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हर गोल पर कांप उठती है बर्गेन की ज़मीन, नॉर्वे के मैचों में भूकंप मापने वाली मशीन ने पकड़े अजीब झटकेविज्ञान
2 घंटे पहले· 3

हर गोल पर कांप उठती है बर्गेन की ज़मीन, नॉर्वे के मैचों में भूकंप मापने वाली मशीन ने पकड़े अजीब झटके

नॉर्वे के बर्गेन शहर में लगे एक बेहद संवेदनशील सीस्मोमीटर ने वर्ल्ड कप के दौरान नॉर्वे की टीम के हर गोल पर ज़मीन में हलचल दर्ज की, जिसे वैज्ञानिकों ने शहर की 'ऊर्जा' का सबूत बताया।

Ravikash GuptaRavikash GuptaSenior Correspondent 2 मिनट पढ़ें AI के लिए
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भूकंप मापने वाले उपकरण आम तौर पर ज़मीन के नीचे होने वाली हलचल और भूकंपीय तरंगों को रिकॉर्ड करने के लिए लगाए जाते हैं। लेकिन इस बार वर्ल्ड कप के दौरान बर्गेन में कुछ अलग ही नज़ारा देखने को मिला। यूनिवर्सिटी ऑफ बर्गेन के कैंपस के एक बेसमेंट में रखे सीस्मोमीटर ने नॉर्वे की टीम के मैचों के दौरान ऐसे अजीब संकेत दर्ज किए, जो आम तौर पर भूकंप के वक्त ही दिखते हैं। खास बात यह है कि यह उपकरण इतना संवेदनशील है कि एक मिलीमीटर के दस लाखवें हिस्से जितनी छोटी हलचल को भी पकड़ सकता है।

वैज्ञानिकों ने क्या कहा

प्रोफेसर माथिल्डे सोरेनसन और प्रोफेसर लार्स ओटेमोलर ने अपने नतीजों के साथ जारी एक बयान में कहा कि यह हलचल इस बात का सबूत है कि बर्गेन एक जीवंत शहर है, जिसमें ढेर सारी ऊर्जा भरी हुई है। उन्होंने अपने बयान का अंत बड़े ही जोश के साथ किया, गो बर्गेन, और गो नॉर्वे।

हालैंड के गोल पर साफ दिखे झटके

यूनिवर्सिटी ऑफ बर्गेन की टीम को सबसे पहले यह अजीब संकेत 17 जून को इराक के खिलाफ हुए मुकाबले में नज़र आए। इस मैच में नॉर्वे की टीम ने 4-1 से जीत दर्ज की थी। उपकरण पर दर्ज हुई हलचल उस वक्त और भी ज़्यादा साफ हो गई, जब स्ट्राइकर अर्लिंग हालैंड ने अपने दो में से एक गोल दागा।

इसके कुछ ही दिन बाद, 22 और 23 जून की दरमियानी रात नॉर्वे ने सेनेगल को 3-2 से हराया। इस मैच में भी वही सिलसिला दोहराया गया। नॉर्वे का हर गोल सीस्मोमीटर के आंकड़ों में पहचाने जाने लायक झटकों के रूप में दर्ज हुआ।

आखिर ज़मीन क्यों हिलती है

वैज्ञानिकों के मुताबिक जब हजारों लोग एक साथ चीखते, उछलते और शोर मचाते हैं, तो वे काफी मात्रा में ऊर्जा पैदा करते हैं। यह ऊर्जा इमारतों के रास्ते होते हुए ज़मीन तक पहुंच जाती है। यानी इस बार वर्ल्ड कप के दौरान बर्गेन में लोगों का सामूहिक जोश वैज्ञानिक रूप से नापा जा सका। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब खेल आयोजनों, कॉन्सर्ट या ऐसे ही बड़े जमावड़ों की हलचल इस तरह पकड़ी गई हो, लेकिन बर्गेन शहर का यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि धरती का अध्ययन करने के लिए बने उपकरण भी इंसानी गतिविधियों को कैसे रिकॉर्ड कर लेते हैं।

सवाल-जवाब

बर्गेन में सीस्मोमीटर ने आखिर क्या रिकॉर्ड किया?
इसने वर्ल्ड कप के दौरान नॉर्वे की टीम के हर गोल पर ज़मीन में होने वाली हल्की हलचल को दर्ज किया।
यह उपकरण कितना संवेदनशील है?
यह एक मिलीमीटर के दस लाखवें हिस्से जितनी छोटी हलचल को भी पकड़ सकता है।
ज़मीन के झटके सबसे पहले किस मैच में देखे गए?
17 जून को इराक के खिलाफ हुए मुकाबले में, जिसे नॉर्वे ने 4-1 से जीता था।
अर्लिंग हालैंड का इससे क्या जुड़ाव है?
इराक वाले मैच में जब हालैंड ने अपने दो में से एक गोल किया, तब उपकरण पर हलचल और भी साफ नज़र आई।
सेनेगल के खिलाफ क्या हुआ?
22 और 23 जून की रात नॉर्वे ने सेनेगल को 3-2 से हराया, और उसका हर गोल फिर से सीस्मोमीटर में दर्ज हुआ।
ज़मीन हिलने की वजह क्या है?
जब हजारों लोग एक साथ उछलते और शोर मचाते हैं, तो पैदा हुई ऊर्जा इमारतों के रास्ते ज़मीन तक पहुंचती है।
#विज्ञान#बर्गेनसीस्मोमीटर#नॉर्वेफुटबॉल#अर्लिंगहालैंड#वर्ल्डकप#यूनिवर्सिटीऑफबर्गेन#भूकंपमापी

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