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श्रीराम जन्मभूमि परिसर में नए सीईओ की तैनाती, सीसीटीवी फुटेज 190 दिनों तक रहेगा सुरक्षितधर्म
9 सित॰ 2026, 4:11 pm (21 दिन पहले)· 2

श्रीराम जन्मभूमि परिसर में नए सीईओ की तैनाती, सीसीटीवी फुटेज 190 दिनों तक रहेगा सुरक्षित

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र की नियुक्ति के साथ प्रशासनिक मॉडल में बड़े बदलाव लागू किए गए हैं, जिसमें 190 दिनों तक सीसीटीवी फुटेज सहेजने का नियम शामिल है।

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की दैनिक प्रशासनिक और व्यवस्थापकीय गतिविधियों को बेहतर बनाने के लिए एक नया प्रशासनिक मॉडल लागू किया जा रहा है। मंदिर ट्रस्ट के इतिहास में पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी अर्थात सीईओ के पद पर पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र की नियुक्ति की गई है। इस नई व्यवस्था के तहत मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं से लेकर सुरक्षा और वित्तीय प्रबंधन तक की हर गतिविधि पर बारीक नजर रखी जाएगी। प्रशासनिक संचालन को पूरी तरह पेशेवर, पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाना इस नए ढांचे का मुख्य उद्देश्य है।

प्रशासनिक कार्यों का दायरा और श्रद्धालुओं की सुविधाएं

नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी के कार्यक्षेत्र में मंदिर की दैनिक व्यवस्थाओं के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां शामिल की गई हैं। इसमें दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाना, रामभक्तों को मिलने वाली सुविधाओं में सुधार करना, मंदिर परिसर के कर्मचारियों का प्रबंधन और वित्तीय लेनदेन की निगरानी करना शामिल है। इसके अलावा खरीद प्रक्रिया, टेंडर जारी करने के नियम, विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के साथ आपसी समन्वय, सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी सिस्टम का संचालन और निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा जैसे कार्य भी सीईओ की देखरेख में संपन्न होंगे। जारी परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए उनकी प्रगति की नियमित रूप से निगरानी की जाएगी।

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इसी प्रशासनिक सुधार के तहत धार्मिक अनुष्ठानों और परंपराओं के संबंध में एक स्पष्ट विभाजन रखा गया है। सीईओ का ध्यान केवल प्रशासनिक, वित्तीय, ढांचागत और प्रबंधन संबंधी कार्यों पर केंद्रित रहेगा। दूसरी तरफ, मंदिर की पूजा पद्धति, धार्मिक अनुष्ठान, विशेष पर्वों के आयोजन और परंपराओं से जुड़े सभी अंतिम फैसले धार्मिक समिति के अधिकार क्षेत्र में ही बने रहेंगे।

दान पेटी की गणना और सुरक्षा व्यवस्था में कड़े बदलाव

मंदिर की दान और चढ़ावे से जुड़ी वित्तीय व्यवस्था को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने के लिए विशेष निगरानी ढांचा तैयार किया गया है। दान पेटियों से नकदी की गणना करने वाले स्थान से लेकर बैंक खाते में राशि जमा होने तक की पूरी प्रक्रिया को अब कैमरों की सीधी निगरानी में रखा जाएगा। बैंक तक नकदी ले जाने के लिए एक व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा ताकि प्रत्येक लेनदेन की पूरी जवाबदेही तय की जा सके। दान की गिनती करने के कार्य में कुल 43 कर्मचारियों को तैनात करने की संख्या निर्धारित की गई है।

इन सभी कर्मचारियों की जवाबदेही बढ़ाने के लिए एक विशेष ड्रेस कोड लागू करने का निर्णय लिया गया है। गणना स्थल पर कर्मचारियों के प्रवेश करने और बाहर निकलने वाले रास्तों पर भी वीडियो कैमरों से नजर रखी जाएगी। इसके साथ ही मंदिर की सुरक्षा और वित्तीय पारदर्शिता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सीसीटीवी फुटेज के रिकॉर्डिंग समय में बड़ा बदलाव किया गया है। पहले जहां सीसीटीवी फुटेज को केवल 45 दिनों तक सुरक्षित रखा जाता था, वहीं अब इस समयावधि को बढ़ाकर 190 दिनों तक सुरक्षित रखने का नया नियम लागू किया जा रहा है।

नवनियुक्त सीईओ की योजना और रामभक्तों से अपील

इस बड़ी जिम्मेदारी को संभालने के बाद पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र ने मंदिर की वर्तमान कार्यप्रणाली का अध्ययन शुरू कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अभी पूरे प्रशासनिक तंत्र और दैनिक संचालन प्रक्रियाओं को गहराई से समझ रहे हैं। ट्रस्ट से मिलने वाले दिशा निर्देशों और सुझावों के आधार पर एक मजबूत टीम के साथ आगे की विस्तृत रणनीति तैयार की जाएगी। योजना पूरी तरह तैयार होने के बाद ही इसे धरातल पर लागू किया जाएगा, जिसके सकारात्मक परिणाम आने वाले समय में श्रद्धालुओं को दिखाई देने लगेंगे।

जितेंद्र मिश्र ने इस दायित्व को भगवान का आशीर्वाद बताते हुए देश विदेश के रामभक्तों से सहयोग, विश्वास और आशीर्वाद की प्रार्थना की है। उनका मानना है कि वर्तमान व्यवस्थाओं के पूर्ण विश्लेषण के बाद ही आगामी रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा ताकि राम मंदिर का प्रबंधन वैश्विक मानकों के अनुरूप संचालित किया जा सके।

सवाल-जवाब

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) कौन बने हैं?
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को नियुक्त किया गया है।
मंदिर का सीसीटीवी फुटेज अब कितने दिनों तक सुरक्षित रखा जाएगा?
नए नियम के अनुसार मंदिर के सीसीटीवी फुटेज को 45 दिनों की जगह अब 190 दिनों तक सुरक्षित रखा जाएगा।
दान गणना प्रक्रिया में कितने कर्मचारियों को शामिल किया गया है?
दान और चढ़ावे की गणना के लिए कुल 43 कर्मचारियों की संख्या निर्धारित की गई है, जो विशेष ड्रेस कोड का पालन करेंगे।
क्या सीईओ धार्मिक अनुष्ठानों और परंपराओं के निर्णय भी लेंगे?
नहीं, धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पद्धति और परंपराओं से जुड़े सभी फैसले पूर्ववत धार्मिक समिति के दायरे में ही रहेंगे।
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