अंटार्कटिका में अभी सर्दियों का मौसम है, यानी वह समय जब महाद्वीप के चारों ओर समुद्री बर्फ तेजी से फैलती है और सितंबर तक अपने चरम पर पहुंचती है। लेकिन इस बार सैटेलाइट तस्वीरों ने एक हैरान करने वाली तस्वीर दिखाई है। अंटार्कटिक प्रायद्वीप के पश्चिमी हिस्से में स्थित बेलिंग्सहॉसन सागर, जो जून तक आम तौर पर बर्फ से ढका रहता है, इस साल लगभग पूरी तरह बर्फ से खाली पड़ा है।
कितनी बर्फ गायब है
वैज्ञानिकों के अनुसार 1991 से 2020 के औसत की तुलना में इस क्षेत्र में करीब 650,000 वर्ग किलोमीटर (250,000 वर्ग मील) समुद्री बर्फ कम है। यह इतना बड़ा इलाका है जितना लगभग पूरा फ्रांस, और तस्मानिया से करीब दस गुना बड़ा।
पूरे महाद्वीप के स्तर पर देखें तो 10 जून को महाद्वीप के चारों ओर लगभग 11.4 मिलियन वर्ग किलोमीटर समुद्री बर्फ थी, जबकि उस तारीख का दीर्घकालिक औसत 12.6 मिलियन वर्ग किलोमीटर रहा है।
"यह खत्म हो चुका है"
तस्मानिया विश्वविद्यालय में अंटार्कटिक समुद्री बर्फ के विशेषज्ञ और ऑस्ट्रेलियन अंटार्कटिक प्रोग्राम पार्टनरशिप से जुड़े डॉ. विल हॉब्स ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई।
"मैं चिंतित हूं। यह निराशाजनक है," उन्होंने कहा। "यह उल्लेखनीय है कि हम जून में हैं, और वहां कोई समुद्री बर्फ नहीं है।"
हॉब्स ने बताया कि बीते चार साल में यह तीसरी बार है जब इस क्षेत्र में समुद्री बर्फ बहुत कम रही है। उन्होंने दो टूक कहा, "मुझे नहीं लगता कि अब हमें वहां समुद्री बर्फ दिखाई देगी। यह खत्म हो चुका है।" उनके मुताबिक बर्फ का यह नुकसान संभवतः समुद्र में हो रहे बदलावों से जुड़ा है, और वैज्ञानिक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या वैश्विक तापन भी इसकी एक वजह है।
क्रिल और समुद्री जीवन पर असर
हॉब्स ने रेखांकित किया कि यह इलाका क्रिल के लिए बेहद अहम है, जो इस क्षेत्र की प्रजातियों के खाद्य जाल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। सर्दियों में क्रिल आम तौर पर बर्फ के नीचे शिकारियों से छिपे रहते हैं और वहीं शैवाल पर पलते हैं।
ग्लेशियर और समुद्र स्तर का खतरा
ऑस्ट्रेलिया के मौसम विभाग में अंटार्कटिक परिस्थितियों की निगरानी करने वाले डॉ. फिल रीड ने कहा कि बीते कुछ वर्षों में बेलिंग्सहॉसन सागर ने सर्दी और गर्मी दोनों में "अविश्वसनीय रूप से खुला तटीय इलाका" देखा है।
उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र के ठीक पश्चिम में Pine Island और Thwaites ग्लेशियर हैं, जो महाद्वीप से बर्फ के नुकसान और समुद्र स्तर बढ़ने में सबसे बड़े योगदानकर्ता माने जाते हैं। रीड के अनुसार अगर सुरक्षात्मक समुद्री बर्फ लंबे समय तक गायब रहती है, तो इन ग्लेशियरों के सामने तैरती बर्फ की परतें (आइस शेल्फ) तेजी से टूट सकती हैं। इससे ग्लेशियरों से बर्फ का नुकसान और तेज हो सकता है, जो भविष्य में दुनिया भर में समुद्र का स्तर बढ़ा देगा।
पेंगुइन के लिए संकट
बेलिंग्सहॉसन सागर का तट साल 2022 के अंत में एक त्रासदी का गवाह बना था, जब चार कॉलोनियों में "विनाशकारी प्रजनन विफलता" के दौरान हजारों एम्परर पेंगुइन के चूजों की मौत हो गई थी। इसी घटना के चलते इस साल की शुरुआत में संयुक्त राष्ट्र के सलाहकारों ने इस प्रजाति को अंतरराष्ट्रीय संकटग्रस्त प्रजाति सूची में दो श्रेणियां ऊपर बढ़ाकर "लुप्तप्राय" घोषित कर दिया।
ब्रिटिश अंटार्कटिक सर्वे के वैज्ञानिक डॉ. पीटर फ्रेटवेल, जो लंबे समय से पेंगुइन की घटती संख्या का दस्तावेजीकरण कर रहे हैं, ने कहा कि इस क्षेत्र में समुद्री बर्फ का मौजूदा नुकसान "पेंगुइनों, खासकर एम्परर के लिए एक गंभीर समस्या है।"
"समुद्री बर्फ बहुत देर से बन रही है और बहुत जल्दी टूट रही है। इससे प्रजनन की सफलता घटती है और पंख बदलने वाले स्थानों तक लंबी यात्राएं करनी पड़ती हैं।"
फ्रेटवेल ने यह भी बताया कि एडेली पेंगुइन की संख्या भी घट रही है, और स्थिर बर्फ ढूंढने के लिए केकड़ा खाने वाली सील (crabeater seal) को गर्मियों में पलायन करने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
लू और बर्फ की कमी का रिश्ता
इसी महीने अंटार्कटिक प्रायद्वीप ने कई दिनों तक तापमान में भारी उछाल देखा। हॉब्स ने कहा कि भले ही "किसी ने अभी आंकड़े नहीं निकाले हैं," पर यह मानना उचित है कि यह लू "समुद्री बर्फ की कमी से और बदतर हुई।" उनके मुताबिक समुद्री बर्फ आम तौर पर उत्तर से इस क्षेत्र में आने वाली किसी भी गर्म हवा को ठंडा करने में मदद करती है।
अर्जेंटीना की राष्ट्रीय मौसम सेवा, Servicio Meteorológico Nacional के अधिकारियों ने बताया कि प्रायद्वीप के उत्तर-पूर्वी सिरे पर स्थित देश के Esperanza बेस पर एक "चरम तापमान घटना" दर्ज की गई, जो 5 और 6 जून को अपने उच्चतम स्तर पर पहुंची। यहां क्रमशः 15.4 डिग्री सेल्सियस और 13.4 डिग्री सेल्सियस का अधिकतम तापमान दर्ज किया गया, जबकि इस समय औसत दैनिक अधिकतम तापमान शून्य से 6.2 डिग्री सेल्सियस नीचे रहता है। पिछली बार इस बेस पर जून का तापमान रिकॉर्ड 13.3 डिग्री सेल्सियस था, जो 12 जून 1998 को बना था। गौरतलब है कि बीते हफ्ते महाद्वीप के प्रायद्वीप पर दिन का तापमान 15.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो औसत से 20 डिग्री सेल्सियस से भी ज्यादा है।













