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मेरठ में पांच राज्यों के अधिकारियों की बैठक, 2026 की कांवड़ यात्रा के लिए तय हुए सख्त नियमधर्म
22 जुल॰ 2026, 1:29 am (71 दिन पहले)· 0

मेरठ में पांच राज्यों के अधिकारियों की बैठक, 2026 की कांवड़ यात्रा के लिए तय हुए सख्त नियम

मेरठ में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड और राजस्थान के अधिकारियों की बैठक में कांवड़ यात्रा 2026 के लिए सुरक्षा, यातायात और शिविरों से जुड़े कड़े नियम तय किए गए हैं.

कांवड़ यात्रा 2026 को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने के लिए प्रशासन ने अभी से कमर कस ली है. मेरठ में हुई एक अहम बैठक में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड और राजस्थान के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए, जहां यात्रा को लेकर पूरी कार्ययोजना पर मंथन हुआ. डीजीपी के निर्देश पर पूरे रूट के लिए कई सख्त इंतजाम तय किए गए हैं, जिनमें सुरक्षा से लेकर श्रद्धालुओं की सुविधा तक हर पहलू को शामिल किया गया है.

मीट और शराब की दुकानें बंद, ड्रोन और हेलिकॉप्टर से नजर

बैठक में तय हुआ कि कांवड़ यात्रा के दौरान पूरे रूट पर मीट और शराब की दुकानें पूरी तरह बंद रखी जाएंगी. सुरक्षा को लेकर कोई कोताही न हो, इसके लिए यात्रा मार्ग की निगरानी हेलिकॉप्टर, ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जाएगी, ताकि किसी भी असामान्य गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सके.

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भारी वाहनों पर रोक, कांवड़ियों के लिए अलग लेन

यात्रा के दौरान शहरी क्षेत्रों में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी, जिससे भीड़भाड़ वाले इलाकों में हादसों का खतरा कम हो सके. सड़क पर एक लेन पूरी तरह कांवड़ियों के लिए आरक्षित रखी जाएगी, जबकि दूसरी लेन से छोटे वाहनों को गुजरने की इजाजत होगी. इससे आम लोगों की आवाजाही भी बाधित नहीं होगी.

शिविरों में खाने की जांच और डीजे के नियम

कांवड़ सेवा शिविरों में भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को खराब या मिलावटी खाना न परोसा जाए. यात्रा के साथ चलने वाले डीजे की आवाज 75 डेसिबल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए, और डीजे की ऊंचाई भी 12 फीट से अधिक नहीं रखी जाएगी. इसके अलावा डाक कांवड़ में रेस न कराने के भी सख्त निर्देश दिए गए हैं, जिससे तेज रफ्तार के चलते होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके.

सुरक्षा एजेंसियां रहेंगी पूरी तरह सक्रिय

यात्रा के दौरान डॉग स्क्वाड, बम निरोधक दस्ता, आईबी, खुफिया विभाग और एलआईयू की टीमों को भी सक्रिय रखा जाएगा, ताकि किसी भी खतरे से पहले ही निपटा जा सके. इन एजेंसियों की मौजूदगी से पूरे रूट पर चौकसी और बढ़ जाएगी.

शिविरों के निर्माण मानक और अन्य सुविधाएं

कांवड़ियों के लिए बनने वाले शिविरों को तय मानकों के अनुसार ही तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही कांवड़ रूट पर हर जगह लाइटिंग, पानी की निकासी और अन्य जरूरी सुविधाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा कराने को कहा गया है. अगर किसी कारण से किसी श्रद्धालु का कांवड़ खंडित हो जाता है, तो उसे तत्काल गंगा जल उपलब्ध कराए जाने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि उसकी यात्रा बाधित न हो.

सवाल-जवाब

कांवड़ यात्रा 2026 के नियम कहां तय किए गए?
मेरठ में हुई बैठक में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड और राजस्थान के अधिकारियों ने मिलकर यह नियम तय किए.
क्या यात्रा के दौरान मीट और शराब की दुकानें खुली रहेंगी?
नहीं, डीजीपी के निर्देश के अनुसार पूरे कांवड़ रूट पर मीट और शराब की दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी.
डीजे के लिए क्या नियम तय हुए हैं?
डीजे की आवाज 75 डेसिबल से ज्यादा और ऊंचाई 12 फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए.
अगर किसी का कांवड़ खंडित हो जाए तो क्या होगा?
ऐसी स्थिति में श्रद्धालु को तत्काल गंगा जल उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं.
यात्रा मार्ग की निगरानी कैसे की जाएगी?
पूरे रूट की निगरानी हेलिकॉप्टर, ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जाएगी.
क्या शहरी इलाकों में भारी वाहन चल सकेंगे?
नहीं, यात्रा के दौरान शहरी क्षेत्रों में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी.
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