रिकॉर्ड संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालु
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में बसे केदारनाथ धाम में इस यात्रा सीजन में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। वीकेंड और सार्वजनिक छुट्टियों का असर धाम में साफ नजर आ रहा है, क्योंकि हर दिन देश के कोने-कोने से और विदेशों से भी तीर्थयात्री बाबा केदार के दरबार में हाजिरी देने पहुंच रहे हैं। गुरुवार शाम 5 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार इस सीजन में अब तक कुल 12 लाख 70 हजार 903 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
भक्तों को मिल रहा जीवन का सबसे अलौकिक अनुभव
केदारनाथ पहुंचे भक्तों के चेहरों पर एक अनोखी आस्था और श्रद्धा का भाव देखने को मिल रहा है। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि वर्षों से मन में बाबा के दर्शन की तमन्ना थी और उसका पूरा होना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। दर्शन के बाद अनेक भक्त भावविभोर हो गए और उन्होंने इस पल को अपनी जिंदगी का सबसे यादगार और आध्यात्मिक अनुभव बताया।
एक भक्त ने बताया कि नीचे से पैदल चढ़ाई करके जब बाबा के दरबार में पहुंचते हैं तो जो एहसास होता है, वो इस दुनिया से परे है, सचमुच अलौकिक। धाम में पहुंचे कई अन्य यात्रियों ने भी कहा कि यहां कदम रखते ही स्वर्ग जैसा महसूस होता है और यहां का माहौल पूरी तरह दिव्य है।
प्रशासन और मंदिर समिति की व्यवस्थाओं को मिली सराहना
यात्रा पर आए श्रद्धालुओं ने प्रशासन और मंदिर समिति की तैयारियों की खुलकर तारीफ की। उनका कहना है कि धाम में दर्शन की व्यवस्था, सुरक्षा का बंदोबस्त, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य बुनियादी सुविधाएं सभी संतोषजनक हैं। यात्रा बिना किसी बड़ी रुकावट के सुचारु रूप से संचालित हो रही है।
एक महिला श्रद्धालु ने बताया कि पैदल मार्ग पर थोड़ी-थोड़ी दूरी पर शौचालय और पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध है। रहने के लिए होटल भी किफायती दामों पर मिल रहे हैं, जिससे हर वर्ग के लोग इस पवित्र यात्रा का हिस्सा बन पा रहे हैं।
पैदल मार्ग पर घोड़ा-खच्चर संचालन को लेकर चिंता
बाकी सब कुछ अच्छा होने के बावजूद कुछ श्रद्धालुओं ने पैदल मार्ग पर घोड़े-खच्चरों की आवाजाही को लेकर गंभीर चिंता जताई। उनका कहना है कि कई जगहों पर जब घोड़े-खच्चर संकरे रास्ते से गुजरते हैं तो पैदल चल रहे तीर्थयात्रियों को धक्के लगते हैं और रास्ते में काफी असुविधा होती है।
इन श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि पैदल यात्रियों और घोड़ा-खच्चरों के लिए अलग रास्ते बनाए जाएं या कम से कम बेहतर प्रबंधन व्यवस्था लागू की जाए, ताकि यात्रा और ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक बन सके।













