सस्ते कबाड़ के झांसे में 9 लाख की डकैती, 12 जिलों में 1300 किमी पीछा कर दबोचे गए 7 बदमाशपितृ पक्ष में लोहे के बर्तनों और दान से क्यों बचना चाहिए, जानिए धार्मिक कारणशारदीय नवरात्र से पूर्व उत्तराभाद्रपद में शनि का प्रवेश, सप्तम भाव के गोचर से साझेदारी और कारोबार पर असरसपोटरा के गज्जूपुरा में राज्य स्तरीय खो-खो टूर्नामेंट का आगाज, 86 टीमों की 1032 छात्राएं दिखाएंगी दमउत्तर भारत से मानसून की विदाई तेज, पूर्वोत्तर और दक्षिण के राज्यों में भारी बारिश का अलर्टनोंगस्टोइन स्टाफ नर्स भर्ती विवाद: वीपीपी ने एमडीसी के हस्तक्षेप को ठहराया सही, निष्पक्ष जांच की उठाई मांगअजमेर में बस चालक से मारपीट पर रोडवेज कर्मियों का फूटा गुस्सा, अंबेडकर सर्किल पर बसें रोक लगाया जामबालाघाट में रहस्यमयी बीमारी के बाद हरकत में प्रशासन, 50 गांवों में 43 हजार से अधिक लोगों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षणवोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के नियमों में बदलाव, कई राज्यों में फॉर्म-6 से हटी एसआईआर घोषणापंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से अमरिंदर सिंह राजा वारिंग की हो सकती है छुट्टी, विजय इंदर सिंगला सबसे आगे
राधा अष्टमी 2026: बरसाना की अधिष्ठात्री राधारानी का प्राकट्य कब हुआ और जन्माष्टमी से कैसे है अलगधर्म
18 सित॰ 2026, 7:43 pm (12 दिन पहले)· 2

राधा अष्टमी 2026: बरसाना की अधिष्ठात्री राधारानी का प्राकट्य कब हुआ और जन्माष्टमी से कैसे है अलग

वर्ष 2026 में 19 सितंबर को राधा अष्टमी का पावन पर्व मनाया जाएगा। जानिए इस दिन की तिथियां, पूजा का सही समय और श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव से इसका अंतर।

सनातन संस्कृति में भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि का विशेष महत्व माना गया है क्योंकि इसी पावन पावन वेला में राधारानी का प्राकट्य उत्सव मनाया जाता है। ब्रज मंडल की अधिष्ठात्री देवी मानी जाने वाली राधारानी का यह जन्मोत्सव बरसाना समेत पूरे उत्तर भारत में अत्यंत हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया जाता है। श्रद्धालु इस दिन उपवास रखकर विधि-विधान के साथ भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी की आराधना करते हैं।

पूजा और तिथि का सही समय

पंचांग के अनुसार अष्टमी तिथि 18 सितंबर को दोपहर करीब 1 बजे आरंभ होगी और इसका समापन 19 सितंबर को दोपहर 3 बजकर 26 मिनट पर होगा। उदयातिथि की मान्यता के अनुसार राधा अष्टमी का व्रत 19 सितंबर दिन शनिवार को रखा जाएगा। खास बात यह है कि इसी दिन से सोलह दिनों तक चलने वाला महालक्ष्मी व्रत भी शुरू हो जाएगा। मंदिरों और घरों में पूजा का मुख्य समय मध्याह्न काल यानी दोपहर का वक्त होता है।

ये भी पढ़ें

कब और कैसे हुआ था प्राकट्य

भक्तों के मन में अक्सर यह जिज्ञासा रहती है कि जिस प्रकार भगवान कृष्ण का जन्म मध्यरात्रि को हुआ था, उसी प्रकार राधारानी का अवतरण किस पहर में हुआ था। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राधारानी का प्राकट्य बरसाना के समीप स्थित रावल गांव में हुआ था। विभिन्न वैष्णव परंपराओं और मान्यताओं में उनके प्रकट होने का समय दोपहर का माना गया है। यही कारण है कि राधा अष्टमी के पावन अवसर पर देश के प्रमुख मंदिरों में दोपहर के समय विशेष अभिषेक और जन्मोत्सव के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यह पर्व कृष्ण जन्माष्टमी के ठीक पंद्रह दिन बाद आता है।

नाम और तिथियों का अंतर

कई लोग राधा अष्टमी और राधा जन्माष्टमी को एक ही मान लेते हैं जबकि इनमें स्पष्ट अंतर होता है। राधारानी के प्रकट होने की तिथि होने के कारण इसे आधिकारिक तौर पर राधा अष्टमी कहा जाता है, हालांकि आम बोलचाल में कई लोग इसे राधा जन्माष्टमी भी कह देते हैं। दूसरी ओर भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है जो भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को पड़ता है। इस प्रकार दोनों पर्व अलग तिथियों और भावों से जुड़े हैं। ब्रज क्षेत्र में इन दिनों गूंजने वाले पारंपरिक भजन और जयकारे पूरे माहौल को भक्तिमय बना देते हैं।

सवाल-जवाब

राधा अष्टमी 2026 कब मनाई जाएगी?
राधा अष्टमी का पर्व 19 सितंबर 2026 को शनिवार के दिन मनाया जाएगा।
अष्टमी तिथि कब से कब तक है?
अष्टमी तिथि 18 सितंबर को दोपहर करीब 1 बजे शुरू होगी और 19 सितंबर को दोपहर 3 बजकर 26 मिनट पर समाप्त होगी।
राधारानी का जन्म किस समय माना जाता है?
धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार राधारानी का प्राकट्य दोपहर के समय हुआ था।
राधा अष्टमी और कृष्ण जन्माष्टमी में क्या अंतर है?
कृष्ण जन्माष्टमी भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मध्यरात्रि मनाई जाती है जबकि राधा अष्टमी शुक्ल पक्ष की अष्टमी को दोपहर में मनाई जाती है।
राधा अष्टमी के दिन कौन सा अन्य व्रत शुरू होता है?
इसी दिन से 16 दिन का महालक्ष्मी व्रत भी प्रारंभ हो जाता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp