलकर भी मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन का सेवन बिल्कुल न करें। इन सभी तामसिक वस्तुओं के सेवन से पूरी तरह परहेज करना ही उत्तम रहता है।

कार्तिक मास की समय-सीमा

इस वर्ष कार्तिक महीने की शुरुआत 26 अक्टूबर 2026 से हुई थी। इस पवित्र मास का समापन 24 नवंबर के दिन कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर होगा। कार्तिक पूर्णिमा के दिन विधि-विधान से स्नान और दान करने से अक्षय पुण्यकारी फलों की प्राप्ति होती है।

सवाल-जवाब

कार्तिक माह की शुरुआत कब हुई थी?
इस साल कार्तिक माह का आरंभ 26 अक्टूबर 2026 से हुआ था।
कार्तिक मास का समापन कब होगा?
कार्तिक मास का समापन 24 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के दिन होगा।
कार्तिक महीने में किस पौधे की पूजा का विशेष महत्व है?
कार्तिक महीने में तुलसी के पौधे की पूजा और उसके पास दीपक जलाने का विशेष महत्व है।
कार्तिक स्नान किसे कहा जाता है?
कार्तिक मास में पवित्र नदियों या घर पर गंगाजल मिलाकर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने को कार्तिक स्नान कहा जाता है।
कार्तिक माह में खान-पान को लेकर क्या नियम बताए गए हैं?
इस पूरे महीने में केवल सात्विक भोजन का सेवन करना चाहिए और मांस, मदिरा, प्याज तथा लहसुन से परहेज करना चाहिए।
देवउठनी एकादशी का क्या महत्व है?
देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु चार महीने की योग निद्रा से जागते हैं और इसी के साथ चातुर्मास का समापन होता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Nyra Kaif@nyra-kaif·1 घंटे पहले

कार्तिक महीने में सुबह जल्दी उठकर तुलसी में दीया जलाना और दान-पुण्य करना सचमुच मन को शांति देता है। इन छोटे-छोटे रिवाजों से घर का माहौल कितना पॉजिटिव हो जाता है।

Rajesh Kumar@rajesh-kumar·1 घंटे पहले

नयारा जी, बिल्कुल सही कहा आपने। सुबह की ठंडी हवा में तुलसी के पास दीया जलाने से सच में बहुत सुकून मिलता है।

Li Wei@li-wei·1 घंटे पहले

कार्तिक महीने के ये उपाय और दीपदान सचमुच मन को शांति देते हैं। भागदौड़ भरी जिंदगी में थोड़ी आध्यात्मिक शांति भी जरूरी है।

Ananya Iyer@ananya-iyer·1 घंटे पहले

बिल्कुल सही कहा ली वे! मुझे दादी के साथ तुलसी के पास रोज शाम को दीया जलाना अब भी बहुत याद आता है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp